नवंबर 2026 में वायुसेना के सॉफ्टवेयर विकास संस्थान और आईआईटी मद्रास के बीच हुए समझौते का उद्देश्य क्या विकसित करना है?
- A.स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन
- B.हवाई अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी डिजिटल सुरक्षित संचार प्रणाली
- C.विमानों के लिए उपग्रह नेविगेशन प्रणाली
- D.पायलटों के लिए प्रशिक्षण सिम्युलेटर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर हवाई अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी डिजिटल सुरक्षित संचार प्रणाली है। समझौता ज्ञापन के तहत वायुसेना का सॉफ्टवेयर विकास संस्थान, आईआईटी मद्रास और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन मिलकर ऐसी प्रणाली डिजाइन और विकसित करेंगे, और इसके लिए संचार प्रणालियों व नेटवर्किंग के उन्नत एल्गोरिदम पर काम होगा। इसका मकसद आयातित प्रणालियों पर निर्भरता कम करना, वायुसेना की परिचालन दक्षता बढ़ाना और आत्मनिर्भर भारत को बल देना है। विकल्प A यानी लड़ाकू विमान इंजन गलत है, क्योंकि यह समझौता संचार से जुड़ा है, इंजन या प्रणोदन से नहीं। विकल्प C यानी उपग्रह नेविगेशन प्रणाली भी गलत है, क्योंकि समझौता सुरक्षित संचार और नेटवर्किंग के बारे में है, नेविगेशन के बारे में नहीं। विकल्प D यानी प्रशिक्षण सिम्युलेटर इसलिए गलत है कि समझौता विमानों में लगने वाले उपकरण से जुड़ा है, जमीन पर प्रशिक्षण के साधन से नहीं। समझौतों से जुड़ी खबरों में हमेशा यह देखें कि असल में क्या बनाया जाना है।
पूरा लेख पढ़ें: वायुसेना के एसडीआई और आईआईटी मद्रास में सुरक्षित संचार पर समझौता
अभ्यास प्रश्न
नवंबर 2026 में स्वदेशी हवाई सुरक्षित संचार प्रणाली के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के साथ भारतीय वायुसेना की किस इकाई ने समझौता किया?
- A.बेस रिपेयर डिपो
- B.सॉफ्टवेयर विकास संस्थान
- C.एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट
- D.वायुसेना अकादमी
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भारतीय वायुसेना के एसडीआई ने आईआईटी मद्रास और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के साथ हवाई अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी डिजिटल सुरक्षित संचार प्रणाली के संयुक्त डिजाइन और विकास का समझौता ज्ञापन किया; इस पर एसडीआई के कमांडेंट एयर वाइस मार्शल सरबजीत सिंह ने हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वायुसेना और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के समझौते पर फाउंडेशन की ओर से किसने हस्ताक्षर किए?
- A.प्रोफेसर वी. कामाकोटी
- B.एयर वाइस मार्शल सरबजीत सिंह
- C.डॉ. एम.जे. शंकर रमन
- D.वायुसेना प्रमुख
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उन्होंने हवाई उपयोग के लिए स्वदेशी डिजिटल सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित करने के लिए भारतीय वायुसेना के सॉफ्टवेयर विकास संस्थान के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बागडोगरा में रक्षा मंत्री की इस बातचीत के दौरान वायुसेना प्रमुख के रूप में कौन उपस्थित थे?
- A.एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित
- B.एयर कमोडोर मनीष शर्मा
- C.एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह
- D.एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी
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सही उत्तर एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित है, जो वायुसेना प्रमुख के रूप में उस समय उपस्थित थे जब रक्षा मंत्री ने दीवाली की पूर्व संध्या पर वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए रक्षा मंत्री ने किन तीन क्षमताओं को मजबूत करने पर बल दिया?
- A.डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन और सूचना की विश्वसनीयता
- B.परमाणु प्रतिरोध, समुद्री निषेध और वायु श्रेष्ठता
- C.रसद, भर्ती और पूर्व सैनिक कल्याण
- D.अंतरिक्ष प्रक्षेपण, उपग्रह चित्रण और नौवहन
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बागडोगरा में वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने बलों से परिचालन तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखने तथा इन्हीं तीन क्षमताओं पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मंत्रिमंडल से मंजूर 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' के अंतर्गत सेवा अवधि पूरी करने के बाद अग्निवीरों को क्या अवसर मिलेगा?
- A.स्वतः अधिकारी के रूप में कमीशन
- B.इच्छा और चयन मानदंड के अधीन नियमित सैनिक के रूप में भर्ती
- C.केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अनिवार्य स्थानांतरण
- D.सेवा के बिना आजीवन पेंशन
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रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा, बशर्ते वे इच्छुक हों और निर्धारित चयन मानदंड पूरे करें।
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