प्लास्टिक के उपयोग से अनेक पर्यावरण-संबंधी समस्याएँ पैदा हुई हैं। इसके लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.ये जैव-अनिम्नीकरणीय (नॉन-बायोडिग्रेडेबल) हैं।
- B.ये जल और भोजन में नहीं पहुँचते।
- C.इनमें कोई जैव-रासायनिक संश्लेषण क्रिया नहीं होती।
- D.ये मनुष्यों के लिए हानिरहित हैं।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, ये जैव-अनिम्नीकरणीय (नॉन-बायोडिग्रेडेबल) हैं। जीवाणु और कवक अधिकतर प्लास्टिक को तोड़ नहीं पाते, इसलिए प्लास्टिक कचरा सैकड़ों वर्षों तक मिट्टी और पानी में पड़ा रहता है।
पॉलिथीन, PVC और PET जैसे प्लास्टिक पेट्रोलियम से बने लंबी शृंखला वाले बहुलक हैं। सूक्ष्मजीवों के पास इन्हें पचाने वाले एंजाइम नहीं होते, इसलिए कचरा केवल छोटे टुकड़ों यानी माइक्रोप्लास्टिक में टूटता है। यह नालियाँ जाम करता है, निगलने वाले जानवरों को नुकसान पहुँचाता है और जलाने पर डाइऑक्सिन जैसी विषैली गैसें छोड़ता है।
B गलत है क्योंकि माइक्रोप्लास्टिक और रासायनिक योजक पानी, नमक, समुद्री भोजन में पहुँचते हैं।
C गलत है क्योंकि प्रदूषण की समस्या प्लास्टिक के लंबे समय तक बने रहने से है, किसी संश्लेषण क्रिया से नहीं।
D गलत है क्योंकि BPA जैसे योजक और प्लास्टिक जलाने का धुआँ स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
Exam tip: सूक्ष्मजीव जिसे तोड़ दें वह जैव-निम्नीकरणीय है; प्लास्टिक, काँच और धातु के डिब्बे नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवायु प्रदूषण घटाने के लिए कृत्रिम रूप से वर्षा कराने में किसका उपयोग होता है?
- A.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड
- B.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड
- C.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम नाइट्रेट
- D.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर देखें
कृत्रिम वर्षा यानी क्लाउड सीडिंग में यही लवण आम तौर पर प्रयोग होते हैं। क्लाउड सीडिंग में नमी वाले बादलों में विमान, रॉकेट या ज़मीनी जनरेटर से बहुत छोटे कण छिड़के जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले को अपशिष्ट को पाँच श्रेणियों में अलग करना होता है।
- B.ये नियम केवल अधिसूचित नगरीय स्थानीय निकायों, अधिसूचित नगरों और सभी औद्योगिक बस्तियों पर लागू होते हैं।
- C.ये नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थलों की पहचान के लिए सटीक और विस्तृत मानदंड देते हैं।
- D.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले के लिए यह अनिवार्य है कि एक ज़िले में उत्पन्न अपशिष्ट दूसरे ज़िले में न ले जाया जाए।
उत्तर देखें
2016 के नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थल चुनने के लिए विस्तृत मानदंड तय करते हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बने और इन्होंने 2000 के नगरपालिका ठोस अपशिष्ट नियमों का स्थान लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD) किसके लिए एक मानक कसौटी है?
- A.रक्त में ऑक्सीजन स्तर मापने
- B.वन पारितंत्रों में ऑक्सीजन स्तर की गणना करने
- C.जलीय पारितंत्रों में प्रदूषण आकलन
- D.अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन स्तर के आकलन
उत्तर देखें
BOD बताता है कि किसी जल में कितना कार्बनिक प्रदूषण है। जैविक या जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग घुली हुई ऑक्सीजन की वह मात्रा है जिसे वायवीय सूक्ष्मजीव पानी के नमूने के कार्बनिक पदार्थ को तोड़ने में खर्च करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 भारत सरकार को अधिकार देता है कि वह 1. पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया में जन-भागीदारी की आवश्यकता तथा उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया और रीति बताए 2. विभिन्न स्रोतों से पर्यावरणीय प्रदूषकों के उत्सर्जन या निस्सरण के मानक निर्धारित करे उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
यह अधिनियम केंद्र को उत्सर्जन और निस्सरण के मानक तय करने का अधिकार देता है, पर इसमें जन-भागीदारी का कोई प्रावधान नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार कीजिए : 1. खेतों में बड़े पैमाने पर बारीक पिसी बेसाल्ट चट्टान फैलाना 2. चूना मिलाकर महासागरों की क्षारीयता बढ़ाना 3. विभिन्न उद्योगों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़कर कार्बोनेटेड जल के रूप में परित्यक्त भूमिगत खदानों में पंप करना उपर्युक्त में से कितनी गतिविधियों पर कार्बन प्रग्रहण और पृथक्करण के लिए प्रायः विचार और चर्चा की जाती है?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.तीनों
- D.कोई नहीं
उत्तर देखें
ये तीनों गतिविधियाँ कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण से हटाकर लंबे समय तक बंद रखने के मान्य तरीके हैं।
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