निम्नलिखित में से कौन-सा काकतीय राज्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बंदरगाह था?
- A.काकीनाडा
- B.मोटुपल्ली
- C.मछलीपट्टनम (मसुलीपट्टनम)
- D.नेल्लुरु
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, मोटुपल्ली। आंध्र तट पर स्थित मोटुपल्ली वारंगल के काकतीय राज्य का प्रमुख बंदरगाह था।
काकतीयों ने 12वीं से 14वीं शताब्दी के आरंभ तक वारंगल से तेलुगु क्षेत्र पर शासन किया। गणपतिदेव ने 1244-45 में मोटुपल्ली अभय-शासन (स्तंभ लेख) जारी किया, जिसमें बंदरगाह पर व्यापार करने वाले विदेशी व्यापारियों को सुरक्षा और तय शुल्क का भरोसा दिया गया। वेनिस के यात्री मार्को पोलो लगभग 1293 में रानी रुद्रमादेवी के शासनकाल में आए और मोटुपल्ली के प्रसंग में इस राज्य के हीरों और वस्त्रों का वर्णन किया। आज यह स्थान आंध्र प्रदेश के बापटला क्षेत्र में है।
A गलत है क्योंकि काकीनाडा बहुत बाद में, औपनिवेशिक काल में बड़ा बंदरगाह बना। C गलत है क्योंकि मछलीपट्टनम 16वीं-17वीं शताब्दी में गोलकुंडा राज्य और यूरोपीय कंपनियों के बंदरगाह के रूप में प्रसिद्ध हुआ। D गलत है क्योंकि नेल्लोर पेन्ना नदी पर बसा भीतरी नगर था, काकतीयों का बंदरगाह नहीं।
Exam tip: काकतीय = राजधानी वारंगल, बंदरगाह मोटुपल्ली, मार्को पोलो रुद्रमादेवी के समय आए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्राचीन भारतीय ग्रंथों में वर्णित प्राचीन नगर तक्षशिला के स्थान की पहचान किसने की थी?
- A.अलेक्जेंडर कनिंघम
- B.आर.डी. बनर्जी
- C.जॉन मार्शल
- D.दयाराम साहनी
उत्तर देखें
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पहले महानिदेशक अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1860 के दशक में रावलपिंडी के पास प्राचीन तक्षशिला के स्थल की पहचान की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अशोक के अभिलेखों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.केरल में मिला वृहद शिलालेख संस्कृत में है।
- B.बिहार में लघु शिलालेख केवल पाटलिपुत्र में मिलते हैं।
- C.धौली वृहद शिलालेख में कलिंग युद्ध का उल्लेख है।
- D.उत्तराखंड में कालसी वृहद शिलालेखों का एक स्थल है।
उत्तर देखें
उत्तराखंड में देहरादून के पास कालसी में अशोक के चौदह वृहद शिलालेखों का पूरा समूह एक ही शिला पर उत्कीर्ण है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आत्म-सम्मान आंदोलन किसने शुरू किया था?
- A.बी.आर. आंबेडकर
- B.ज्योतिबा फुले
- C.ई.वी. रामासामी नायकर
- D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें
पेरियार के नाम से प्रसिद्ध ई.वी. रामासामी ने 1925 में तमिलनाडु में आत्म-सम्मान आंदोलन शुरू किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आर्थिक दृष्टि से, 19वीं शताब्दी में भारत में ब्रिटिश शासन का एक परिणाम क्या था?
- A.भारतीय हस्तशिल्प के निर्यात में वृद्धि
- B.भारतीयों के स्वामित्व वाले कारखानों की संख्या में वृद्धि
- C.भारतीय कृषि का वाणिज्यीकरण
- D.शहरी जनसंख्या में तीव्र वृद्धि
उत्तर देखें
ब्रिटिश शासन ने भारतीय किसानों को अपने भोजन के बजाय बिक्री और निर्यात के लिए फसलें उगाने की ओर धकेला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित स्वतंत्रता सेनानियों पर विचार कीजिए:
1. बारींद्र कुमार घोष
2. जोगेश चंद्र चटर्जी
3. रासबिहारी बोस
उपर्युक्त में से कौन ग़दर पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़ा था/जुड़े थे?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
तीनों में से केवल रासबिहारी बोस ने ग़दर पार्टी के साथ सक्रिय रूप से काम किया। ग़दर पार्टी की स्थापना 1913 में सैन फ़्रांसिस्को में उत्तरी अमेरिका के भारतीयों ने की थी, जिसके नेताओं में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →