R त्रिज्या और N फेरों वाली एक वृत्ताकार कुंडली में स्थिर धारा I प्रवाहित हो रही है। कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय प्रेरण 0.1 टेस्ला है। यदि फेरों की संख्या दोगुनी और त्रिज्या आधी कर दी जाए, तो कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय प्रेरण का सही मान निम्नलिखित में से कौन-सा होगा?
- A.0.05 टेस्ला
- B.0.2 टेस्ला
- C.0.4 टेस्ला
- D.0.8 टेस्ला
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 0.4 टेस्ला। कुंडली के केंद्र पर क्षेत्र फेरों की संख्या के अनुक्रमानुपाती और त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती होता है, इसलिए N दोगुना और R आधा करने से यह चार गुना हो जाता है।
वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀NI / 2R होता है। फेरे दोगुने करने से B दोगुना होता है, और त्रिज्या आधी करने से फिर दोगुना, इसलिए धारा वही रहने पर नया क्षेत्र 2 × 2 × 0.1 = 0.4 टेस्ला होगा। इसी कारण विद्युत चुंबकों में छोटी त्रिज्या के बहुत से घने फेरे लपेटे जाते हैं, ताकि कम धारा से भी प्रबल क्षेत्र मिले। टेस्ला चुंबकीय क्षेत्र की SI इकाई है, जिसका नाम निकोला टेस्ला पर रखा गया है।
A गलत है, क्योंकि 0.05 टेस्ला का अर्थ होगा कि क्षेत्र आधा हो गया, जो केवल R दोगुना या N आधा करने पर होता। B गलत है, क्योंकि 0.2 टेस्ला में दोनों में से केवल एक परिवर्तन गिना गया है। D गलत है, क्योंकि 0.8 टेस्ला के लिए आठ गुना वृद्धि चाहिए, जो इन परिवर्तनों से नहीं मिलती।
Exam tip: कुंडली के केंद्र पर B = μ₀NI/2R, इसलिए B ∝ N और B ∝ 1/R।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किसने 1698 में खानों से पानी निकालने के लिए 'माइनर्स फ्रेंड' नामक भाप इंजन का मॉडल बनाया था?
- A.थॉमस सेवरी
- B.थॉमस न्यूकॉमन
- C.जेम्स वॉट
- D.रिचर्ड आर्कराइट
उत्तर देखें
अंग्रेज इंजीनियर थॉमस सेवरी ने 1698 में एक भाप पंप का पेटेंट कराया और इसे 'माइनर्स फ्रेंड' कहा, क्योंकि यह पानी से भरी खानों से पानी बाहर निकालने के लिए बनाया गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →20 Ω प्रतिरोध वाले एक धात्विक तार को लंबाई में दो बराबर भागों में काटा जाता है। फिर इन भागों को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। इस समांतर संयोजन का प्रतिरोध कितना होगा?
- A.20 Ω
- B.10 Ω
- C.5 Ω
- D.15 Ω
उत्तर देखें
तार के प्रत्येक आधे भाग का प्रतिरोध 10 Ω है, और समांतर क्रम में जुड़े दो 10 Ω प्रतिरोधों का कुल प्रतिरोध 5 Ω होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) मानव दृष्टि का वह दोष है जिसमें किसका प्रतिबिंब बनता है?
- A.पास की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के पीछे फोकस होता है।
- B.पास की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के आगे फोकस होता है।
- C.दूर की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के आगे फोकस होता है।
- D.दूर की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के पीछे फोकस होता है।
उत्तर देखें
निकट दृष्टि दोष में व्यक्ति पास की वस्तुएँ साफ देखता है, लेकिन दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखती हैं, क्योंकि उनका प्रतिबिंब रेटिना के आगे बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक समांगी मिश्रण में दो द्रव हैं। उन्हें कैसे अलग किया जाता है?
- A.निस्यंदन (छानने) द्वारा
- B.वाष्पीकरण द्वारा
- C.आसवन द्वारा
- D.संघनन द्वारा
उत्तर देखें
समांगी मिश्रण बनाने वाले दो मिश्रणीय द्रवों को आसवन से अलग किया जाता है, जो उनके क्वथनांकों के अंतर पर आधारित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उपास्थि (कार्टिलेज) निम्नलिखित में से किसमें नहीं पाई जाती?
- A.स्वरयंत्र (लैरिंक्स)
- B.नाक
- C.कान
- D.मूत्राशय
उत्तर देखें
मूत्राशय चिकनी पेशियों और फैलने वाली भीतरी परत से बनी एक खोखली पेशीय थैली है; इसमें उपास्थि नहीं होती। उपास्थि एक दृढ़ लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है।
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