ओलम्प द गूज (1748-1793) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.उन्होंने घोषित किया कि नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए, किंतु वे राज्य से समान सम्मान पाने के हकदार नहीं हैं
- B.वे जैकोबिन सरकार की समर्थक थीं
- C.नेशनल असेंबली ने उन्हें राजद्रोह के लिए जेल में डाला
- D.उन्होंने घोषित किया कि राष्ट्र स्त्री और पुरुष का संघ है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, उन्होंने घोषित किया कि राष्ट्र स्त्री और पुरुष का संघ है। ओलम्प द गूज ने यह बात 1791 में अपने 'महिला और महिला नागरिक के अधिकारों की घोषणा' में लिखी थी।
ओलम्प द गूज एक फ्रांसीसी लेखिका और फ्रांसीसी क्रांति की सबसे सक्रिय महिलाओं में से एक थीं। उन्होंने विरोध किया कि संविधान और 1789 की 'मनुष्य और नागरिक के अधिकारों की घोषणा' में महिलाओं को शामिल नहीं किया गया। रानी मैरी एंटोनेट को संबोधित उनकी घोषणा में कहा गया कि संपूर्ण संप्रभुता का स्रोत राष्ट्र है, जो स्त्री और पुरुष के संघ के अलावा कुछ नहीं। इसमें यह भी कहा गया कि सभी नागरिक, स्त्री और पुरुष, सभी सम्मानों और सार्वजनिक पदों के समान रूप से पात्र हैं। उन्होंने जैकोबिनों की आलोचना की, और 1793 में जैकोबिन सरकार ने उन पर मुकदमा चलाकर उन्हें मृत्युदंड दे दिया।
A गलत है, क्योंकि उन्होंने कहा था कि स्त्री और पुरुष सम्मानों और पदों के समान रूप से हकदार हों। B गलत है, क्योंकि वे जैकोबिन सरकार की विरोधी थीं। C गलत है, क्योंकि उन पर राजद्रोह का आरोप नेशनल कन्वेंशन के जैकोबिन शासन में लगा, नेशनल असेंबली ने नहीं।
Exam tip: ओलम्प द गूज, महिला अधिकारों की घोषणा 1791, मृत्युदंड 1793।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1799 में किंग जॉर्ज को बादशाहनामा किसने भेंट किया?
- A.अबुल फ़ज़ल
- B.अब्दुल हमीद लाहौरी
- C.अवध के नवाब
- D.विलियम जोन्स
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1799 में अवध के नवाब ने बादशाहनामा की एक चित्रित पांडुलिपि ब्रिटेन के राजा जॉर्ज तृतीय को भेंट की, जो आज विंडसर कैसल की रॉयल लाइब्रेरी में रखी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1947 का ट्रूमैन सिद्धांत निम्नलिखित में से किसे प्राप्त करने के लिए घोषित किया गया था?
- A.सोवियत संघ (USSR) को रोकना
- B.अमेरिका में कृषि उत्पादन बढ़ाना
- C.यूरोप को मित्रता का प्रस्ताव देना
- D.संयुक्त राष्ट्र संगठन को सुदृढ़ करना
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ट्रूमैन सिद्धांत ने साम्यवादी दबाव का विरोध करने वाले देशों को अमेरिकी समर्थन का वचन दिया, ताकि सोवियत प्रभाव का फैलाव रोका जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीसवीं शताब्दी के आरंभ के भारत के निम्नलिखित महिला संगठनों और उनसे जुड़ी प्रमुख व्यक्तियों पर विचार कीजिए:
1. 1917 का वीमेन्स इंडियन एसोसिएशन : मार्गरेट कज़िन्स
2. 1925 की नेशनल काउंसिल ऑफ वीमेन इन इंडिया : सरला देवी चौधरानी
3. 1910 का भारत स्त्री महामंडल : लेडी मेहरबाई टाटा
ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1
उत्तर देखें
मार्गरेट कज़िन्स वीमेन्स इंडियन एसोसिएशन की संस्थापकों में थीं, लेकिन युग्म 2 और 3 में जुड़े व्यक्तियों के नाम आपस में बदल दिए गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलेख रेशम बुनकरों की एक श्रेणी (गिल्ड) का इतिहास दर्ज करता है?
- A.हाथीगुम्फा अभिलेख
- B.मंदसौर अभिलेख
- C.कुडुमियामलै अभिलेख
- D.उदयगिरि गुफा अभिलेख
उत्तर देखें
पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर का यह पाँचवीं शताब्दी का संस्कृत अभिलेख बताता है कि रेशम बुनकरों की एक श्रेणी लाट (दक्षिण गुजरात) से दशपुर आकर बसी और उसने सूर्य मंदिर बनवाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पुनर्जागरणकालीन मानववादी संस्कृति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.इसने मानव जीवन पर धर्म के नियंत्रण को ढीला किया
- B.यह मानती थी कि मानव स्वभाव बहुआयामी है
- C.यह शिष्टाचार से सरोकार रखती थी
- D.इसने भौतिक संपदा, शक्ति और कीर्ति की आलोचना की
उत्तर देखें
पुनर्जागरण के मानववादियों ने धन, शक्ति और कीर्ति की निंदा नहीं की, बल्कि इन्हें मनुष्य के योग्य लक्ष्य माना, इसलिए यही कथन सत्य नहीं है।
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