पौधों की जड़ों की बाह्यत्वचा (एपिडर्मिस) कोशिकाएँ अपनी अवशोषण सतह किसके द्वारा बढ़ाती हैं?
- A.शल्क
- B.मूलरोम
- C.अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)
- D.रंध्र
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, मूलरोम। मूलरोम जड़ की बाह्यत्वचा कोशिकाओं की पतली वृद्धियाँ हैं, जो पानी और खनिज सोखने की सतह को कई गुना बढ़ा देती हैं।
हर मूलरोम बाह्यत्वचा की एक ही कोशिका होती है, जो मिट्टी में एक लंबी, पतली नली की तरह बढ़ जाती है। जड़ के सिरे के ठीक पीछे लाखों मूलरोम मिलकर मूलरोम क्षेत्र बनाते हैं और मिट्टी के कणों के बीच की जगहों तक पहुँचते हैं। इनमें पानी परासरण से और खनिज विसरण तथा सक्रिय परिवहन से प्रवेश करते हैं, फिर अंदर की ओर जाइलम तक पहुँचते हैं।
A गलत है: शल्क छोटी हो चुकी पत्तियाँ हैं, जो प्याज़ जैसे तनों पर मिलती हैं; ये जड़ में अवशोषण के लिए नहीं होतीं।
C गलत है: अंतस्त्वचा जड़ के भीतर संवहन ऊतक के चारों ओर की परत है; यह जाइलम में जाने वाले पदार्थों को नियंत्रित करती है, पर बाह्यत्वचा का भाग नहीं है।
D गलत है: रंध्र मुख्यतः पत्तियों पर गैसों के आदान-प्रदान और वाष्पोत्सर्जन के लिए होते हैं; जड़ें इनसे पानी नहीं सोखतीं।
Exam tip: मूलरोम = पानी का अवशोषण; रंध्र = गैसों का आदान-प्रदान; कैस्पेरियन पट्टी वाली अंतस्त्वचा = जाइलम में प्रवेश का नियंत्रण।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंक्वार्ट्ज़ का दाबविद्युत (पीज़ोइलेक्ट्रिक) पदार्थ के रूप में व्यापक उपयोग होता है। इसमें क्या होता है?
- A.Hg
- B.Si
- C.Ti
- D.Sn
उत्तर देखें
क्वार्ट्ज़ सिलिकॉन डाइऑक्साइड (SiO 2 ) है, इसलिए इसमें सिलिकॉन और ऑक्सीजन होते हैं। क्वार्ट्ज़ भूपर्पटी के सबसे आम खनिजों में से एक है और रेत का मुख्य भाग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधे के प्ररोह (तने) का प्रकाश की ओर मुड़ना क्या कहलाता है?
- A.प्रकाशानुकुंचन (फोटोनैस्टी)
- B.धनात्मक प्रकाशानुवर्तन
- C.ऋणात्मक प्रकाशानुवर्तन
- D.दीप्तिकालिता (फोटोपीरियोडिज़्म)
उत्तर देखें
प्ररोह उद्दीपन (प्रकाश) की दिशा में बढ़ता है, इसलिए यह धनात्मक अनुवर्तन है। अनुवर्तन (ट्रॉपिज़्म) किसी उद्दीपन की प्रतिक्रिया में दिशा वाली वृद्धि गति है; 'फोटो' का अर्थ प्रकाश है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से जीव सीलेंटरेटा (निडेरिया) से संबंधित हैं?
- A.प्लेनेरिया और लिवरफ्लूक
- B.समुद्री अर्चिन और समुद्री खीरा
- C.हाइड्रा और समुद्री एनीमोन
- D.यूप्लेक्टेला और साइकॉन
उत्तर देखें
दोनों निडेरिया संघ के जीव हैं, जिनमें डंक मारने वाली कोशिकाएँ होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हाल ही में हमारे देश में हिमालयी बिच्छू बूटी (गिरार्डिनिया डाइवर्सिफ़ोलिया) के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ी, क्योंकि यह किसका एक संधारणीय स्रोत पाई गई है?
- A.मलेरिया-रोधी औषधि
- B.जैव-डीज़ल
- C.कागज़ उद्योग के लिए लुगदी
- D.वस्त्र रेशा
उत्तर देखें
हिमालयी बिच्छू बूटी से एक मज़बूत प्राकृतिक रेशा मिलता है, जिसे कातकर और बुनकर कपड़ा बनाया जा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पादप और जंतु कोशिकाओं के बीच सामान्य अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. पादप कोशिकाओं में सेल्युलोज़ की कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिकाओं में नहीं होती। 2. पादप कोशिकाओं में प्लाज़्मा झिल्ली नहीं होती, जबकि जंतु कोशिकाओं में होती है। 3. परिपक्व पादप कोशिका में एक बड़ी रिक्तिका होती है जबकि जंतु कोशिका में कई छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
पादप कोशिका में सेल्युलोज़ की भित्ति और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, पर उसमें भी जंतु कोशिका की तरह प्लाज़्मा झिल्ली होती है।
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