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GK24
सामान्य विज्ञानआसान

पुल पार करते समय सैनिकों को कदमताल तोड़ने के लिए कहा जाता है, जिससे बचा जा सके

  1. A.अवमंदन से
  2. B.अनुनाद से
  3. C.व्यतिकरण से
  4. D.अपवर्तन से

सही उत्तर

B. अनुनाद से

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुनाद है। यदि सैनिकों के लयबद्ध कदमों की आवृत्ति संयोग से पुल की स्वाभाविक आवृत्ति के बराबर हो जाए, तो पुल अपनी ही आवृत्ति पर प्रणोदित होकर इतने बड़े आयाम से कंपन कर सकता है कि वह टूट जाए; कदमताल तोड़ने से यह लय समाप्त हो जाती है और संकट टल जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अवमंदन वह क्रमिक ऊर्जा ह्रास है, जिससे दोलन धीरे-धीरे समाप्त होते हैं; यह रक्षा करता है, संकट नहीं बनता। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्यतिकरण दो तरंगों के मिलने से बनने वाली घटना है, जिसका सैनिकों के चलने से संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अपवर्तन एक माध्यम से दूसरे में जाते समय तरंग का मुड़ना है। अनुनाद से ही रेडियो का समस्वरण और कांच का टूटना भी समझाया जाता है।

पूरा लेख पढ़ें: दोलन: सरल आवर्त गति और सरल लोलक के नोट्स

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 29 May 2022आसान

यदि कोई कण सरल आवर्त गति कर रहा है, तो माध्य स्थिति पर उसका वेग _________ होता है।

  1. A.अधिकतम
  2. B.शून्य
  3. C.न्यूनतम
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अधिकतम

सरल आवर्त गति में वेग ω√(A² - x²) होता है। माध्य स्थिति पर विस्थापन x शून्य होता है, अत: वेग अपने अधिकतम मान Aω पर पहुंच जाता है; इसी कारण गतिज ऊर्जा भी वहीं सर्वाधिक होती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2018 Official Paperमध्यम

एक बच्चा झूले पर बैठा है। भूमि से उसकी न्यूनतम और अधिकतम ऊंचाई क्रमश: 0.75 मीटर तथा 2 मीटर है। उसकी अधिकतम चाल होगी

  1. A.10 मी/से
  2. B.5 मी/से
  3. C.8 मी/से
  4. D.15 मी/से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5 मी/से

झूला एक लोलक की तरह है और उसकी चाल निम्नतम बिंदु पर सर्वाधिक होती है, जहां ऊपर प्राप्त सारी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

सरल लोलक का आवर्तकाल निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता?

  1. A.लोलक की लंबाई
  2. B.गोलक का द्रव्यमान
  3. C.गुरुत्वीय त्वरण
  4. D.इन सभी पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गोलक का द्रव्यमान

सरल लोलक का आवर्तकाल T = 2π√(l/g) होता है, जिसमें गोलक का द्रव्यमान कहीं नहीं आता; समान लंबाई के भारी और हल्के गोलक एक ही समय देते हैं, और यही द्रव्यमान का नियम है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

जहां गुरुत्वीय त्वरण 9.8 मीटर प्रति वर्ग सेकंड है, वहां सेकंड लोलक की लंबाई लगभग कितनी होती है?

  1. A.1 मीटर
  2. B.2 मीटर
  3. C.0.5 मीटर
  4. D.9.8 मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 मीटर

सेकंड लोलक वह है, जिसका आवर्तकाल ठीक दो सेकंड हो, अर्थात एक ओर से दूसरी ओर का प्रत्येक झूला एक सेकंड लेता है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

यदि सरल लोलक की लंबाई चार गुनी कर दी जाए, तो उसका आवर्तकाल हो जाएगा

  1. A.चार गुना
  2. B.दो गुना
  3. C.आधा
  4. D.एक चौथाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दो गुना

आवर्तकाल लंबाई के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती होता है, अत: लंबाई चार गुनी करने पर आवर्तकाल √4 = 2 गुना हो जाता है; किसी लोलक का आवर्तकाल दोगुना करने के लिए उसकी लंबाई चार गुनी करनी पड़ती है।