निम्नलिखित में से किस तरंगदैर्ध्य का विकिरण X-किरण के संगत हो सकता है?
- A.1 nm
- B.10 nm
- C.100 nm
- D.300 nm
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1 nm। X-किरणों की तरंगदैर्ध्य लगभग 0.01 nm से 10 nm होती है, इसलिए 1 nm पूरी तरह X-किरण क्षेत्र में आता है।
विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम में रेडियो तरंगों से सूक्ष्म तरंगों, अवरक्त, दृश्य प्रकाश और पराबैंगनी होते हुए X-किरणों और गामा किरणों तक तरंगदैर्ध्य घटती जाती है। दृश्य प्रकाश लगभग 400 से 700 nm का होता है, और पराबैंगनी लगभग 10 nm से 400 nm के बीच है। बहुत छोटी तरंगदैर्ध्य के कारण X-किरणों में अधिक ऊर्जा होती है; वे कोमल ऊतकों के पार निकल जाती हैं पर हड्डी उन्हें रोक लेती है, इसीलिए इनसे हड्डियों की तस्वीर ली जाती है।
B गलत है: 10 nm X-किरण और पराबैंगनी की सीमा है और इसे प्रायः चरम पराबैंगनी माना जाता है।
C गलत है: 100 nm पराबैंगनी विकिरण है।
D गलत है: 300 nm भी पराबैंगनी है, जो दृश्य क्षेत्र के निकट है।
परीक्षा टिप: सबसे छोटी गामा किरणें, फिर X-किरणें (0.01 से 10 nm), पराबैंगनी (10 से 400 nm), दृश्य प्रकाश (400 से 700 nm) और अवरक्त।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित प्राणियों पर विचार कीजिए :
1. हेजहॉग (कंटकचूहा)
2. मारमॉट
3. पैंगोलिन (सल्लू साँप)
शिकारियों द्वारा पकड़े जाने की संभावना कम करने के लिए उपर्युक्त में से कौन-सा/से प्राणी स्वयं को लपेटकर गोल हो जाता/जाते है/हैं और अपने कमज़ोर अंगों की रक्षा करता/करते है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.केवल 3
- D.1 और 3
उत्तर देखें
ख़तरा होने पर हेजहॉग और पैंगोलिन कसकर गेंद जैसे गोल हो जाते हैं और नरम पेट तथा चेहरे को काँटों या शल्कों से ढक लेते हैं; मारमॉट ऐसा नहीं करता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्राकृतिक मच्छर-विकर्षक बनाने में निम्नलिखित में से किसका उपयोग होता है?
- A.कांग्रेस घास
- B.हाथी घास
- C.लेमनग्रास
- D.मोथा घास (नट ग्रास)
उत्तर देखें
लेमनग्रास और उसकी निकट संबंधी सिट्रोनेला घास से ऐसे सुगंधित तेल मिलते हैं जो मच्छरों को दूर रखते हैं, इसलिए ये कई प्राकृतिक विकर्षकों का आधार हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी युक्ति अन-ओमीय है?
- A.चालक तांबे की कुंडली
- B.विद्युत तापन कुंडली
- C.अर्धचालक डायोड
- D.धारा नियंत्रक (रियोस्टैट)
उत्तर देखें
डायोड ओम के नियम का पालन नहीं करता: इसमें बहने वाली धारा इसके सिरों के विभवांतर के समानुपाती नहीं होती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निर्जल सोडियम कार्बोनेट का सूत्र द्रव्यमान क्या है? (दिया गया है कि सोडियम, कार्बन और ऑक्सीजन के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 23 u, 12 u और 16 u हैं)
- A.286 u
- B.106 u
- C.83 u
- D.53 u
उत्तर देखें
निर्जल सोडियम कार्बोनेट Na₂CO₃ है, और 2 × 23 + 12 + 3 × 16 = 106 u। सूत्र द्रव्यमान किसी आयनिक यौगिक की एक सूत्र इकाई के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है?
- A.बॉक्साइट
- B.क्वार्ट्ज
- C.फेल्सपार
- D.पिचब्लेंड
उत्तर देखें
पिचब्लेंड, यानी यूरेनिनाइट, यूरेनियम का मुख्य अयस्क है, और अधिकांश नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में यूरेनियम ही ईंधन है। पिचब्लेंड भारी, काला खनिज है जो मुख्य रूप से यूरेनियम ऑक्साइड से बना होता है।
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