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GK24
अंतरराष्ट्रीयकठिन

प्रस्तावित विशेषज्ञ कार्य समूह की कार्य रूपरेखा पर सहमति वाली ब्रिक्स बैठक कहां हुई थी?

  1. A.नई दिल्ली, 13 सितंबर 2026 को
  2. B.चंडीगढ़, 21 जुलाई 2026 को
  3. C.गोवा, 21 जून 2026 को
  4. D.बेंगलुरु, 12 अगस्त 2026 को

सही उत्तर

B. चंडीगढ़, 21 जुलाई 2026 को

व्याख्या

सही उत्तर है चंडीगढ़, 21 जुलाई 2026 को। विज्ञप्ति के अनुसार नई दिल्ली घोषणापत्र का यह घटनाक्रम भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में इसी शहर में हुई पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा पर ब्रिक्स बैठक के बाद आया। उस बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए तथा अनुसंधान, शिक्षा, ज्ञान के आदान-प्रदान और नियामक ढांचे पर सहयोग आगे बढ़ा। उसी बैठक में प्रस्तावित कार्य समूह की कार्य रूपरेखा पर सहमति बनी। विकल्प A गलत है, क्योंकि नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन और घोषणापत्र बाद में आए, कार्य रूपरेखा वहां तय नहीं हुई। विकल्प C और D में दिए शहर और तिथियां विज्ञप्ति में हैं ही नहीं। परीक्षा में तैयारी बैठक का शहर और तिथि उतनी ही बार पूछी जाती है जितनी शिखर सम्मेलन की।

पूरा लेख पढ़ें: ब्रिक्स का पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ कार्य समूह को समर्थन

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Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

टीसीआईएम पर प्रस्तावित ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह किस ट्रैक के अंतर्गत काम करेगा?

  1. A.ब्रिक्स विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ट्रैक
  2. B.ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक
  3. C.ब्रिक्स वित्त ट्रैक
  4. D.ब्रिक्स शेरपा ट्रैक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक

व्याख्या

सही उत्तर है ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अंगीकृत नई दिल्ली घोषणापत्र का एक प्रमुख परिणाम यह है कि इसी ट्रैक के अंतर्गत पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा पर विशेषज्ञ कार्य समूह की प्रस्तावित स्थापना का स्वागत किया गया है। यह समूह सदस्य देशों के बीच संवाद, सहयोग और आदान-प्रदान का व्यवस्थित तंत्र बनाने के लिए प्रस्तावित है। विकल्प A गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति इस समूह को विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग के बजाय स्वास्थ्य सहयोग के साथ रखती है, भले ही अनुसंधान इसके काम का हिस्सा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वित्त ट्रैक आर्थिक और वित्तीय विषयों से जुड़ा है, चिकित्सा से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि शेरपा ट्रैक शिखर सम्मेलन की समग्र तैयारी देखता है, किसी विशेष विषय को नहीं। कार्य समूह के विषय को उससे मेल खाते ट्रैक से जोड़कर याद रखें।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

पारंपरिक चिकित्सा पर ब्रिक्स के इस निर्णय की पृष्ठभूमि में कौन सा डब्ल्यूएचओ दस्तावेज है?

  1. A.डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन स्ट्रैटेजी 2025-2034
  2. B.डब्ल्यूएचओ हेल्थ सिस्टम्स चार्टर 2030
  3. C.डब्ल्यूएचओ हर्बल फार्माकोपिया कोड 2024
  4. D.डब्ल्यूएचओ यूनिवर्सल कवरेज एक्शन प्लान 2040
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन स्ट्रैटेजी 2025-2034

व्याख्या

सही उत्तर है डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन स्ट्रैटेजी 2025-2034। विज्ञप्ति के अनुसार स्वास्थ्य प्रणालियों में पारंपरिक चिकित्सा की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान बढ़ रहा है और यह रणनीति साक्ष्यों के आधार को मजबूत करने, सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य प्रणालियों में पारंपरिक चिकित्सा को सही तरीके से शामिल करने पर बल देती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ब्रिक्स की इस पहल को भी इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। विकल्प B, C और D में दिए नाम विज्ञप्ति में नहीं हैं और इन शीर्षकों से ऐसे दस्तावेज हैं भी नहीं। रणनीति की अवधि ठीक-ठीक याद रखें, क्योंकि प्रश्न में वर्ष बदलकर पूछा जा सकता है। घोषणापत्र पारंपरिक चिकित्सा को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज से भी जोड़ता है।

Q3.अंतरराष्ट्रीयकठिन

भारत सरकार की ओर से प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किसने किए?

