ओआरवी सागर मंथन धीरे-धीरे किस पुराने अनुसंधान पोत की जगह लेगा?
- A.ओआरवी सागर निधि
- B.ओआरवी सागर कन्या
- C.आईएनएस संध्यायक
- D.एमवी सागर संपदा
सही उत्तर
B. ओआरवी सागर कन्या
व्याख्या
सही उत्तर ओआरवी सागर कन्या है। यह पोत 43 वर्ष पुराना है और इसे 1983 में जर्मनी से खरीदा गया था, तथा नया पोत धीरे-धीरे इसका काम संभालेगा। यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विदेश से अनुसंधान मंच खरीदने के बजाय भारत में ही उन्हें बनाने की नीति में बदलाव दिखाती है, जिस पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव ने समारोह में गर्व जताया। विकल्प A यानी सागर निधि राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान का अनुसंधान पोत है और यहां प्रतिस्थापन के लिए उसका नाम नहीं है। विकल्प C यानी आईएनएस संध्यायक नौसेना का सर्वेक्षण पोत है, इसलिए वह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन नहीं आता। विकल्प D यानी सागर संपदा मत्स्य एवं समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत है और सागर शब्द साझा होने के कारण भ्रम पैदा करता है। जर्मनी और 1983 को सागर कन्या के साथ जोड़कर याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: महासागरीय अनुसंधान पोत ओआरवी सागर मंथन कोलकाता में लॉन्च
अभ्यास प्रश्न
9 सितंबर 2026 को लॉन्च हुए महासागरीय अनुसंधान पोत ओआरवी सागर मंथन को किस शिपयार्ड ने डिजाइन और निर्मित किया है?
- A.कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
- B.मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स
- C.गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड
- D.हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड
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सही उत्तर: C. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड
व्याख्या
सही उत्तर गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड है, जो रक्षा क्षेत्र का सार्वजनिक उपक्रम है और जिसने कोलकाता के ऋषि बंकिम शिपयार्ड में राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागरीय अनुसंधान केंद्र के लिए यह पोत बनाया। मंत्री ने अनुबंध के दो वर्ष के भीतर लॉन्च पूरा करने के लिए यार्ड की सराहना की। विकल्प A यानी कोचीन शिपयार्ड स्वदेशी विमानवाहक पोत के कारण प्रसिद्ध है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत विकल्प है। विकल्प B यानी मझगांव डॉक मुंबई में नौसेना के लिए पनडुब्बियां और विध्वंसक बनाता है, यह भी महत्वपूर्ण यार्ड है पर यहां सही नहीं। विकल्प D यानी हिंदुस्तान शिपयार्ड विशाखापत्तनम में जहाज निर्माण और मरम्मत करता है। उत्तर को शहर से जोड़कर याद रखें, क्योंकि यह लॉन्च कोलकाता में हुआ और कोलकाता का यार्ड जीआरएसई है।
ओआरवी सागर मंथन किस कार्यक्रम के अंतर्गत और लगभग कितनी लागत से बनाया गया है?
- A.दीप महासागर मिशन, लगभग 840 करोड़ रुपये
- B.मिशन समुद्रयान, लगभग 640 करोड़ रुपये
- C.नीली क्रांति, लगभग 940 करोड़ रुपये
- D.ओ-स्मार्ट योजना, लगभग 740 करोड़ रुपये
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सही उत्तर: A. दीप महासागर मिशन, लगभग 840 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर दीप महासागर मिशन, लगभग 840 करोड़ रुपये है। ठीक-ठीक कहें तो यह पोत उस मिशन के वर्टिकल-4 के अंतर्गत बना है, जो गहन महासागर सर्वेक्षण और अन्वेषण से जुड़ा है। यह हर मौसम में काम करने वाला बहुविषयक मंच है, जिसे दक्षिणी महासागर तक के लिए तैयार किया गया है और जिसकी अनुमानित सेवा अवधि 30 वर्ष है। विकल्प B में समुद्रयान का नाम है, जो मानवयुक्त पनडुब्बी से जुड़ा प्रयास है और स्वयं इसी बड़े मिशन का हिस्सा है, जबकि उसमें दी गई लागत काल्पनिक है। विकल्प C यानी नीली क्रांति मत्स्य विकास की योजना है और अनुसंधान पोत से इसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D यानी ओ-स्मार्ट इसी मंत्रालय की वास्तविक योजना है, इसलिए यह सबसे तीखा भ्रम है, पर यह पोत दीप महासागर मिशन के अंतर्गत रखा गया है। इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग और अमेरिकन ब्यूरो ऑफ शिपिंग का दोहरा प्रमाणन भी याद रखें।
भारत की 6जी भागीदारी के आधार के रूप में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख नहीं किया गया है?
