नरेंद्र भूषण ने अंतरराष्ट्रीय विकास नीति में स्नातकोत्तर उपाधि किस विश्वविद्यालय से प्राप्त की है?
- A.ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय
- B.हार्वर्ड विश्वविद्यालय
- C.ड्यूक विश्वविद्यालय
- D.कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय
सही उत्तर
C. ड्यूक विश्वविद्यालय
व्याख्या
सही उत्तर ड्यूक विश्वविद्यालय है, जो अमेरिका में स्थित है। नरेंद्र भूषण इलेक्ट्रॉनिकी में स्नातक हैं और उन्होंने ड्यूक विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय विकास नीति में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। उनके व्यावसायिक प्रशिक्षण में लोक वित्त, आधारभूत ढांचा तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने की तैयारी से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल रहे हैं, जो उस मंत्रालय के कार्य से मेल खाते हैं जिसके वे अब सचिव हैं। विकल्प A तथा D में ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय दिए गए हैं, जो ब्रिटेन में हैं और इनमें से किसी ने उन्हें यह उपाधि नहीं दी। विकल्प B में हार्वर्ड विश्वविद्यालय है, जो ड्यूक की तरह अमेरिका में है, परंतु उनके शैक्षणिक विवरण में इसका उल्लेख नहीं है। अतः विकल्प C ही सही उत्तर है।
पूरा लेख पढ़ें: नरेंद्र भूषण ने पर्यावरण मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला
अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का पदभार किसने संभाला है?
- A.केशव चंद्र
- B.नरेंद्र भूषण
- C.अशोक के. के. मीना
- D.कमल किशोर सोअन
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सही उत्तर: B. नरेंद्र भूषण
व्याख्या
सही उत्तर नरेंद्र भूषण है। उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का पदभार ग्रहण किया है। यही मंत्रालय देश में वन, वन्यजीव, प्रदूषण नियंत्रण तथा जलवायु नीति से जुड़े विषय देखता है। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं और इस पद पर आने से पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग में सचिव थे। विकल्प A में दिए गए केशव चंद्र खान मंत्रालय में सचिव हैं, पर्यावरण मंत्रालय में नहीं। विकल्प C में दिए गए अशोक के. के. मीना जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव हैं। विकल्प D में दिए गए कमल किशोर सोअन राष्ट्रीय जल जीवन मिशन में अपर सचिव एवं मिशन निदेशक हैं, जो जल क्षेत्र का पद है। इस प्रकार केवल विकल्प B सही है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नए सचिव नरेंद्र भूषण भारतीय प्रशासनिक सेवा के किस कैडर से हैं?
- A.मध्य प्रदेश
- B.महाराष्ट्र
- C.उत्तर प्रदेश
- D.बिहार
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सही उत्तर: C. उत्तर प्रदेश
व्याख्या
सही उत्तर उत्तर प्रदेश है। नरेंद्र भूषण भारतीय प्रशासनिक सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं और वे 1992 बैच से आते हैं। उनकी राज्य स्तरीय तैनातियां इसी कैडर की पुष्टि करती हैं। वे ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत तथा तकनीकी शिक्षा के अपर मुख्य सचिव रहे, लोक निर्माण, औद्योगिक विकास, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पंचायती राज विभागों में प्रमुख सचिव रहे और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे। वे मथुरा तथा फिरोजाबाद के जिलाधिकारी भी रहे, और ये दोनों जिले उत्तर प्रदेश में ही हैं। विकल्प A, B तथा D में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार दिए गए हैं, जिनमें से कोई भी उनका कैडर नहीं है। अतः विकल्प C ही सही है।
पर्यावरण मंत्रालय का सचिव बनने से ठीक पहले नरेंद्र भूषण किस विभाग के सचिव थे?
- A.भूमि संसाधन विभाग
- B.पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
- C.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
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सही उत्तर: A. भूमि संसाधन विभाग
व्याख्या
सही उत्तर भूमि संसाधन विभाग है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति भूमि संसाधन विभाग में सचिव के कार्यकाल के बाद हुई है। यह विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। विकल्प B में दिया गया पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जल शक्ति मंत्रालय के अधीन आता है और वह उनका पद नहीं रहा। विकल्प C में दिया गया प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग मंत्रालयों में शासन सुधार से जुड़े अभियान चलाता है और उनके सेवा विवरण में यह पद नहीं है। विकल्प D में दिया गया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग केंद्र का विभाग है, जबकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभार उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में प्रमुख सचिव के रूप में संभाला था। इसलिए केवल विकल्प A सही है।
संविधान के अनुसार उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है, और किससे परामर्श के बाद?
- A.प्रधानमंत्री, विधि मंत्री से परामर्श के बाद
- B.राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
- C.मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति से परामर्श के बाद
- D.राज्यपाल, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
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सही उत्तर: B. राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
व्याख्या
उत्तर है राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद। विज्ञप्ति दोनों बातें स्पष्ट कहती है - यह शक्ति संविधान राष्ट्रपति को देता है, और इसका प्रयोग मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद होता है। इन दोनों चरणों का क्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रश्न कभी-कभी इन्हें उलट देता है।
विकल्प C यही उलटफेर करता है और सबसे प्रबल भ्रम है। प्रधानमंत्री और विधि मंत्री की नियुक्ति में कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है, इसलिए विकल्प A गलत है। राज्यपाल उच्च न्यायालय की नियुक्तियों में परामर्श के दायरे में अवश्य आते हैं, पर नियुक्ति प्राधिकारी राज्यपाल नहीं हैं, अतः विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है। इसे इस क्रम में याद रखें - पहले परामर्श, फिर आदेश।
इसीलिए इस प्रश्न को रटने के बजाय प्रक्रिया समझना बेहतर है - सिफारिश न्यायपालिका की ओर से आती है, परामर्श होता है, और औपचारिक आदेश राष्ट्रपति के नाम से निकलता है।
सितंबर 2026 की घोषणा में कितने न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश और अपर न्यायाधीश नियुक्त किया गया?
- A.दस
- B.बारह
- C.चौदह
- D.सोलह
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सही उत्तर: C. चौदह
व्याख्या
उत्तर है चौदह। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने चौदह कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति की घोषणा की, जो चार उच्च न्यायालयों में फैली है। सबसे बड़ा हिस्सा दिल्ली को मिला, जहां सात गए - दो न्यायाधीश और पांच अपर न्यायाधीश के रूप में। झारखंड को तीन न्यायाधीश मिले, कर्नाटक को तीन अपर न्यायाधीश, और एक अधिकारी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने।
संख्या याद रखने का सबसे सुरक्षित तरीका जोड़ है - सात और तीन और तीन और एक। जिन अभ्यर्थियों को केवल न्यायालयों की संख्या चार याद रहेगी, या केवल दिल्ली का हिस्सा सात, वे यहां चूक जाएंगे। शेष विकल्प ऐसी गोल संख्याएं हैं जो पास लगती हैं, पर घोषणा से मेल नहीं खातीं।
एक बात और - यह संख्या केवल इस घोषणा की है, किसी वर्ष या किसी न्यायालय की कुल रिक्तियों की नहीं। प्रश्न में यदि अवधि दी हो तो उसे ध्यान से पढ़ें।