नवंबर 2026 में अफ्रीकी हीरा उत्पादक संघ का पर्यवेक्षक सदस्य कौन-सा देश बना?
- A.बोत्सवाना
- B.सियरा लियोन
- C.अंगोला
- D.घाना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर बोत्सवाना है। उसे एडीपीए मंत्रिपरिषद की तेरहवीं असाधारण बैठक में पर्यवेक्षक सदस्य बनाया गया, जो लुआंडा में संघ की बीसवीं वर्षगांठ के समारोह के साथ हुई थी। यह संघ 4 नवंबर 2006 को लुआंडा में स्थापित हुआ था, इसमें पंद्रह प्रभावी सदस्य देश और आठ पर्यवेक्षक हैं, और इसके सदस्य विश्व के साठ प्रतिशत से अधिक हीरे का उत्पादन करते हैं। पर्यवेक्षकों में केवल दो गैर-अफ्रीकी हैं, भारत और रूसी संघ। विकल्प B गलत है क्योंकि सियरा लियोन इस समय एडीपीए का अध्यक्ष है और उसका प्रतिनिधित्व खान एवं खनिज संसाधन मंत्री जूलियस डेनियल मट्टाई करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अंगोला मेजबान देश है, जहां संघ बना और जहां वर्षगांठ मनाई गई। विकल्प D गलत है क्योंकि घाना की भूमिका किम्बरले प्रक्रिया के उपाध्यक्ष की है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत नई दिल्ली में किम्बरले प्रक्रिया पूर्ण सत्र की मेजबानी करेगा
अभ्यास प्रश्न
भारत की अध्यक्षता में किम्बरले प्रक्रिया का पूर्ण सत्र कहां और कब होगा?
- A.लुआंडा, अंगोला, 3 से 4 नवंबर 2026
- B.भारत मंडपम, नई दिल्ली, 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026
- C.अक्रा, घाना, 29 नवंबर 2026 से
- D.दुबई, संयुक्त अरब अमीरात, दिसंबर 2026
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भारत इस वर्ष किम्बरले प्रक्रिया का अध्यक्ष है और इसी स्थान पर पूर्ण सत्र की मेजबानी करेगा। इससे एक दिन पहले 29 नवंबर को नई दिल्ली डायमंड डायलॉग होगा, जिसे केपी फोरम कहा जाता है, और जुड़े कार्यक्रम 5 दिसंबर तक चलते रहेंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किम्बरले प्रक्रिया प्रमाणन योजना संयुक्त राष्ट्र महासभा के किस संकल्प के अनुसरण में बनी थी?
- A.संकल्प 48/26, वर्ष 1993
- B.संकल्प 55/56, वर्ष 2000
- C.संकल्प 60/12, वर्ष 2005
- D.संकल्प 70/1, वर्ष 2015
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किम्बरले प्रक्रिया प्रमाणन योजना संयुक्त राष्ट्र महासभा के इसी संकल्प के अनुसरण में स्थापित हुई थी और इसका उद्देश्य है संघर्ष हीरों को कच्चे हीरों के वैध व्यापार में प्रवेश से रोकना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्य मंत्री के साथ पोलैंड गए प्रतिनिधिमंडल में कितनी भारतीय कंपनियां शामिल थीं?
- A.8
- B.12
- C.20
- D.35
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वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के दो दिवसीय पोलैंड कार्यक्रम में इतनी भारतीय कंपनियों का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल साथ गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जितिन प्रसाद ने भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम को कहां संबोधित किया?
- A.वारसा में पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स में
- B.क्राकोव में भारतीय दूतावास में
- C.ग्दान्स्क में डिजिटल मामलों के मंत्रालय में
- D.ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ मुख्यालय में
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उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों से कहा कि वे आने वाले भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का उपयोग बाजार पहुंच बढ़ाने तथा निवेश संबंध गहरे करने में करें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जितिन प्रसाद की पोलैंड यात्रा से कुछ समय पहले भारत आए पोलैंड के प्रधानमंत्री कौन थे?
- A.माटेउश मोराविएत्स्की
- B.डोनाल्ड टस्क
- C.आंद्रेज डूडा
- D.क्रिज़िस्तोफ गावकोव्स्की
उत्तर देखें
दोनों यात्राएं मिलकर दिखाती हैं कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आना-जाना अब कितनी तेजी से हो रहा है।
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