  1. A.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
  2. B.वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल
  3. C.विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन
  4. D.राजदूत अल्बर्टो गुआनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल

व्याख्या

सही उत्तर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल है, जिन्होंने भारत सरकार की ओर से हस्ताक्षर किए। विकल्प A गलत है और यही इस प्रश्न का जाल है: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल उसी दिन की खबर में हैं, पर उनकी भूमिका उरुग्वे के साथ मिलकर तरजीही व्यापार समझौते के विस्तार की वार्ता शुरू करने की घोषणा करने की थी, प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने की नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन मर्कोसुर की कार्यवाहक अध्यक्षता के नाते इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने हस्ताक्षर स्वयं नहीं किए। विकल्प D दूसरे ढंग से गलत है: भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी ने हस्ताक्षर तो किए, पर मर्कोसुर पक्ष की ओर से, भारत की ओर से नहीं, और उनके साथ पैराग्वे के राजदूत फ्लेमिंग राउल डुआर्टे रामोस भी थे। समारोह में अर्जेंटीना और ब्राजील के दूतावासों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

Q4.अंतरराष्ट्रीयआसान

भारत और मर्कोसुर के बीच हस्ताक्षरित प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल मुख्य रूप से किससे संबंधित है?

  1. A.इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता
  2. B.कृषि उत्पादों पर सभी शुल्क हटाना
  3. C.द्विपक्षीय व्यापार के लिए साझा मुद्रा
  4. D.शैक्षणिक डिग्रियों की पारस्परिक मान्यता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता

व्याख्या

सही उत्तर इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता है। प्रोटोकॉल में प्रावधान है कि इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी मूल प्रमाणपत्र की कानूनी वैधता और मूल्य कागज पर जारी प्रमाणपत्र के समान होगा, बशर्ते उसे हर पक्ष के अपने घरेलू कानून के अनुसार अधिकृत संस्थाओं और अधिकारियों द्वारा जारी तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया हो। यह काम तरजीही व्यापार समझौते के परिशिष्ट III के अनुच्छेद 16 में संशोधन के जरिए किया गया है, जिसमें मूल नियमावली रखी गई है, और इससे प्रमाणपत्र जारी करने तथा जांचने की लागत और समय घटने की उम्मीद है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रोटोकॉल शुल्क दरों को छूता ही नहीं; रियायतें भारत की ओर से 450 और मर्कोसुर की ओर से 452 टैरिफ लाइनों पर बनी हुई हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि किसी मुद्रा व्यवस्था की घोषणा नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह व्यापार दस्तावेज शिक्षा से जुड़ा नहीं है।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौता कब लागू हुआ था?

  1. A.25 जनवरी 2004
  2. B.1 जून 2009
  3. C.27 नवंबर 2025
  4. D.9 अप्रैल 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1 जून 2009

व्याख्या

सही उत्तर 1 जून 2009 है। यहां अभ्यर्थियों को दो तिथियां अलग-अलग याद रखनी होंगी, क्योंकि विज्ञप्ति में दोनों एक ही वाक्य में आती हैं। विकल्प A यानी 25 जनवरी 2004 वह तिथि है जब तरजीही व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, और हस्ताक्षर से लागू होने के बीच पांच वर्ष से अधिक का अंतर रहा। विकल्प C गलत है, क्योंकि 27 नवंबर 2025 को समझौते की संयुक्त प्रशासनिक समिति की चौथी बैठक हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने डिजिटल मूल प्रमाणपत्रों की अनुमति देने के विचार का समर्थन किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 9 अप्रैल 2026 को इसी समिति की पांचवीं बैठक हुई, जिसमें अतिरिक्त प्रोटोकॉल का प्रस्ताव आपसी सहमति से स्वीकार हुआ। चारों तिथियों को एक क्रम में पढ़ना आसान रहता है: 2004 में हस्ताक्षर, 2009 में लागू, 2025 में समर्थन, 2026 में प्रस्ताव स्वीकार और सितंबर 2026 में प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर।