निम्नलिखित में से कौन 18वीं शताब्दी में अवध राज्य का संस्थापक था?
- A.मुर्शिद क़ुली ख़ान
- B.सआदत ख़ान
- C.अलीवर्दी ख़ान
- D.सरफ़राज़ ख़ान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, सआदत ख़ान। सआदत ख़ान बुरहान-उल-मुल्क को मुग़ल बादशाह मुहम्मद शाह ने 1722 में अवध का सूबेदार बनाया और उसने अवध को लगभग स्वतंत्र राज्य बना दिया।
निशापुर से आए फ़ारसी अमीर सआदत ख़ान ने अवध के ज़मींदारों को नियंत्रण में किया, राजस्व व्यवस्था को फिर से संगठित किया और सूबेदारी को अपने परिवार में वंशानुगत बना दिया। उसकी मृत्यु 1739 में हुई, जिस वर्ष नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण किया। उसके बाद उसका भतीजा और दामाद सफ़दरजंग, और फिर शुजाउद्दौला गद्दी पर आया, जो 1764 में बक्सर में लड़ा। 1775 में आसफ़उद्दौला के समय राजधानी फ़ैज़ाबाद से लखनऊ गई और 1856 में अंग्रेज़ों ने वाजिद अली शाह को हटाकर अवध का विलय कर लिया।
A गलत है, क्योंकि मुर्शिद क़ुली ख़ान ने स्वतंत्र बंगाल राज्य की नींव रखी। C गलत है, क्योंकि अलीवर्दी ख़ान बंगाल का बाद का नवाब था, जिसने 1740 में सत्ता हथियाई। D गलत है, क्योंकि सरफ़राज़ ख़ान बंगाल का वह नवाब था जिसे अलीवर्दी ख़ान ने हटाया।
Exam tip: अवध, सआदत ख़ान; बंगाल, मुर्शिद क़ुली ख़ान; हैदराबाद, निज़ाम-उल-मुल्क आसफ़जाह; तीनों 1720 के दशक में मुग़लों से अलग हुए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंलॉर्ड वेलेज़ली की सहायक संधि प्रणाली की शर्तों में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल नहीं थी?
- A.अंग्रेज़ अपने सहयोगी की रक्षा करेंगे।
- B.सहयोगी अन्य शासकों से समझौते करने या युद्ध करने के लिए स्वतंत्र था।
- C.सहयोगी के क्षेत्र में एक ब्रिटिश सैन्य टुकड़ी तैनात रहेगी।
- D.सहयोगी को ब्रिटिश सैन्य टुकड़ी के रखरखाव के लिए संसाधन देने होंगे।
उत्तर देखें
लॉर्ड वेलेज़ली (गवर्नर-जनरल 1798–1805) की सहायक संधि में भारतीय शासक यही स्वतंत्रता छोड़ देता था: कंपनी की अनुमति के बिना वह न युद्ध कर सकता था, न संधि कर सकता था, न अन्य यूरोपीयों को नौकरी दे सकता था, और उसे अपने दरबार में एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखना पड़ता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सहजिया संप्रदाय, जिसकी शुरुआत 10वीं और 11वीं सदी में खोजी जा सकती है, सामान्यतः किससे संबंधित है?
- A.आरंभिक भक्ति परंपराओं से
- B.एक प्रकार के आरंभिक सूफ़ीवाद से
- C.आरंभिक उपनिषदीय दर्शन से
- D.बौद्ध धर्म से
उत्तर देखें
सहजिया संप्रदाय पूर्वी भारत, खासकर बंगाल, में उत्तरकालीन तांत्रिक बौद्ध धर्म से विकसित हुआ और इसे अक्सर सहजयान कहा जाता है, जो वज्रयान की एक शाखा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर मुगल काल में सैयद बंधुओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.उन्होंने जहाँदार शाह को सत्ता में पहुँचाया।
- B.उनके हाथ में प्रशासनिक शक्ति थी।
- C.उन्होंने सहिष्णु धार्मिक नीति अपनाई।
- D.उन्होंने राजा शाहू के साथ समझौता किया।
उत्तर देखें
जहाँदार शाह 1712 में ज़ुल्फ़िकार ख़ाँ की मदद से गद्दी पर बैठा था, जबकि सैयद बंधुओं, अब्दुल्ला ख़ाँ और हुसैन अली ख़ाँ, ने 1713 में उसके भतीजे फ़र्रुख़सियर की मदद कर उसे हराया और मरवा दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आलवार कौन थे?
- A.वे जो विष्णु की भक्ति में डूबे रहते थे
- B.शिव के भक्त
- C.वे जो ईश्वर के निराकार रूप की उपासना करते थे
- D.शक्ति के भक्त
उत्तर देखें
आलवार बारह तमिल कवि-संत थे, जो लगभग छठी से नौवीं सदी के बीच हुए; 'आलवार' का अर्थ ही है विष्णु की भक्ति में 'डूबे हुए'।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मिहिर भोज की ग्वालियर प्रशस्ति के रचयिता कौन थे?
- A.नागभट
- B.वत्सराज
- C.बालादित्य
- D.कक्कुक
उत्तर देखें
ग्वालियर प्रशस्ति गुर्जर-प्रतिहार राजा मिहिर भोज (भोज प्रथम, लगभग 836–885 ई.) की संस्कृत प्रशंसा है, जिसकी रचना कवि बालादित्य ने की थी।
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