जितिन प्रसाद की पोलैंड यात्रा से कुछ समय पहले भारत आए पोलैंड के प्रधानमंत्री कौन थे?
- A.माटेउश मोराविएत्स्की
- B.डोनाल्ड टस्क
- C.आंद्रेज डूडा
- D.क्रिज़िस्तोफ गावकोव्स्की
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर डोनाल्ड टस्क हैं, जो पोलैंड के प्रधानमंत्री हैं और भारतीय मंत्री के वारसा जाने से पिछले महीने भारत आए थे। दोनों यात्राएं मिलकर दिखाती हैं कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आना-जाना अब कितनी तेजी से हो रहा है। विकल्प D सबसे भ्रमित करने वाला है, लेकिन गलत है - क्रिज़िस्तोफ गावकोव्स्की पोलैंड के उप प्रधानमंत्री तथा डिजिटल मामलों के मंत्री हैं, और उन्होंने भारतीय मंत्री के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर तथा साइबर सुरक्षा पर बातचीत की, परंतु वे प्रधानमंत्री नहीं हैं। विकल्प A और C में दिए नाम पोलैंड के अन्य राजनीतिक चेहरे हैं, जिनकी इस यात्राओं के आदान-प्रदान में कोई भूमिका नहीं रही। परीक्षा के लिए तीन पोलिश नाम क्रम से याद रखें - प्रधानमंत्री टस्क, उप प्रधानमंत्री गावकोव्स्की तथा उप मंत्री मिखाल बारानोव्स्की।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-पोलैंड व्यापार: जितिन प्रसाद की वारसा यात्रा
अभ्यास प्रश्न
भारत-पोलैंड सामरिक साझेदारी किस वर्ष स्थापित हुई थी?
- A.2014
- B.2019
- C.2024
- D.2026
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भारत-पोलैंड सामरिक साझेदारी इसी वर्ष बनी थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड की ऐतिहासिक यात्रा की थी, और नवंबर 2026 की मंत्रिस्तरीय यात्रा को इसी साझेदारी को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जितिन प्रसाद ने भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम को कहां संबोधित किया?
- A.वारसा में पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स में
- B.क्राकोव में भारतीय दूतावास में
- C.ग्दान्स्क में डिजिटल मामलों के मंत्रालय में
- D.ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ मुख्यालय में
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उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों से कहा कि वे आने वाले भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का उपयोग बाजार पहुंच बढ़ाने तथा निवेश संबंध गहरे करने में करें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्य मंत्री के साथ पोलैंड गए प्रतिनिधिमंडल में कितनी भारतीय कंपनियां शामिल थीं?
- A.8
- B.12
- C.20
- D.35
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वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के दो दिवसीय पोलैंड कार्यक्रम में इतनी भारतीय कंपनियों का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल साथ गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के अफ्रीका सोलर फैसिलिटी में भारत ने कितनी राशि देने की प्रतिबद्धता जताई है?
- A.लगभग 225 करोड़ रुपये, यानी 25 मिलियन डॉलर
- B.लगभग 500 करोड़ रुपये, यानी 60 मिलियन डॉलर
- C.लगभग 1,000 करोड़ रुपये, यानी 120 मिलियन डॉलर
- D.लगभग 90 करोड़ रुपये, यानी 10 मिलियन डॉलर
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अफ्रीका सोलर फैसिलिटी का कुल आकार 200 मिलियन डॉलर है और इसका उद्देश्य अफ्रीका के वितरित नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को खोलना है; इसमें भारत का योगदान लगभग 225 करोड़ रुपये बताया गया है, जो 25 मिलियन डॉलर के बराबर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना किस वर्ष और किन दो देशों ने की थी?
- A.2010, भारत और जापान
- B.2015, भारत और फ्रांस
- C.2018, भारत और जर्मनी
- D.2020, भारत और डेनमार्क
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सौर ऊर्जा की प्रगति का लाभ सबको समान रूप से मिले, इसी सोच ने इन दोनों देशों को उस वर्ष यह गठबंधन बनाने के लिए एक साथ लाया था, और यह मंच आज 130 हस्ताक्षरकर्ता तथा सदस्य देशों तक फैल चुका है और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लिए…
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