निम्नलिखित में से कौन-सा एक मृतजीवी (सैप्रोफाइट) है?
- A.कस्कुटा
- B.राइज़ोपस
- C.स्पाइरोगायरा
- D.घास
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, राइज़ोपस। राइज़ोपस यानी ब्रेड मोल्ड मृत और सड़ते हुए कार्बनिक पदार्थों से भोजन लेता है, और मृतजीवी ठीक यही करते हैं।
मृतजीवी बासी ब्रेड, फल या सूखी पत्तियों जैसे मृत पदार्थों पर पाचक एंजाइम छोड़ते हैं और फिर बने हुए सरल पोषक तत्वों को सोख लेते हैं। राइज़ोपस, म्यूकर और मशरूम जैसे कई कवक तथा अनेक जीवाणु इसी तरह जीते हैं। मृत अवशेषों को तोड़कर ये अपघटक का काम करते हैं और पोषक तत्व मिट्टी में लौटाते हैं। कुछ दिन रखी नम ब्रेड पर दिखने वाली काली, रुई जैसी परत राइज़ोपस ही होती है।
A गलत है क्योंकि कस्कुटा यानी अमरबेल एक परजीवी है जो अपने चूषकांगों से जीवित पौधे से भोजन लेता है। C गलत है क्योंकि स्पाइरोगायरा एक हरा शैवाल है जो प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाता है। D गलत है क्योंकि घास हरा पौधा है, इसलिए स्वपोषी है।
Exam tip: राइज़ोपस और मशरूम मृतजीवी हैं, अमरबेल परजीवी है, और हरे पौधे तथा शैवाल स्वपोषी हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का शुद्धतम रूप है?
- A.चारकोल (काष्ठ कोयला)
- B.कोक
- C.फ़ुलरीन
- D.कार्बन ब्लैक
उत्तर देखें
फ़ुलरीन केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं और उनकी कोई ऐसी सतह नहीं होती जो दूसरे पदार्थों को फँसाए, इसलिए इन्हें कार्बन का शुद्धतम रूप माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ग्रह का द्रव्यमान M₁ और त्रिज्या R₁ है। इसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g₁ है। एक अन्य ग्रह 2 का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पहले ग्रह के दोगुने हैं। ग्रह 2 की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.g₁
- B.2g₁
- C.g₁/2
- D.g₁/4
उत्तर देखें
सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, इसलिए द्रव्यमान दोगुना होने से g दोगुना होता है और त्रिज्या दोगुनी होने से चार गुना घटता है, यानी g₁ × 2/4 = g₁/2।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बायोगैस का प्रमुख घटक है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.नाइट्रस ऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
बायोगैस का सबसे बड़ा भाग मीथेन होता है, प्रायः 55 से 75 प्रतिशत, और यही गैस जलती है। बायोगैस तब बनती है जब बंद डाइजेस्टर में ऑक्सीजन के अभाव में जीवाणु गोबर, रसोई का कचरा या फ़सल अवशेष को तोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →काँच के गिलास में पानी में रखा नींबू अपने वास्तविक आकार से बड़ा दिखाई देता है। इसका कारण है
- A.प्रकाश का परावर्तन
- B.प्रकाश का प्रकीर्णन
- C.प्रकाश का अपवर्तन
- D.प्रकाश का ध्रुवण
उत्तर देखें
नींबू बड़ा इसलिए दिखता है कि उससे आने वाला प्रकाश पानी से वक्र काँच होकर हवा में जाते समय मुड़ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष रदरफ़ोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग से नहीं निकाला जा सकता था?
- A.परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है।
- B.परमाणु की त्रिज्या नाभिक की त्रिज्या की लगभग 10⁵ गुना होती है।
- C.इलेक्ट्रॉन नियत ऊर्जा वाले वृत्ताकार पथों में घूमते हैं, जिन्हें कक्षाएँ कहते हैं।
- D.परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान नाभिक में रहता है।
उत्तर देखें
। नियत ऊर्जा वाली कक्षाओं का प्रस्ताव नील्स बोर ने 1913 में दिया था; रदरफ़ोर्ड का प्रयोग इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा के बारे में कुछ नहीं बताता था।
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