पौधों द्वारा प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने वाले प्रकाश-संश्लेषण में पत्तियों के हरे वर्णक क्लोरोफ़िल का उपयोग होता है। पत्ती में क्लोरोफ़िल को धारण करने वाली एकमात्र संरचना है:
- A.केंद्रक
- B.राइबोसोम
- C.हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट)
- D.गुणसूत्र
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट)। क्लोरोफ़िल हरितलवकों में रहता है, जो पत्ती की कोशिकाओं के हरे लवक हैं और जहाँ प्रकाश-संश्लेषण होता है।
हरितलवक दोहरी झिल्ली वाला कोशिकांग है। इसके भीतर चपटी थैलियों, यानी थाइलाकॉइड, के ढेर ग्रेना बनाते हैं, और थाइलाकॉइड झिल्लियों पर स्थित क्लोरोफ़िल मुख्यतः लाल और नीला प्रकाश सोखता है; हरा प्रकाश परावर्तित होता है, इसीलिए पत्तियाँ हरी दिखती हैं। थाइलाकॉइड में होने वाली प्रकाश अभिक्रियाएँ पानी को तोड़कर ऑक्सीजन छोड़ती हैं, और तरल स्ट्रोमा में होने वाली अदीप्त अभिक्रियाएँ कार्बन डाइऑक्साइड से ग्लूकोज़ बनाती हैं। माइटोकॉन्ड्रिया की तरह हरितलवक में भी अपना DNA और राइबोसोम होते हैं।
A गलत है: केंद्रक कोशिका का आनुवंशिक पदार्थ रखता है और उसकी गतिविधियाँ नियंत्रित करता है।
B गलत है: राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण के स्थल हैं।
D गलत है: गुणसूत्र DNA और प्रोटीन के धागे हैं, जो जीन ढोते हैं।
परीक्षा टिप: प्रकाश-संश्लेषण समीकरण 6CO2 + 6H2O → C6H12O6 + 6O2; निकलने वाली ऑक्सीजन पानी से आती है; हरितलवक और माइटोकॉन्ड्रिया अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयुग्मक संलयन (सिनगैमी) के परिणामस्वरूप किसका निर्माण होता है?
- A.अगुणित युग्मनज
- B.द्विगुणित युग्मनज
- C.अचल नर युग्मक
- D.चल नर युग्मक
उत्तर देखें
सिनगैमी नर और मादा युग्मक का संलयन है, और प्रत्येक युग्मक अगुणित होने के कारण उनके मेल से द्विगुणित युग्मनज बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव इंसुलिन अणु 21 अमीनो अम्लों वाली एक α-शृंखला और 30 अमीनो अम्लों वाली एक β-शृंखला से बना होता है। वयस्क मनुष्यों में कितने कार्यशील इंसुलिन जीन पाए जाते हैं?
- A.एक
- B.दो
- C.तीन
- D.चार
उत्तर देखें
मनुष्य में केवल एक कार्यशील इंसुलिन जीन, INS, गुणसूत्र 11 की छोटी भुजा पर होता है, और इंसुलिन की दोनों शृंखलाएँ इसी से बनती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक नैनोमीटर का मान है?
- A.10⁻⁷ cm
- B.10⁻⁶ cm
- C.10⁻⁴ cm
- D.10⁻³ cm
उत्तर देखें
एक नैनोमीटर 10⁻⁹ मीटर होता है, और एक मीटर में 100 (10²) सेंटीमीटर होते हैं, इसलिए यह 10⁻⁷ सेंटीमीटर के बराबर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संतृप्त हाइड्रोकार्बनों का सामान्य सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.CₙH₂ₙ₊₂
- B.CₙH₂ₙ₋₂
- C.CₙH₂ₙ₊₁
- D.CₙH₂ₙ₋₁
उत्तर देखें
खुली शृंखला वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्केन हैं, और हर एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ सूत्र में आता है। संतृप्त हाइड्रोकार्बन में हर कार्बन परमाणु दूसरे परमाणुओं से केवल एकल बंधों से जुड़ा होता है, इसलिए प्रत्येक कार्बन अधिकतम संभव हाइड्रोजन परमाणु रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक महामारी रोग नहीं है?
- A.हैजा
- B.मलेरिया
- C.चेचक
- D.फ़ीलपाँव (एलिफ़ेंटियासिस)
उत्तर देखें
फ़ीलपाँव, यानी लसीका फ़ाइलेरिया, एक स्थानिक रोग है: यह कुछ क्षेत्रों में लगातार बना रहता है और वर्षों में धीरे-धीरे विकसित होता है, अचानक बहुत लोगों में नहीं फैलता।
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