निम्नलिखित में से दही रखने की कौन-सी विधि सही नहीं है?
- A.स्टेनलेस स्टील के बर्तन में रखना
- B.तांबे के बर्तन में रखना
- C.प्लास्टिक के बर्तन में रखना
- D.कांच के बर्तन में रखना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, तांबे के बर्तन में रखना। दही में लैक्टिक अम्ल होता है, जो तांबे और पीतल से क्रिया करके विषैले लवण बनाता है, इसलिए दही इनमें नहीं रखा जाता।
दही खट्टा इसलिए होता है क्योंकि लैक्टोबैसिलस जैसे जीवाणु दूध के लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में बदल देते हैं। अम्ल तांबे और पीतल जैसी क्रियाशील धातुओं पर असर करते हैं और तांबे के यौगिक बनाते हैं, जो स्वाद बिगाड़ते हैं और भोजन विषाक्तता कर सकते हैं। इसी कारण दही, अचार और इमली जैसी खट्टी चीजें ऐसे बर्तनों में रखी जाती हैं जो क्रिया न करें, और पुराने समय में पीतल व तांबे के बर्तनों पर कलई की जाती थी।
A गलत है, क्योंकि स्टेनलेस स्टील अम्ल से प्रभावित नहीं होता और दही के लिए सुरक्षित है।
C गलत है, क्योंकि खाद्य-योग्य प्लास्टिक लैक्टिक अम्ल से क्रिया नहीं करता।
D गलत है, क्योंकि कांच रासायनिक रूप से निष्क्रिय है और दही रखने के लिए सबसे अच्छे पात्रों में है।
Exam tip: दही में लैक्टिक अम्ल; खट्टी चीजें तांबे या पीतल के बर्तन में कभी न रखें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक आवेशित कण वेग v से चुंबकीय क्षेत्र B में गति करता है। कण पर लगने वाले बल (F) के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- A.F अधिकतम होता है जब v और B एक-दूसरे के समांतर हों।
- B.F अधिकतम होता है जब v और B एक-दूसरे के प्रति-समांतर हों।
- C.F अधिकतम होता है जब v और B एक-दूसरे के लंबवत हों।
- D.बल F, v और B के बीच के कोण पर निर्भर नहीं करता।
उत्तर देखें
चुंबकीय बल वेग और क्षेत्र के बीच के कोण की ज्या (sin) पर निर्भर करता है, और sin 90° का मान सबसे बड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूर्य-पृथ्वी तंत्र में सूर्य, पृथ्वी और लैग्रांज बिंदु L4 मिलकर बनाते हैं:
- A.एक समद्विबाहु त्रिभुज
- B.एक समबाहु त्रिभुज
- C.एक सीधी रेखा
- D.एक विषमबाहु त्रिभुज
उत्तर देखें
L4 पृथ्वी की कक्षा पर पृथ्वी से 60° आगे स्थित है, इसलिए वह सूर्य से उतनी ही दूर है जितना पृथ्वी से।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा किसी तत्व का सबसे अधिक अभिलाक्षणिक गुण है?
- A.घनत्व
- B.क्वथनांक
- C.द्रव्यमान संख्या
- D.परमाणु संख्या
उत्तर देखें
नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या ही तत्व की पहचान तय करती है, और कोई दो तत्व इसमें समान नहीं होते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कुछ समय तक उपयोग करने के बाद बड़े ट्रांसफ़ॉर्मर गर्म हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि
1. ट्रांसफ़ॉर्मर में धारा ऊष्मा उत्पन्न करती है
2. ट्रांसफ़ॉर्मर में शैथिल्य (हिस्टेरेसिस) हानि होती है
3. ठंडा करने के लिए प्रयुक्त द्रव गर्म हो जाता है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
ट्रांसफ़ॉर्मर अपने भीतर होने वाली ऊर्जा हानि से गर्म होता है: कुंडलियों में धारा से बनी ऊष्मा और लोहे के क्रोड में शैथिल्य हानि।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कथन I : यदि कोई व्यक्ति बार-बार भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाता है, तो उसे तपेदिक (टीबी) हो सकता है।
कथन II : तपेदिक के जीवाणु छींकने या खाँसने से निकलने वाली बूँदों के द्वारा फैलते हैं।
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
दोनों कथन सत्य हैं, और टीबी के जीवाणु का हवा से फैलना ही वह कारण है जिससे भीड़ वाली जगहों पर खतरा बढ़ता है।
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