निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.न्यूट्रॉन एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन के संयोग से बनता है। इसलिए यह उदासीन होता है
- B.इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान का लगभग 1/2000 गुना होता है
- C.घेंघा के उपचार में कोबाल्ट के एक समस्थानिक का उपयोग होता है
- D.जे.जे. थॉमसन ने प्रस्तावित किया कि परमाणु के नाभिक में केवल न्यूट्रॉन होते हैं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान का लगभग 1/1836 होता है, जो मोटे तौर पर 1/2000 है।
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान लगभग 9.1 × 10⁻³¹ kg है, जबकि प्रोटॉन का लगभग 1.67 × 10⁻²⁷ kg, यानी करीब 1,836 गुना भारी। इसीलिए माना जाता है कि परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान उसके नाभिक में होता है और द्रव्यमान संख्या गिनते समय इलेक्ट्रॉन नहीं जोड़े जाते। 1932 में जेम्स चैडविक द्वारा खोजा गया न्यूट्रॉन प्रोटॉन से थोड़ा भारी होता है और उस पर कोई आवेश नहीं होता।
A गलत है, क्योंकि न्यूट्रॉन क्वार्कों से बना एक अलग कण है; वह केवल इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन का जोड़ नहीं है, भले ही मुक्त न्यूट्रॉन टूटकर प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन देता है।
C गलत है, क्योंकि घेंघा का उपचार आयोडीन के समस्थानिक (आयोडीन-131) से होता है; कोबाल्ट-60 कैंसर की विकिरण चिकित्सा में काम आता है।
D गलत है, क्योंकि थॉमसन ने बिना नाभिक वाला प्लम पुडिंग मॉडल दिया था; नाभिक रदरफोर्ड ने और न्यूट्रॉन चैडविक ने खोजा।
Exam tip: प्रोटॉन ≈ 1836 × इलेक्ट्रॉन; आयोडीन-131 – थायरॉयड और घेंघा, कोबाल्ट-60 – कैंसर चिकित्सा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस कोशिकांग में DNA होता है?
- A.गॉल्जी उपकरण
- B.माइटोकॉन्ड्रिया
- C.लाइसोसोम
- D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
माइटोकॉन्ड्रिया में अपना छोटा, वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का 'पावरहाउस' है, जहाँ वायवीय श्वसन से ATP बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सब्जियों का कौन-सा समूह पौधे का भूमिगत तना या रूपांतरित तना है?
- A.आलू, आर्टिचोक, टिंडा
- B.प्याज, लहसुन, गाजर
- C.आलू, प्याज, लहसुन
- D.आलू, लहसुन, शलजम
उत्तर देखें
तीनों भूमिगत रूपांतरित तने हैं: आलू तना कंद है, और प्याज तथा लहसुन शल्ककंद (बल्ब) हैं। तने को जड़ से उसकी गाँठों (पर्वसंधियों) और कलिकाओं से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →300 Hz आवृत्ति वाली एक ध्वनि तरंग किसी अज्ञात माध्यम में चल रही है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात नहीं है। यह समय t में अपनी तरंगदैर्ध्य के 150 गुने के बराबर दूरी तय करती है। t का मान है :
- A.0.5 s
- B.1 s
- C.1.5 s
- D.2 s
उत्तर देखें
तरंग हर कंपन में एक तरंगदैर्ध्य आगे बढ़ती है, इसलिए 150 तरंगदैर्ध्य के लिए 150 कंपन चाहिए, और 300 कंपन प्रति सेकंड की दर से 150 कंपन में आधा सेकंड लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोई वस्तु किसी द्रव में तैरती है, यदि उत्प्लावन बल :
- A.उसके भार के बराबर हो।
- B.उसके भार से कम हो।
- C.उसके भार से अधिक हो।
- D.शून्य हो।
उत्तर देखें
तैरती वस्तु संतुलन में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल ठीक उसके भार को संतुलित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से मानव मस्तिष्क के विभिन्न भाग हैं?
- A.फोरफ्रंट ब्रेन, स्टैंडर्ड ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
- B.अग्र मस्तिष्क, मीडियन ब्रेन और रियर ब्रेन
- C.अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क
- D.प्रीकर्सर ब्रेन, मीन ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
उत्तर देखें
ये मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं। अग्र मस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है।
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