निम्नलिखित पौधों पर विचार कीजिए : 1. मूँगफली 2. कुल्थी (हॉर्स-ग्राम) 3. सोयाबीन उपर्युक्त में से कितने मटर कुल के हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.सभी तीन
- D.कोई भी नहीं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, सभी तीन। मूँगफली, कुल्थी और सोयाबीन तीनों फैबेसी (लेग्युमिनोसी) यानी मटर कुल के फलीदार पौधे हैं।
मटर कुल के पौधों के बीज फली में बनते हैं और इनकी जड़ों पर ग्रंथिकाएँ होती हैं, जिनमें राइज़ोबियम जीवाणु वायुमंडल की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं। इसी कारण दलहन और फलीदार तिलहन मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं और अनाज के साथ फसल चक्र में उगाए जाते हैं। मूँगफली (अराकिस हाइपोजिया) की खासियत यह है कि फूल का डंठल मिट्टी में झुककर फली को ज़मीन के नीचे विकसित करता है। कुल्थी (मैक्रोटाइलोमा यूनिफ्लोरम) दक्षिण भारत की सूखा सहने वाली दाल है। सोयाबीन (ग्लाइसिन मैक्स) प्रोटीन और खाद्य तेल का बड़ा स्रोत है, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में खूब उगाया जाता है।
A गलत है: यह केवल एक को फलीदार मानता है, जबकि तीनों फलीदार हैं।
B गलत है: सूची का कोई भी पौधा दूसरे कुल का नहीं है, इसलिए दो की संख्या कम है।
D गलत है: सूची का हर पौधा फैबेसी कुल का सदस्य है।
परीक्षा टिप: फैबेसी (मटर कुल) = दालें, मूँगफली, सोयाबीन; जड़ ग्रंथिकाओं में राइज़ोबियम नाइट्रोजन स्थिर करता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक स्नोबोर्ड को टो रस्सी से खींचकर पहाड़ पर 5 m/s की दर से ऊपर ले जाया जाता है। यदि 3000 वाट शक्ति का उपयोग होता है, तो उस पर कितना बल लगाया गया?
- A.50 N
- B.100 N
- C.600 N
- D.15000 N
उत्तर देखें
शक्ति बल और वेग के गुणनफल के बराबर होती है, इसलिए बल 3,000 W को 5 m/s से भाग देने पर 600 N आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब कोई अनुदैर्ध्य तरंग किसी माध्यम से होकर चलती है, तो माध्यम से होकर कौन-सी राशि संचरित होती है?
- A.केवल माध्यम का पदार्थ
- B.केवल ऊर्जा
- C.माध्यम का पदार्थ और ऊर्जा दोनों
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
तरंग ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है, जबकि माध्यम के कण केवल अपनी स्थिर स्थितियों के इधर-उधर कंपन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा संरक्षण नियम न्यूटन के गति के तीसरे नियम का परिणाम है?
- A.ऊर्जा का संरक्षण
- B.संवेग का संरक्षण
- C.आवेश का संरक्षण
- D.द्रव्यमान का संरक्षण
उत्तर देखें
बराबर और विपरीत बल समान समय तक लगते हैं, इसलिए संवेग में बराबर और विपरीत परिवर्तन होते हैं और कुल संवेग वही रहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा गुण आवर्त सारणी में बाएं से दाएं घटता है और ऊपर से नीचे बढ़ता है?
- A.आयनन ऊर्जा
- B.इलेक्ट्रॉन बंधुता
- C.विद्युत ऋणात्मकता
- D.परमाणु त्रिज्या
उत्तर देखें
आवर्त में आगे बढ़ने पर परमाणु छोटे होते जाते हैं और वर्ग में नीचे जाने पर बड़े। किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर इलेक्ट्रॉन उसी कोश में जुड़ते हैं, जबकि हर कदम पर नाभिकीय आवेश एक बढ़ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी माध्यम में 2 kHz आवृत्ति वाली ध्वनि तरंग का तरंगदैर्ध्य 35 cm है। उस माध्यम में 2.1 km की दूरी तय करने में इसे कितना समय लगेगा?
- A.30 s
- B.2.1 s
- C.3.0 s
- D.4.1 s
उत्तर देखें
तरंग की चाल आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य का गुणनफल यानी 700 m/s है, और 700 m/s से 2,100 m चलने में 3 सेकंड लगते हैं।
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