- A.भारत 6जी विजन
- B.भारत 6जी एलायंस
- C.स्वदेशी 4जी और 5जी प्रौद्योगिकी स्टैक
- D.राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय क्वांटम मिशन है। इस समर्थन का आधार तीन घरेलू स्तंभ बताए गए हैं, यानी भारत 6जी विजन, भारत 6जी एलायंस और स्वदेशी चौथी तथा पांचवीं पीढ़ी का प्रौद्योगिकी स्टैक, और यह भागीदारी आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी है। क्वांटम मिशन देश का वास्तविक कार्यक्रम है, इसलिए उन्नत प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रश्न में वह बहुत अच्छा भ्रम पैदा करता है, पर यहां बताए गए आधारों में उसका नाम नहीं है। विकल्प A, B और C सीधे इसी घोषणा से लिए गए हैं, इसलिए नकारात्मक रूप में पूछे गए प्रश्न में वे गलत उत्तर हैं। ऐसे प्रश्नों में छात्र जल्दबाजी में पहला परिचित नाम चुनकर अंक गंवाते हैं, इसलिए नहीं शब्द पर ध्यान देने और हर विकल्प को तीनों आधारों से मिलाकर देखने की आदत डालें।
भारत वैश्विक 6जी मानकों और पेटेंट में कितने प्रतिशत योगदान का लक्ष्य रखता है?
- A.5 प्रतिशत
- B.10 प्रतिशत
- C.20 प्रतिशत
- D.25 प्रतिशत
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सही उत्तर: B. 10 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 10 प्रतिशत है। यही वह लक्ष्य है जो भारत ने वैश्विक 6जी मानकों और पेटेंट में अपने योगदान के लिए तय किया है, और इसके पीछे बड़ी महत्वाकांक्षा यह है कि देश प्रौद्योगिकी अपनाने वाले से मानक तय करने वाले में बदले, जिस पर संचार राज्य मंत्री ने विशेष जोर दिया है। विकल्प A इस आंकड़े को आधा कर देता है और उन छात्रों को आकर्षित करता है जो मानते हैं कि लक्ष्य मामूली ही होगा। विकल्प C इसे दोगुना करता है और इसलिए भ्रमित करता है क्योंकि इसी समाचार में 20 से अधिक सरकारों का उल्लेख है, तो 20 का अंक गलत जगह जुड़ जाता है। विकल्प D केवल एक बड़ा गोल आंकड़ा है। दोहराते समय दोनों संख्याओं को अलग रखें, क्योंकि 20 से अधिक सरकारों की संख्या है और 10 प्रतिशत भारत का अपना लक्ष्य है।
6जी नेतृत्व और सुरक्षा के लिए कार्रवाई के आह्वान को भारत के समर्थन की घोषणा किस बैठक के इतर हुई?
- A.चैपल हिल, उत्तरी कैरोलिना में जी20 नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक
- B.जिनेवा में विश्व दूरसंचार विकास सम्मेलन
- C.रियो डी जेनेरो में ब्रिक्स डिजिटल मंत्री बैठक
- D.टोक्यो में क्वाड प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चैपल हिल, उत्तरी कैरोलिना में जी20 नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक
व्याख्या
सही उत्तर चैपल हिल, उत्तरी कैरोलिना में जी20 नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक है, जो अमेरिका की जी20 अध्यक्षता के अंतर्गत आयोजित हुई। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और अमेरिका के वाणिज्य सचिव श्री हॉवर्ड लटनिक ने हाथ मिलाकर इस समर्थन को चिन्हित किया। विकल्प B अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ के वास्तविक सम्मेलन का नाम है, इसलिए जो छात्र हर दूरसंचार प्रतिबद्धता को जिनेवा से जोड़ते हैं वे इसे चुन सकते हैं। विकल्प C काल्पनिक है, पर ब्रिक्स की डिजिटल बैठक जैसा दिखता है। विकल्प D उस समूह का नाम है जो महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी पर काम करता है, इसलिए वह भी संभव लगता है। इस समाचार को जी20 और अमेरिकी अध्यक्षता से जोड़कर याद रखें तथा यह भी कि दूरसंचार विभाग भारत की भागीदारी आगे बढ़ाएगा।