निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बनिक यौगिक का उदाहरण नहीं है?
- A.अमोनियम सायनेट
- B.मार्श गैस
- C.यूरिया
- D.इक्षु शर्करा (गन्ने की चीनी)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, अमोनियम सायनेट। यह अमोनियम आयन और सायनेट आयन से बना एक अकार्बनिक लवण है, जिसमें कार्बन-हाइड्रोजन बंध नहीं है।
अमोनियम सायनेट रसायन के इतिहास में प्रसिद्ध है, क्योंकि 1828 में फ्रेडरिक वोहलर ने इसे गर्म करके यूरिया बनाया था। यह प्रयोगशाला में किसी अकार्बनिक पदार्थ से बना पहला कार्बनिक यौगिक था, और इसने उस पुरानी "जैव शक्ति" धारणा को कमजोर किया कि कार्बनिक यौगिक केवल सजीव ही बना सकते हैं। कार्बोनेट, सायनाइड और सायनेट जैसे यौगिकों में कार्बन होने पर भी उन्हें अकार्बनिक माना जाता है।
B गलत है, क्योंकि मार्श गैस मीथेन (CH₄) है, जो सबसे सरल कार्बनिक यौगिक है और दलदलों में सड़ती वनस्पति से निकलती है।
C गलत है, क्योंकि यूरिया, CO(NH₂)₂, वही कार्बनिक यौगिक है जिसे वोहलर ने बनाया था और जो मूत्र में पाया जाता है।
D गलत है, क्योंकि गन्ने की चीनी सुक्रोज (C₁₂H₂₂O₁₁) है, जो एक कार्बनिक कार्बोहाइड्रेट है।
Exam tip: वोहलर, 1828: अमोनियम सायनेट (अकार्बनिक) गर्म करने पर यूरिया (कार्बनिक) देता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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