निम्नलिखित में से किस संघ (फाइलम) के जीवों को स्पंज कहा जाता है?
- A.सीलेन्टरेटा
- B.प्लैटीहेल्मिन्थीज़
- C.पोरीफेरा
- D.इकाइनोडर्मेटा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, पोरीफेरा। स्पंज पोरीफेरा संघ में आते हैं; इस नाम का अर्थ है "छिद्र धारण करने वाले", क्योंकि इनका शरीर छोटे-छोटे छिद्रों से भरा होता है।
पोरीफेरा सबसे सरल बहुकोशिकीय जंतु हैं। इनमें वास्तविक ऊतक या अंग नहीं होते और ये प्रायः समुद्र में चट्टानों से चिपके रहते हैं। पानी ऑस्टिया नामक छिद्रों से भीतर आता है, बीच की गुहा से होकर ऑस्कुलम नामक बड़े छिद्र से बाहर निकलता है, और अपने साथ भोजन व ऑक्सीजन लाता है। कॉलर कोशिकाएं (कोएनोसाइट) इस जल-धारा को चलाती रहती हैं। शरीर को कंटिकाएं (स्पिक्यूल) या स्पंजिन तंतु सहारा देते हैं; स्नान स्पंज (स्पंजिया) इसका उदाहरण है।
A गलत है, क्योंकि सीलेन्टरेटा (निडेरिया) में हाइड्रा, जेलीफ़िश और प्रवाल जैसे दंश कोशिकाओं वाले जंतु आते हैं।
B गलत है, क्योंकि प्लैटीहेल्मिन्थीज़ चपटे कृमि हैं, जैसे फीताकृमि और लिवर फ्लूक।
D गलत है, क्योंकि इकाइनोडर्मेटा में तारामीन और समुद्री अर्चिन जैसे कांटेदार त्वचा वाले समुद्री जंतु आते हैं।
Exam tip: पोरीफेरा = छिद्र और नालियों वाले स्पंज; निडेरिया = दंश कोशिकाएं; इकाइनोडर्मेटा = कांटेदार त्वचा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक कप में स्थिर पड़े तरल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. तरल के सभी बिंदुओं पर दाब समान होता है 2. दीवारों पर दाब लगता है। 3. तरल में हर जगह दाब होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
स्थिर तरल दीवारों पर दाब डालता है और उसके हर बिंदु पर दाब होता है, पर यह दाब सभी गहराइयों पर बराबर नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परम शून्य ताप 0 केल्विन है। °C मात्रक में निम्नलिखित में से कौन-सा परम शून्य ताप है?
- A.0 °C
- B.-100 °C
- C.-273.15 °C
- D.-173.15 °C
उत्तर देखें
केल्विन पैमाने का शून्य जल के हिमांक से 273.15 डिग्री नीचे होता है। केल्विन और सेल्सियस पैमानों में एक डिग्री का मान बराबर होता है, इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डाइनाइट्रोजन (N₂) और डाइऑक्सीजन (O₂) वायु के मुख्य घटक हैं, फिर भी वे आपस में अभिक्रिया करके नाइट्रोजन के ऑक्साइड नहीं बनाते, क्योंकि
- A.अभिक्रिया को आरंभ करने के लिए उत्प्रेरक चाहिए
- B.नाइट्रोजन के ऑक्साइड अस्थायी होते हैं
- C.अभिक्रिया ऊष्माशोषी है और इसके लिए बहुत ऊंचा ताप चाहिए
- D.वायु में N₂ और O₂ का स्टॉइकियोमीट्री अनुपात इस अभिक्रिया के लिए आदर्श नहीं है
उत्तर देखें
नाइट्रोजन और ऑक्सीजन तभी मिलते हैं जब बहुत अधिक ऊर्जा दी जाए। नाइट्रोजन अणु बहुत मजबूत त्रिबंध से बंधा होता है, इसलिए उसे तोड़ने में बहुत ऊर्जा लगती है, और अभिक्रिया N₂ + O₂ → 2NO ऊष्मा अवशोषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किसका उदाहरण है?
- A.प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
- B.विलोपन अभिक्रिया।
- C.योगात्मक अभिक्रिया।
- D.मुक्त-मूलक बहुलकीकरण।
उत्तर देखें
तेल के कार्बन–कार्बन द्विबंधों पर हाइड्रोजन जुड़ जाती है। वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं: उनकी वसीय अम्ल श्रृंखलाओं में C=C द्विबंध होते हैं, जिनके कारण वे द्रव रहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक धनात्मक आवेश ऐसे स्थान में दक्षिण की ओर गतिमान है जहां चुंबकीय क्षेत्र उत्तर दिशा की ओर है। गतिमान आवेश अनुभव करेगा :
- A.उत्तर दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- B.पूर्व दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- C.पश्चिम दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- D.कोई विक्षेपक बल नहीं।
उत्तर देखें
आवेश ठीक क्षेत्र की उल्टी दिशा में चल रहा है, और चुंबकीय क्षेत्र अपनी रेखा पर चलते आवेश पर कोई बल नहीं लगाता।
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