निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.मानव नेत्र एक अपवर्तक तंत्र है जिसमें एक अपसारी लेंस होता है।
- B.मानव नेत्र के रेटिना में लाखों प्रकाश-संवेदी कोशिकाएँ होती हैं, जिन्हें शलाका और शंकु कहते हैं, जो प्रकाश को विद्युत संदेशों में बदलती हैं।
- C.रेटिना पर बनने वाला प्रत्येक प्रतिबिंब उलटा होता है।
- D.वस्तुओं की सापेक्ष स्थिति का सही आकलन करने के लिए हमें दोनों आँखों की आवश्यकता होती है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A। मानव नेत्र का लेंस अभिसारी (उत्तल) होता है, अपसारी नहीं, इसलिए कथन A सही नहीं है।
आँख में आने वाला प्रकाश पहले कॉर्निया से और फिर क्रिस्टलीय लेंस से मुड़ता है, जो एक उत्तल लेंस है और जिसकी फ़ोकस दूरी पक्ष्माभी पेशियाँ बदलती हैं। दोनों मिलकर रेटिना पर वास्तविक, उलटा और छोटा प्रतिबिंब बनाते हैं। रेटिना की शलाकाएँ मंद प्रकाश में और शंकु तेज़ प्रकाश तथा रंगों के प्रति संवेदी होते हैं; दृक् तंत्रिका इनके संकेत मस्तिष्क तक ले जाती है, जो प्रतिबिंब को सीधा समझता है। दोनों आँखें थोड़े अलग दृश्य देती हैं, जिन्हें मिलाकर मस्तिष्क गहराई और दूरी का अनुमान लगाता है।
B गलत विकल्प है क्योंकि कथन सही है: रेटिना में लाखों शलाकाएँ और शंकु प्रकाश को तंत्रिका संकेतों में बदलते हैं। C गलत विकल्प है क्योंकि कथन सही है: उत्तल लेंस रेटिना पर उलटा वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। D गलत विकल्प है क्योंकि कथन सही है: सापेक्ष स्थिति और गहराई आँकने के लिए दोनों आँखें चाहिए, जिसे द्विनेत्री दृष्टि कहते हैं।
परीक्षा टिप: नेत्र लेंस उत्तल है; रेटिना पर प्रतिबिंब वास्तविक और उलटा; शलाका मंद प्रकाश के लिए, शंकु रंगों के लिए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा सिज़ोफ़्रेनिया से संबंधित है?
- A.बहु-व्यक्तित्व
- B.तंत्रिका-अपक्षय (न्यूरोडीजेनरेशन)
- C.पर्यावरणीय प्रभाव से अप्रभावित
- D.मतिभ्रम (हैलुसिनेशन)
उत्तर देखें
मतिभ्रम, विशेषकर ऐसी आवाज़ें सुनना जो दूसरों को सुनाई नहीं देतीं, सिज़ोफ़्रेनिया का मुख्य लक्षण है। सिज़ोफ़्रेनिया एक गंभीर मानसिक विकार है, जिसमें व्यक्ति वास्तविकता से कट जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मृतोपजीवी (सैप्रोफ़ाइटिक) पोषण पर निर्भर है?
- A.एगेरिकस
- B.यूलोथ्रिक्स
- C.रिक्सिया
- D.क्लैडोफ़ोरा
उत्तर देखें
एगेरिकस एक मशरूम है, यानी ऐसा कवक जो मृत और सड़ते कार्बनिक पदार्थ से भोजन लेता है; इसे ही मृतोपजीवी पोषण कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्लोएम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.फ्लोएम जल और खनिजों का परिवहन करता है।
- B.फ्लोएम प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों का परिवहन करता है।
- C.फ्लोएम एक सरल ऊतक है।
- D.फ्लोएम पौधे को सहारा देता है।
उत्तर देखें
फ्लोएम पत्तियों में बनी शर्करा को पौधे के हर उस भाग तक पहुँचाता है जिसे भोजन चाहिए। फ्लोएम एक जटिल स्थायी ऊतक है, जो चार प्रकार की कोशिकाओं से बनता है: चालनी नलिकाएँ, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम मृदूतक और फ्लोएम रेशे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रियाओं में शामिल है?
- A.केल्विन चक्र
- B.हिल अभिक्रिया
- C.फोटोसिस्टम
- D.प्रकाश-संश्लेषी वर्णकों द्वारा प्रकाश का अवशोषण
उत्तर देखें
केल्विन चक्र प्रकाश की सीधी आवश्यकता के बिना कार्बन डाइऑक्साइड को शर्करा में बदलता है, इसलिए यही प्रकाश-स्वतंत्र (अंधकार) अभिक्रिया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक पौधे के तने की मोटाई (घेरा) बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है?
- A.वाहिनिका (ट्रैकीड)
- B.परिरंभ (पेरीसाइकिल)
- C.अंतर्वेशी विभज्योतक
- D.पार्श्व विभज्योतक
उत्तर देखें
पार्श्व विभज्योतक तने और जड़ के किनारों पर विभाजित होकर नई कोशिकाएँ जोड़ता है, जिससे वे मोटे होते हैं। विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं का समूह है जो लगातार विभाजित होती रहती हैं।
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