निम्नलिखित में से कौन-सा चंपारण सत्याग्रह का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है?
- A.राष्ट्रीय आंदोलन में वकीलों, छात्रों और महिलाओं की सक्रिय अखिल भारतीय भागीदारी
- B.राष्ट्रीय आंदोलन में भारत के दलित और आदिवासी समुदायों की सक्रिय भागीदारी
- C.किसान असंतोष का भारत के राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ना
- D.बागानी फसलों और वाणिज्यिक फसलों की खेती में भारी कमी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, किसान असंतोष का भारत के राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ना। 1917 का चंपारण सत्याग्रह भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह था और इसका सबसे बड़ा महत्व यह था कि इसने किसानों की शिकायतों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ दिया। बिहार के चंपारण ज़िले में यूरोपीय बागान मालिक तिनकठिया प्रथा के तहत किसानों को अपनी ज़मीन के तीन-बीसवें हिस्से पर नील उगाने और उसे कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर करते थे। राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर गांधीजी वहां गए, ज़िला छोड़ने के आदेश को नहीं माना और राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, जे.बी. कृपलानी आदि के साथ हज़ारों किसानों के बयान दर्ज किए। सरकार ने गांधीजी को सदस्य बनाकर जांच समिति बनाई और 1918 के चंपारण कृषि अधिनियम ने तिनकठिया प्रथा समाप्त कर दी। विकल्प A गलत है क्योंकि वकीलों, छात्रों और महिलाओं की अखिल भारतीय भागीदारी बाद में असहयोग आंदोलन में दिखी। विकल्प B गलत है क्योंकि चंपारण बागान मालिकों के विरुद्ध काश्तकार किसानों का संघर्ष था, दलित या आदिवासी आंदोलन नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि इस सत्याग्रह से बागानी या वाणिज्यिक फसलों में भारी कमी नहीं आई; नील तो कृत्रिम रंगों के कारण पहले से घट रहा था। Exam tip: भारत में गांधीजी के पहले तीन सत्याग्रह: चंपारण (1917), अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) और खेड़ा (1918)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय राजनीतिक चिंतन की शास्त्रीय कृति अर्थशास्त्र मुख्य रूप से किस पर केंद्रित है?
- A.अर्थव्यवस्था
- B.संस्कृति
- C.राज्य-शिल्प (शासन कला)
- D.राजतंत्र
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र इस बात की पुस्तिका है कि राजा को अपने राज्य का शासन, रक्षा और विस्तार कैसे करना चाहिए, इसलिए इसका मुख्य विषय शासन कला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'(ब्रिटिश) सरकार के साथ (सभी) स्वैच्छिक संबंधों के त्याग' का आह्वान किसके दौरान किया गया था?
- A.असहयोग आंदोलन
- B.सविनय अवज्ञा आंदोलन
- C.भारत छोड़ो आंदोलन
- D.बंगाल विभाजन के विरुद्ध विरोध
उत्तर देखें
सितंबर 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन में पारित और दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन में पुष्ट कांग्रेस के असहयोग प्रस्ताव में ब्रिटिश सरकार के साथ सभी स्वैच्छिक संबंधों के त्याग का आह्वान किया गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय स्वतंत्रता की ओर ले जाने वाली निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: 1. लखनऊ समझौता 2. सुभाष चंद्र बोस की भारत वापसी 3. क्रिप्स मिशन 4. बंबई में नौसेना विद्रोह नीचे दिए गए कूट से इन घटनाओं का कालानुक्रम (प्राचीनतम से नवीनतम) चुनिए:
- A.4, 3, 2, 1
- B.3, 4, 2, 1
- C.1, 2, 3, 4
- D.2, 1, 3, 4
उत्तर देखें
ये घटनाएं 1916 के लखनऊ समझौते से शुरू होकर 1920 और 1930 के दशक में सुभाष चंद्र बोस की भारत वापसी, 1942 के क्रिप्स मिशन और 1946 के नौसेना विद्रोह तक जाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →100 ईसा पूर्व - 200 ईसवी की अवधि में भारत के समुद्री व्यापार संबंधों के महत्वपूर्ण प्रमाण कोरोमंडल तट के निम्नलिखित में से किस स्थल से मिले हैं?
- A.अरिकामेडु
- B.ताम्रलिप्ति
- C.भरुकच्छ
- D.मुचिरी
उत्तर देखें
कोरोमंडल तट पर पुदुच्चेरी के पास स्थित अरिकामेडु से लगभग पहली सदी ईसा पूर्व से दूसरी सदी ईसवी के बीच रोमन जगत के साथ व्यापार के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कलकत्ता में महाकाली पाठशाला की संस्थापक कौन थीं?
- A.परम पूज्य माताजी महारानी तपस्विनी
- B.सिस्टर निवेदिता
- C.मैडम ब्लावात्स्की
- D.सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें
माताजी तपस्विनी ने 1893 में कलकत्ता में महाकाली पाठशाला की स्थापना की, ताकि लड़कियों को भारतीय परंपरा पर आधारित शिक्षा मिल सके।
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