पृष्ठभूमि लेख के अनुसार भारत के फिल्म, टेलीविज़न और ऑनलाइन कंटेंट क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024 में लगभग कितना राजस्व कमाया?
- A.5.2 अरब अमेरिकी डॉलर
- B.13.1 अरब अमेरिकी डॉलर
- C.19.7 अरब अमेरिकी डॉलर
- D.25 अरब अमेरिकी डॉलर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 13.1 अरब अमेरिकी डॉलर है। पृष्ठभूमि लेख के अनुसार फिल्म, टेलीविज़न और ऑनलाइन कंटेंट क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024 में 13.1 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व कमाया, जो 2019 से 18 प्रतिशत अधिक है, और सालाना 6 से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2029 तक लगभग 17.5 से 19.7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। युवा आबादी, तेज़ी से फैलता 5G नेटवर्क और सस्ता डेटा इस वृद्धि के कारण हैं।
19.7 अरब डॉलर जाल है: यह 2029 के अनुमान की ऊपरी सीमा है, 2024 का आंकड़ा नहीं। बाकी दो भ्रम के लिए हैं। इसी वृद्धि की वजह से सरकार इंडिया सिने हब से शूटिंग परमिट आसान कर रही है और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को पर्यटन से जोड़ रही है: फिल्म और कंटेंट को ऐसे उद्योग की तरह देखा जा रहा है जो निवेश, रोज़गार और पर्यटक लाता है।
पूरा लेख पढ़ें: इंडिया सिने हब: फिल्म शूटिंग परमिट के लिए NFDC का सिंगल-विंडो पोर्टल
अभ्यास प्रश्न
फिल्म शूटिंग परमिट के लिए सिंगल-विंडो पोर्टल इंडिया सिने हब का संचालन कौन-सी संस्था करती है?
- A.केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड
- B.राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम
- C.भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान
- D.प्रसार भारती
उत्तर देखें
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करने वाला NFDC इंडिया सिने हब को डिजिटल सिंगल-विंडो पोर्टल के रूप में चलाता है, जहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर फिल्मांकन अनुमति, फिल्म वीज़ा और सह-निर्माण मंज़ूरी के लिए आवेदन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कौन-सी फिल्म सिटी गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो परिसर के रूप में प्रमाणित है?
- A.फिल्म सिटी, मुंबई
- B.रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद
- C.नोएडा फिल्म सिटी
- D.प्रयाग फिल्म सिटी, कोलकाता
उत्तर देखें
रामोजी समूह द्वारा 1996 में स्थापित यह परिसर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो परिसर के रूप में प्रमाणित है, और इसे दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत फिल्म सिटी और फिल्मांकन पर आधारित भारत का एकमात्र थीम वाला अवकाश स्थल भी बताया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ई1 या टीडीएम लिंक पर चल रहे मौजूदा पीओआई को आईपी आधारित इंटरकनेक्शन पर कितने समय में बदलना होगा?
- A.एक वर्ष
- B.दो वर्ष
- C.तीन वर्ष
- D.पांच वर्ष
उत्तर देखें
संशोधन विनियमों में कहा गया है कि नियम लागू होने के बाद स्थापित हर इंटरकनेक्शन आईपी आधारित होगा, और जो पीओआई अब भी ई1 या टीडीएम तकनीक पर काम कर रहे हैं उन्हें चरणबद्ध तरीके से तीन वर्ष के भीतर आईपी आधारित इंटरकनेक्शन में बदलना होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंटरकनेक्शन शुल्क के विलंबित भुगतान पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा क्या है?
- A.आरबीआई रेपो दर में एक प्रतिशत जोड़कर
- B.एसबीआई की एक वर्षीय एमसीएलआर में दो प्रतिशत जोड़कर
- C.सालाना 18 प्रतिशत की निश्चित दर
- D.बैंक दर में तीन प्रतिशत जोड़कर
उत्तर देखें
एक नया प्रावधान इंटरकनेक्शन शुल्क और इंटरकनेक्शन उपयोग शुल्क के देर से भुगतान से निपटता है, जिसमें दोनों सेवा प्रदाता ब्याज दर आपस में तय कर सकते हैं, मगर वह इस मानक से ऊपर नहीं जा सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित नियमों के तहत इंटरकनेक्शन किस स्तर पर आ जाएगा?
- A.शॉर्ट डिस्टेंस चार्जिंग एरिया (एसडीसीए) स्तर
- B.लॉन्ग डिस्टेंस चार्जिंग एरिया (एलडीसीए) स्तर
- C.लाइसेंस्ड सर्विस एरिया (एलएसए) स्तर
- D.जिला स्तर
उत्तर देखें
संशोधन ट्रैफिक सौंपने और लेने की व्यवस्था को पुराने चार्जिंग एरिया वाले भूगोल से हटाकर लाइसेंस्ड सर्विस एरिया पर ले आता है, और इंटरकनेक्शन देने वाले तथा लेने वाले को आपसी सहमति से स्थान तय करने की छूट देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →