निम्नलिखित में से कौन-सा कथन RNA वायरस में पाई जाने वाली उच्च उत्परिवर्तन दर और तेज़ विकास की व्याख्या करता है?
- A.DNA की तुलना में RNA अपेक्षाकृत अस्थिर होता है।
- B.वायरस केवल परपोषी की जीवित कोशिका के भीतर ही गुणन कर सकता है।
- C.वायरस में उपापचयी प्रक्रियाएँ अनुपस्थित होती हैं।
- D.वायरस लंबे समय तक सुप्त अवस्था में रह सकता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, DNA की तुलना में RNA अपेक्षाकृत अस्थिर होता है। RNA प्रायः एकल-सूत्री होता है और इसकी शर्करा राइबोज़ में एक अतिरिक्त हाइड्रॉक्सिल समूह होता है, जिससे यह अणु दोहरे सूत्र वाले DNA की तुलना में अधिक क्रियाशील होता है और आसानी से टूटता या बदलता है। RNA वायरस अपने जीन की प्रतिलिपि RNA-आश्रित RNA पॉलीमरेज़ एंज़ाइम से बनाते हैं, जिसमें त्रुटि-सुधार (प्रूफ़रीडिंग) की क्षमता बहुत कम या नहीं होती, इसलिए प्रतिलिपि की गलतियाँ ठीक नहीं होतीं। नतीजा बहुत ऊँची उत्परिवर्तन दर है, जिससे ये वायरस तेज़ी से बदलकर प्रतिरक्षा और दवाओं से बच निकलते हैं। इसी कारण फ़्लू का टीका हर मौसम में बदला जाता है और कोरोनावायरस के नए वैरिएंट आते रहे। HIV, हेपेटाइटिस C, डेंगू और खसरा भी RNA वायरस हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि DNA हो या RNA, हर वायरस केवल जीवित कोशिका में गुणन करता है, इसलिए यह अंतर नहीं समझाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि किसी भी वायरस का अपना उपापचय नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि सुप्तावस्था बदलाव को धीमा करती है। परीक्षा टिप: अस्थिर RNA और प्रूफ़रीडिंग का अभाव = तेज़ उत्परिवर्तन (फ़्लू, HIV, कोरोना)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंरक्तचाप को हाथ से (मैनुअल रूप से) मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है ?
- A.स्फ़िग्मोमैनोमीटर
- B.सेंट्रीफ़्यूज
- C.इलेक्ट्रोफ़ोरेसिस
- D.थर्मल साइक्लर
उत्तर देखें
स्फ़िग्मोमैनोमीटर में बाँह के ऊपरी भाग पर लपेटा जाने वाला हवा भरने योग्य कफ़, उसमें हवा भरने के लिए रबर का बल्ब और एक मापक होता है, जो परंपरागत रूप से पारे का स्तंभ होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित की जाती है, तो यह विघटित होकर बनाता है
- A.NaHCO3
- B.NaOH
- C.HCl
- D.HOCl
उत्तर देखें
जब ब्राइन, यानी सोडियम क्लोराइड के सांद्र जलीय विलयन, में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो लवण विघटित हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निर्भर करता है
- A.केवल उसके द्रव्यमान पर।
- B.केवल उसकी त्रिज्या पर।
- C.उसके द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पर।
- D.या तो उसके द्रव्यमान पर या उसकी त्रिज्या पर।
उत्तर देखें
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, जहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक, M पृथ्वी का द्रव्यमान और R उसकी त्रिज्या है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी विलयन की सांद्रता को व्यक्त किया जा सकता है : 1. मोलरता 2. मोललता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
मोलरता और मोललता, दोनों ही यह बताने के मानक तरीके हैं कि किसी विलयन में कितना विलेय घुला है। मोलरता (M) एक लीटर विलयन में घुले विलेय के मोलों की संख्या है, यानी 1 M सोडियम क्लोराइड विलयन के एक लीटर में 58.5 ग्राम नमक होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी छड़ पर घूर्णन अक्ष से 0.5 मीटर दूर बिंदु पर 20 न्यूटन का बल समकोण पर लगाया जाता है। अक्ष के परितः बल आघूर्ण कितना होगा?
- A.4 न्यूटन मीटर
- B.10 न्यूटन मीटर
- C.40 न्यूटन मीटर
- D.20.5 न्यूटन मीटर
उत्तर देखें
बल आघूर्ण r गुणा F गुणा दोनों के बीच के कोण की साइन होता है, और यहां बल छड़ के लंबवत है, इसलिए साइन का मान एक है और आघूर्ण सीधे 0.5 गुणा 20 अर्थात 10 न्यूटन मीटर आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →