निम्नलिखित में से किस घटना के बाद गांधीजी ने, जो लगातार अस्पृश्यता का विरोध करते रहे और सभी क्षेत्रों से इसके उन्मूलन की अपील करते रहे, 'हरिजनों' के उत्थान को अपने राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया?
- A.पूना समझौता
- B.गांधी-इरविन समझौता (दिल्ली समझौता)
- C.भारत छोड़ो आंदोलन के समय कांग्रेस नेतृत्व की गिरफ़्तारी
- D.भारत सरकार अधिनियम, 1935 का लागू होना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, पूना समझौता। सितंबर 1932 के पूना समझौते के बाद गांधीजी ने हरिजनों के उत्थान को अपने काम का केंद्रीय अंग बना लिया।
अगस्त 1932 के ब्रिटिश सांप्रदायिक पंचाट ने दलित वर्गों को पृथक निर्वाचन मंडल दिए। यरवदा जेल में बंद गांधीजी ने इसके विरोध में आमरण अनशन शुरू किया, और 24 सितंबर 1932 को उनके और बी. आर. आंबेडकर के बीच पूना समझौता हुआ, जिसमें पृथक निर्वाचन की जगह संयुक्त निर्वाचन में आरक्षित सीटें तय हुईं। इसके बाद गांधीजी ने 1932 में हरिजन सेवक संघ बनाया, 1933 में साप्ताहिक 'हरिजन' शुरू किया और 1933-34 में देशव्यापी हरिजन यात्रा की।
B गलत है क्योंकि मार्च 1931 का गांधी-इरविन समझौता सविनय अवज्ञा रोकने और कैदियों की रिहाई से जुड़ा था। C गलत है क्योंकि अगस्त 1942 की भारत छोड़ो गिरफ़्तारियाँ हरिजन अभियान शुरू होने के बहुत बाद हुईं। D गलत है क्योंकि भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने तो पूना समझौते की व्यवस्था को ही आगे बढ़ाया।
Exam tip: सांप्रदायिक पंचाट (अगस्त 1932) → अनशन → पूना समझौता (24 सितंबर 1932) → हरिजन सेवक संघ, साप्ताहिक 'हरिजन'।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंआर्थिक दृष्टि से, 19वीं शताब्दी में भारत में ब्रिटिश शासन का एक परिणाम क्या था?
- A.भारतीय हस्तशिल्प के निर्यात में वृद्धि
- B.भारतीयों के स्वामित्व वाले कारखानों की संख्या में वृद्धि
- C.भारतीय कृषि का वाणिज्यीकरण
- D.शहरी जनसंख्या में तीव्र वृद्धि
उत्तर देखें
ब्रिटिश शासन ने भारतीय किसानों को अपने भोजन के बजाय बिक्री और निर्यात के लिए फसलें उगाने की ओर धकेला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित स्वतंत्रता सेनानियों पर विचार कीजिए:
1. बारींद्र कुमार घोष
2. जोगेश चंद्र चटर्जी
3. रासबिहारी बोस
उपर्युक्त में से कौन ग़दर पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़ा था/जुड़े थे?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
तीनों में से केवल रासबिहारी बोस ने ग़दर पार्टी के साथ सक्रिय रूप से काम किया। ग़दर पार्टी की स्थापना 1913 में सैन फ़्रांसिस्को में उत्तरी अमेरिका के भारतीयों ने की थी, जिसके नेताओं में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्यकालीन भारत में "फनम" शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?
- A.वस्त्र
- B.सिक्के
- C.आभूषण
- D.हथियार
उत्तर देखें
फनम सोने (और बाद में चाँदी) का एक छोटा सिक्का था, जो मध्यकाल में दक्षिण भारत में व्यापक रूप से चलता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
(दल : उसके नेता)
1. भारतीय जनसंघ : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
2. सोशलिस्ट पार्टी : सी. राजगोपालाचारी
3. कांग्रेस फ़ॉर डेमोक्रेसी : जगजीवन राम
4. स्वतंत्र पार्टी : आचार्य नरेंद्र देव
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.केवल तीन
- D.सभी चार
उत्तर देखें
युग्म 1 और 3 सही हैं; युग्म 2 और 4 में नेताओं के नाम आपस में बदल दिए गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चौरी-चौरा घटना के बाद गिरफ़्तार किए गए लोगों को कानूनी बचाव किसने प्रदान किया?
- A.सी. आर. दास
- B.मदन मोहन मालवीय और कृष्ण कांत
- C.डॉ. सैफ़ुद्दीन किचलू और ख़्वाजा हसन निज़ामी
- D.एम. ए. जिन्ना
उत्तर देखें
मालवीय ने कृष्ण कांत मालवीय के साथ मिलकर चौरी-चौरा मामले के आरोपी किसानों की पैरवी की थी। 5 फ़रवरी 1922 को गोरखपुर ज़िले के चौरी-चौरा में पुलिस की गोलीबारी के बाद असहयोग आंदोलन के स्वयंसेवकों की भीड़ ने थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए।
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