ऑक्सीकरण और अपचयन अभिक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यदि अभिक्रिया में कोई पदार्थ हाइड्रोजन खोता है, तो उसका अपचयन होता है
- B.यदि अभिक्रिया में कोई पदार्थ ऑक्सीजन खोता है, तो उसका अपचयन होता है
- C.यदि अभिक्रिया में कोई पदार्थ हाइड्रोजन ग्रहण करता है, तो उसका अपचयन होता है
- D.यदि अभिक्रिया में कोई पदार्थ ऑक्सीजन ग्रहण करता है, तो उसका ऑक्सीकरण होता है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A। हाइड्रोजन खोने वाले पदार्थ का ऑक्सीकरण होता है, अपचयन नहीं, इसलिए कथन A गलत है।
पारंपरिक परिभाषा में ऑक्सीकरण का अर्थ है ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निकलना, और अपचयन का अर्थ है ऑक्सीजन का निकलना या हाइड्रोजन का जुड़ना। इलेक्ट्रॉन के रूप में, ऑक्सीकरण इलेक्ट्रॉन खोना है और अपचयन इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना। उदाहरण के लिए, जब हाइड्रोजन सल्फाइड क्लोरीन से अभिक्रिया करता है, तो H2S अपना हाइड्रोजन खोकर सल्फर में ऑक्सीकृत हो जाता है। जब कॉपर ऑक्साइड को हाइड्रोजन के साथ गर्म किया जाता है, तो CuO ऑक्सीजन खोकर कॉपर में अपचित होता है, जबकि हाइड्रोजन ऑक्सीजन लेकर पानी में ऑक्सीकृत होता है।
B सही कथन है, क्योंकि ऑक्सीजन खोना अपचयन है।
C सही कथन है, क्योंकि हाइड्रोजन ग्रहण करना अपचयन है।
D सही कथन है, क्योंकि ऑक्सीजन ग्रहण करना ऑक्सीकरण है।
Exam tip: ऑक्सीकरण = ऑक्सीजन जुड़ना, हाइड्रोजन निकलना, इलेक्ट्रॉन खोना; अपचयन इनका ठीक उलटा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक कप में स्थिर पड़े तरल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. तरल के सभी बिंदुओं पर दाब समान होता है 2. दीवारों पर दाब लगता है। 3. तरल में हर जगह दाब होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
स्थिर तरल दीवारों पर दाब डालता है और उसके हर बिंदु पर दाब होता है, पर यह दाब सभी गहराइयों पर बराबर नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परम शून्य ताप 0 केल्विन है। °C मात्रक में निम्नलिखित में से कौन-सा परम शून्य ताप है?
- A.0 °C
- B.-100 °C
- C.-273.15 °C
- D.-173.15 °C
उत्तर देखें
केल्विन पैमाने का शून्य जल के हिमांक से 273.15 डिग्री नीचे होता है। केल्विन और सेल्सियस पैमानों में एक डिग्री का मान बराबर होता है, इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डाइनाइट्रोजन (N₂) और डाइऑक्सीजन (O₂) वायु के मुख्य घटक हैं, फिर भी वे आपस में अभिक्रिया करके नाइट्रोजन के ऑक्साइड नहीं बनाते, क्योंकि
- A.अभिक्रिया को आरंभ करने के लिए उत्प्रेरक चाहिए
- B.नाइट्रोजन के ऑक्साइड अस्थायी होते हैं
- C.अभिक्रिया ऊष्माशोषी है और इसके लिए बहुत ऊंचा ताप चाहिए
- D.वायु में N₂ और O₂ का स्टॉइकियोमीट्री अनुपात इस अभिक्रिया के लिए आदर्श नहीं है
उत्तर देखें
नाइट्रोजन और ऑक्सीजन तभी मिलते हैं जब बहुत अधिक ऊर्जा दी जाए। नाइट्रोजन अणु बहुत मजबूत त्रिबंध से बंधा होता है, इसलिए उसे तोड़ने में बहुत ऊर्जा लगती है, और अभिक्रिया N₂ + O₂ → 2NO ऊष्मा अवशोषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किसका उदाहरण है?
- A.प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
- B.विलोपन अभिक्रिया।
- C.योगात्मक अभिक्रिया।
- D.मुक्त-मूलक बहुलकीकरण।
उत्तर देखें
तेल के कार्बन–कार्बन द्विबंधों पर हाइड्रोजन जुड़ जाती है। वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं: उनकी वसीय अम्ल श्रृंखलाओं में C=C द्विबंध होते हैं, जिनके कारण वे द्रव रहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक धनात्मक आवेश ऐसे स्थान में दक्षिण की ओर गतिमान है जहां चुंबकीय क्षेत्र उत्तर दिशा की ओर है। गतिमान आवेश अनुभव करेगा :
- A.उत्तर दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- B.पूर्व दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- C.पश्चिम दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- D.कोई विक्षेपक बल नहीं।
उत्तर देखें
आवेश ठीक क्षेत्र की उल्टी दिशा में चल रहा है, और चुंबकीय क्षेत्र अपनी रेखा पर चलते आवेश पर कोई बल नहीं लगाता।
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