निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : कथन I : शैलों पर जल के प्रभाव के संदर्भ में, चॉक (खड़िया) को अत्यधिक पारगम्य शैल माना जाता है, जबकि मृत्तिका (क्ले) को काफ़ी अपारगम्य या न्यूनतम पारगम्य शैल माना जाता है। कथन II : चॉक सरंध्र है और इसलिए जल सोख सकता है। कथन III : मृत्तिका बिल्कुल भी सरंध्र नहीं है। उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.कथन II और कथन III दोनों सही हैं और दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं
- B.कथन II और कथन III दोनों सही हैं, किंतु उनमें से केवल एक कथन I की व्याख्या करता है
- C.कथन II और III में से केवल एक सही है और वही कथन I की व्याख्या करता है
- D.न तो कथन II और न ही कथन III सही है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, कथन II और III में से केवल एक सही है और वही कथन I की व्याख्या करता है। चॉक सरंध्र है और पानी भीतर जाने देता है, इसी से वह पारगम्य है; पर मृत्तिका भी सरंध्र है, इसलिए कथन III गलत है।
सरंध्रता कणों के बीच खाली स्थान का अनुपात है; पारगम्यता यह बताती है कि पानी उन स्थानों से कितनी आसानी से गुज़रता है। चॉक चूना पत्थर का नरम, सफ़ेद रूप है, जो समुद्री जीवों के सूक्ष्म कवचों से बना है; इसके खुले छिद्र और दरारें पानी को रिसने देती हैं, इसलिए दक्षिणी इंग्लैंड के डाउन्स जैसे चॉक क्षेत्रों में सतही धाराएँ कम होती हैं। मृत्तिका की सरंध्रता बहुत अधिक होती है और वह बहुत पानी रख सकती है, पर उसके छिद्र इतने सूक्ष्म हैं कि पानी उनमें से मुश्किल से गुज़रता है, इसलिए वह लगभग अपारगम्य है। इसी कारण मृत्तिका की परतें जलभृतों का आधार बनती हैं और तालाबों तथा लैंडफ़िल की परत में लगाई जाती हैं।
A और B गलत हैं, क्योंकि दोनों कथन III को सही मानते हैं।
D गलत है, क्योंकि कथन II सही है।
परीक्षा टिप: मृत्तिका = सरंध्र पर अपारगम्य; चॉक और बलुआ पत्थर = सरंध्र और पारगम्य; ग्रेनाइट = दोनों नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजनांकिकीय संक्रमण मॉडल की निम्नलिखित में से किस अवस्था में मोटे तौर पर जन्म दर और मृत्यु दर दोनों कम होती हैं?
- A.उच्च स्थिर अवस्था
- B.प्रारंभिक विस्तार अवस्था
- C.उत्तर विस्तार अवस्था
- D.निम्न स्थिर अवस्था
उत्तर देखें
इस अंतिम अवस्था में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों कम होती हैं, इसलिए जनसंख्या बहुत धीरे बढ़ती है या लगभग स्थिर रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के पूर्वी तट पर सबसे गहरा, स्थलरुद्ध और सुरक्षित बंदरगाह है?
- A.चेन्नई
- B.पारादीप
- C.तूतीकोरिन
- D.विशाखापत्तनम
उत्तर देखें
यह भारत के पूर्वी तट का सबसे गहरा, स्थलरुद्ध और अच्छी तरह सुरक्षित बंदरगाह है। आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम बंदरगाह ज़मीन के भीतर कटे एक प्राकृतिक पोताश्रय में है, जिसे डॉल्फ़िन्स नोज़ नामक अंतरीप बंगाल की खाड़ी की लहरों से बचाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक प्रकार की पवन की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. ये वायुमंडल के ऊपरी स्तरों पर चलती हैं 2. इन पर दो बल लगते हैं, दाब प्रवणता बल और कोरिऑलिस बल 3. जब ये बल संतुलित हो जाते हैं, तो वायु दाब प्रवणता के समकोण पर, समदाब रेखाओं के समानांतर चलती है दी गई विशेषताओं के आधार पर पवन के प्रकार की पहचान कीजिए :
- A.जेट स्ट्रीम
- B.भूविक्षेपी पवन
- C.पछुआ पवनें
- D.पुरवा पवनें
उत्तर देखें
भूविक्षेपी (जियोस्ट्रॉफ़िक) पवन सतह से काफ़ी ऊपर चलती है, जहां दाब प्रवणता बल और कोरिऑलिस बल संतुलित हो जाते हैं और वायु समदाब रेखाओं के समानांतर बहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी पारगम्य चट्टान है जो अपने भीतर से पानी को गुज़रने देती है?
- A.ग्रेनाइट
- B.चूना पत्थर
- C.क्वार्टज़ाइट
- D.सिल
उत्तर देखें
पानी चूना पत्थर की संधियों और संस्तरण तलों से होकर गुज़रता है और साथ-साथ चट्टान को धीरे-धीरे घोलता जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की निम्नलिखित प्रमुख नदी द्रोणियों में से कौन-सी लंबाई में सबसे छोटी और जलग्रहण क्षेत्र में सबसे कम है?
- A.कावेरी
- B.माही
- C.पेन्नार
- D.साबरमती
उत्तर देखें
चारों में साबरमती सबसे छोटी नदी है और उसकी द्रोणी भी सबसे कम क्षेत्र की है। साबरमती राजस्थान की अरावली पहाड़ियों से निकलती है और गुजरात में अहमदाबाद और गांधीनगर से होकर लगभग 370 km दक्षिण-पश्चिम बहती हुई खंभात की खाड़ी में गिरती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →