निम्नलिखित ऐतिहासिक घटनाओं पर विचार कीजिए : 1. गांधी-इरविन समझौता 2. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 3. बारदोली में किसान आंदोलन 4. खेड़ा में किसान आंदोलन निम्नलिखित में से कौन-सा उपर्युक्त घटनाओं का सही कालानुक्रम (सबसे पहले से आरंभ करते हुए) है?
- A.4-1-3-2
- B.4-3-1-2
- C.3-1-2-4
- D.1-2-4-3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 4-3-1-2। सही क्रम है: खेड़ा (1918), बारदोली (1928), गांधी-इरविन समझौता (मार्च 1931) और द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (सितंबर–दिसंबर 1931)।
गुजरात के खेड़ा में 1918 में फसल खराब होने पर लगान न चुका पाने वाले किसानों का गांधी ने साथ दिया; वल्लभभाई पटेल यहीं उनसे जुड़े। 1928 में बारदोली में पटेल ने लगान वृद्धि के विरुद्ध कर-न-देने का आंदोलन चलाया, और वहां की महिलाओं ने उन्हें "सरदार" की उपाधि दी। 5 मार्च 1931 के गांधी-इरविन समझौते से सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित हुआ, और इसी के तहत गांधी कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में लंदन में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में गए।
A गलत है, क्योंकि इसमें 1931 का समझौता 1928 के बारदोली आंदोलन से पहले रखा गया है।
C गलत है, क्योंकि यह बारदोली से शुरू होता है और सबसे पहली घटना खेड़ा को अंत में रखता है।
D गलत है, क्योंकि यह 1931 की घटनाओं से शुरू होकर पहले के किसान आंदोलनों पर खत्म होता है।
Exam tip: चंपारण 1917, खेड़ा 1918, बारदोली 1928, गांधी-इरविन समझौता मार्च 1931, द्वितीय गोलमेज सितंबर–दिसंबर 1931।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनयनार कौन थे?
- A.वे जो विष्णु की भक्ति में लीन थे
- B.वे जो बुद्ध के भक्त थे
- C.वे नेता जो शिव के भक्त थे
- D.वे नेता जो बसवेश्वर के भक्त थे
उत्तर देखें
नयनार आरंभिक भक्ति आंदोलन के तमिल संत-कवि थे, जो शिव की उपासना करते थे। लगभग 6वीं से 9वीं शताब्दी ईस्वी के बीच नयनार तमिल प्रदेश में एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाकर शिव की स्तुति में भजन गाते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संन्यासी और फ़कीर उपद्रवों/विद्रोहों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स को बंगाल और बिहार में लगातार संन्यासी और फ़कीर उपद्रवों का सामना करना पड़ा। 2. कई शैव नागा संन्यासी सशस्त्र दलों में संगठित हुए थे। 3. 1771 से बंगाल में दलों का नेतृत्व करने वाला मजनू शाह उनका प्रमुख नेता था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में बंगाल और बिहार में हुए संन्यासी और फ़कीर विद्रोहों का सही वर्णन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वैयाकरण कात्यायन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.वे पाणिनि के समकालीन थे।
- B.वे पतंजलि के समकालीन थे।
- C.वे पाणिनि और पतंजलि के बीच के काल के थे।
- D.वे पाणिनि और पतंजलि दोनों के बाद के काल के थे।
उत्तर देखें
कात्यायन ने पाणिनि के व्याकरण पर टिप्पणी लिखी और पतंजलि ने आगे पाणिनि तथा कात्यायन दोनों पर भाष्य लिखा। पाणिनि ने लगभग 5वीं या 4थी शताब्दी ईसा पूर्व में लगभग 4,000 सूत्रों वाली अष्टाध्यायी लिखी, जो संस्कृत व्याकरण का आधार है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मराठों और अंग्रेज़ों के बीच हुई निम्नलिखित संधियों/अभिसमयों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए (सबसे पहले से आरंभ करते हुए): 1. सालबाई की संधि 2. पुरंदर की संधि 3. वडगाँव का अभिसमय 4. सूरत की संधि नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.4-2-3-1
- B.4-3-2-1
- C.1-3-2-4
- D.1-2-3-4
उत्तर देखें
चारों प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध से जुड़ी हैं: सूरत (1775), पुरंदर (1776), वडगाँव (1779) और सालबाई (1782)। 1775 में बंबई सरकार ने रघुनाथराव के साथ सूरत की संधि की और सालसेट तथा बसीन के बदले उसे पेशवा बनाने का वचन दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिवाजी से संबंधित निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. अफ़ज़ल खाँ पर आक्रमण 2. तोरणा पर कब्ज़ा 3. शाइस्ता खाँ पर आक्रमण 4. जावली का विलय नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.2, 4, 1, 3
- B.4, 2, 1, 3
- C.1, 2, 3, 4
- D.3, 1, 2, 4
उत्तर देखें
शिवाजी ने पहले तोरणा जीता, फिर जावली, फिर अफ़ज़ल खाँ को मारा और बाद में शाइस्ता खाँ के डेरे पर हमला किया।
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