निम्नलिखित में से कौन पायस (इमल्शन) का उदाहरण है?
- A.दूध
- B.कोहरा
- C.रत्न
- D.बादल
सही उत्तर
A. दूध
व्याख्या
सही उत्तर है A, दूध। दूध एक पायस है, क्योंकि इसमें वसा की सूक्ष्म बूँदें जल में फैली रहती हैं, और पायस वह कोलॉइड है जिसमें एक द्रव दूसरे द्रव में परिक्षिप्त होता है। दूध में वसा की बूँदें आपस में नहीं जुड़तीं, क्योंकि दूध का प्रोटीन केसीन पायसीकारक का काम करता है और हर बूँद पर परत बना देता है। मक्खन, मलाई, मेयोनेज और कोल्ड क्रीम भी रोज काम आने वाले पायस हैं; मक्खन और मलाई में व्यवस्था उलटी होती है, जहाँ जल वसा में फैला रहता है। B गलत है क्योंकि कोहरा हवा में फैली जल की सूक्ष्म बूँदें है, इसलिए वह ऐरोसोल है, पायस नहीं। C गलत है क्योंकि रंगीन रत्न ठोस में परिक्षिप्त ठोस है, यानी ठोस सॉल। D गलत है क्योंकि बादल भी गैस में जल की बूँदें हैं और ऐरोसोल में आते हैं। परीक्षा टिप: द्रव में द्रव – पायस (दूध), गैस में द्रव – ऐरोसोल (बादल, कोहरा), द्रव में ठोस – सॉल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन क्यूरियम का रासायनिक प्रतीक है?
- A.Cr
- B.Cm
- C.Ci
- D.Cu
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. Cm
व्याख्या
सही उत्तर है B, Cm। क्यूरियम एक रेडियोसक्रिय मानव निर्मित तत्व है, जिसका प्रतीक Cm और परमाणु संख्या 96 है। इसे पहली बार 1944 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में ग्लेन सीबोर्ग और उनके साथियों ने प्लूटोनियम पर हीलियम नाभिकों की बमबारी करके बनाया, और रेडियोसक्रियता पर काम के लिए मैरी तथा पियरे क्यूरी के सम्मान में इसका नाम रखा गया। क्यूरियम आवर्त सारणी की ऐक्टिनाइड श्रेणी का तत्व है, प्रकृति में उपयोगी मात्रा में नहीं मिलता, और अंतरिक्ष यानों में ऊर्जा स्रोत के रूप में तथा मंगल रोवरों में लगे अल्फा कण एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर में प्रयोग होता है। A गलत है क्योंकि Cr क्रोमियम का प्रतीक है, जिसकी परमाणु संख्या 24 है। C गलत है क्योंकि Ci किसी तत्व का प्रतीक नहीं है; यह रेडियोसक्रियता की पुरानी इकाई क्यूरी है, जो भी क्यूरी दंपति के नाम पर है। D गलत है क्योंकि Cu ताँबे का प्रतीक है, जो उसके लैटिन नाम क्यूप्रम से आया है। परीक्षा टिप: Cm क्यूरियम, Cr क्रोमियम, Cu ताँबा, Ci क्यूरी इकाई।
निम्नलिखित में से कौन-सी गैस बिजली के बल्बों में प्रयोग की जाती है?
- A.हैलोजन
- B.नाइट्रोजन
- C.कार्बन डाइऑक्साइड
- D.हाइड्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नाइट्रोजन
व्याख्या
सही उत्तर है B, नाइट्रोजन। साधारण तापदीप्त बल्ब में नाइट्रोजन भरी जाती है, जिसमें आमतौर पर आर्गन मिली होती है, ताकि सफेद गर्म टंगस्टन तंतु जलकर नष्ट न हो जाए। यह तंतु लगभग 2500 डिग्री सेल्सियस पर काम करता है और हवा में टंगस्टन कुछ ही क्षणों में ऑक्सीकृत हो जाता। नाइट्रोजन और आर्गन टंगस्टन से कोई क्रिया नहीं करती, और भीतर की गैस का दबाव धातु के वाष्पीकरण को भी धीमा करता है, जिससे तंतु अधिक चलता है और काँच जल्दी काला नहीं पड़ता। A गलत है क्योंकि आयोडीन या ब्रोमीन जैसी हैलोजन गैसें केवल हैलोजन लैंप में डाली जाती हैं, साधारण बल्ब में नहीं। C गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड उस ताप पर ऑक्सीजन छोड़कर तंतु को खा जाती। D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील है और बल्ब को खतरनाक बना देती। परीक्षा टिप: तंतु टंगस्टन का, गलनांक लगभग 3400 डिग्री सेल्सियस, बल्ब में नाइट्रोजन और आर्गन।
प्रकाश की एक किरण माध्यम X से दूसरे माध्यम Y में जाती है। यदि अपवर्तन न हो, तो आपतित प्रकाश और माध्यम Y की सतह के बीच का कोण होना चाहिए
- A.120°
- B.90°
- C.45°
- D.0°
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 90°
व्याख्या
सही उत्तर है B, 90 डिग्री। जब किरण सतह से 90 डिग्री का कोण बनाती है, तब वह अभिलंब के साथ-साथ चलती है, इसलिए अभिलंब से नापा गया आपतन कोण शून्य होता है और किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। अपवर्तन प्रकाश का वह झुकाव है जो नए माध्यम में प्रवेश करते समय उसकी चाल बदलने से होता है, और स्नेल के नियम के अनुसार आपतन कोण की ज्या बटा अपवर्तन कोण की ज्या अपवर्तनांक के बराबर होती है; आपतन कोण शून्य होने पर दोनों ज्याएँ शून्य हो जाती हैं और झुकाव संभव नहीं रहता, हालाँकि चाल और तरंगदैर्ध्य तब भी बदलते हैं। A गलत है क्योंकि सतह से 120 डिग्री का अर्थ है कि किरण तिरछी पड़ रही है और मुड़ेगी। C गलत है क्योंकि सतह से 45 डिग्री पर आपतन कोण भी 45 डिग्री होता है, इसलिए किरण अपवर्तित होगी। D गलत है क्योंकि 0 डिग्री का अर्थ है किरण सतह के समानांतर सरक रही है और माध्यम Y में प्रवेश ही नहीं कर रही। परीक्षा टिप: अभिलंब के साथ चलने पर झुकाव नहीं; किरण जितनी तिरछी होगी, झुकाव उतना बढ़ेगा।
कुक्कुट का कौन-सा रोग न्यू कैसल रोग के नाम से भी जाना जाता है?
- A.रानीखेत
- B.आईबीडी
- C.कॉक्सीडियोसिस
- D.फाउल पॉक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रानीखेत
व्याख्या
सही उत्तर है A, रानीखेत। न्यूकैसल रोग को भारत में रानीखेत रोग कहा जाता है क्योंकि देश में इसका पहला बड़ा प्रकोप कुमाऊँ की पहाड़ियों में रानीखेत से दर्ज हुआ था, जबकि न्यूकैसल नाम इंग्लैंड के न्यूकैसल अपॉन टाइन से आया, जहाँ 1926 में इसकी पहचान हुई थी। यह रोग पैरामिक्सोवायरस से होता है, बीट और छींट के माध्यम से झुंड में तेजी से फैलता है, और इसमें हाँफना, हरापन लिए दस्त, गर्दन का मुड़ जाना तथा अंडा उत्पादन में तेज गिरावट दिखती है, इसलिए हानि भारी हो सकती है। इसका कोई इलाज नहीं है और कुक्कुट पालक एफ तथा आर2बी टीकों के साथ कड़ी स्वच्छता पर निर्भर रहते हैं। B गलत है क्योंकि आईबीडी अर्थात संक्रामक बर्सल रोग या गंबोरो बर्सा और चूजे की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालता है। C गलत है क्योंकि कॉक्सीडियोसिस आइमेरिया नामक प्रोटोजोआ से होता है और इसमें खून मिली बीट आती है। D गलत है क्योंकि फाउल पॉक्स अलग विषाणु रोग है, जिसमें कलगी और गलतुंडी पर मस्से जैसी पपड़ी बनती है। परीक्षा टिप: रानीखेत यानी न्यूकैसल रोग, विषाणु रोग जिसका उपाय टीकाकरण है।
कैप्रा हिरकस किसका वैज्ञानिक नाम है?
- A.बकरी
- B.गाय
- C.भेड़
- D.भैंस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बकरी
व्याख्या
सही उत्तर है A, बकरी। कैप्रा हिरकस पालतू बकरी का वैज्ञानिक नाम है, जिसमें कैप्रा वंश और हिरकस प्रजाति है, और यह उसी दो-नाम पद्धति में लिखा गया है जो कार्ल लीनियस ने जीव विज्ञान को दी थी। बकरी बोविडी कुल का रोमंथक पशु है और इसे गरीब की गाय कहा जाता है क्योंकि यह कम चारे में दूध तथा मांस देती है और शुष्क क्षेत्रों में भी पल जाती है; बकरियों की संख्या में राजस्थान राज्यों में सबसे आगे है और सिरोही, मारवाड़ी, जखराना तथा बरबरी इसकी प्रसिद्ध नस्लों में हैं। B गलत है क्योंकि गाय का नाम बॉस इंडिकस है, जो कूबड़ वाली भारतीय गाय है, या बॉस टॉरस। C गलत है क्योंकि भेड़ का वैज्ञानिक नाम ओविस एरीज है। D गलत है क्योंकि भारतीय भैंस बुबेलस बुबेलिस है, जो देश का सबसे अधिक दूध देती है। परीक्षा टिप: चारों नाम साथ याद रखें, बकरी कैप्रा हिरकस, भेड़ ओविस एरीज, गाय बॉस इंडिकस और भैंस बुबेलस बुबेलिस।