परिवर्तनीय बॉन्डों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. बॉन्ड को इक्विटी में बदलने का विकल्प होने के कारण परिवर्तनीय बॉन्ड कम ब्याज दर देते हैं। 2. इक्विटी में बदलने का विकल्प बॉन्डधारक को बढ़ती उपभोक्ता कीमतों के प्रति कुछ हद तक सूचकांकन प्रदान करता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। निवेशक शेयरधारक बनने के विकल्प के बदले परिवर्तनीय बॉन्ड पर कम ब्याज स्वीकार करते हैं, और यही विकल्प बढ़ती कीमतों से कुछ सुरक्षा देता है।
परिवर्तनीय बॉन्ड एक ऋण साधन है, जिसे धारक तय समय पर जारी करने वाली कंपनी के निश्चित संख्या में शेयरों से बदल सकता है। बदलने के इस विकल्प का अपना मूल्य होता है, इसलिए कंपनी साधारण बॉन्ड की तुलना में सस्ते में उधार ले पाती है; यही कारण है कि ब्याज दर कम रहती है। उपभोक्ता कीमतें बढ़ने पर निश्चित कूपन का वास्तविक मूल्य घटता है, पर कंपनियों की कमाई और शेयरों की कीमतें आमतौर पर मुद्रास्फीति के साथ बढ़ती हैं। धारक शेयरों में बदल सकता है, इसलिए उसे इस बढ़त का कुछ हिस्सा मिल सकता है; साधारण बॉन्ड में यह सूचकांकन नहीं होता। बदलने तक धारक को नियमित ब्याज भी मिलता रहता है।
A गलत है क्योंकि कथन 2 भी सत्य है। B गलत है क्योंकि कथन 1 भी सत्य है। D गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं।
Exam tip: परिवर्तनीय बॉन्ड = कम कूपन और इक्विटी विकल्प, मुद्रास्फीति से आंशिक बचाव।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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