निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ऊष्मा की अवधारणा को सबसे अच्छी तरह परिभाषित करता है?
- A.ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण
- B.ताप के अंतर के कारण ऊर्जा का द्रव्यमान में और द्रव्यमान का ऊर्जा में परिवर्तन
- C.ताप के अंतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण
- D.ताप के साथ किसी पदार्थ के आयतन में परिवर्तन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ताप के अंतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण। ऊष्मा गतिमान ऊर्जा है: यह गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर केवल इसलिए बहती है कि दोनों के ताप अलग हैं, और ताप बराबर होते ही रुक जाती है।
कोई वस्तु ऊष्मा "रखती" नहीं; उसमें आंतरिक ऊर्जा होती है, और ताप के अंतर के कारण सीमा पार जाने वाली ऊर्जा ऊष्मा कहलाती है। ऊष्मा चालन, संवहन और विकिरण से चलती है। इसका SI मात्रक जूल है, हालांकि कैलोरी भी प्रचलित है: एक कैलोरी लगभग 4.186 जूल के बराबर है। ताप यह बताता है कि वस्तु कितनी गर्म या ठंडी है।
A गलत है, क्योंकि मोटर या बैटरी की तरह ऊर्जा का रूप बदलना ऊर्जा रूपांतरण है, ऊष्मा नहीं।
B गलत है, क्योंकि द्रव्यमान-ऊर्जा रूपांतरण (E = mc²) नाभिकीय प्रक्रियाओं में होता है, ताप के अंतर से नहीं।
D गलत है, क्योंकि ताप से आयतन बदलना ऊष्मीय प्रसार है, जो ऊष्मा का प्रभाव है, स्वयं ऊष्मा नहीं।
Exam tip: ताप के अंतर से बहने वाली ऊर्जा ऊष्मा है; ताप बताता है कि वह किस दिशा में बहेगी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →