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GK24
रक्षामध्यम

नई दिल्ली के रक्षा कॉन्क्लेव में मिसाइल प्रणालियों के बारे में क्या घोषणा हुई?

  1. A.डीआरडीओ विकसित पारंपरिक मिसाइल तकनीकें उत्पादन के लिए पात्र भारतीय उद्योगों को दी जाएंगी
  2. B.सारा मिसाइल उत्पादन डीआरडीओ के अधीन आयुध कारखानों में ले जाया जाएगा
  3. C.घरेलू क्षमता बनने तक पारंपरिक मिसाइलें आयात की जाएंगी
  4. D.सुरक्षा कारणों से निजी कंपनियों को मिसाइल निर्माण से रोका जाएगा

सही उत्तर

A. डीआरडीओ विकसित पारंपरिक मिसाइल तकनीकें उत्पादन के लिए पात्र भारतीय उद्योगों को दी जाएंगी

व्याख्या

सही उत्तर विकल्प A है। घोषणा यह थी कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीकें पात्र भारतीय उद्योगों को सौंपी जाएंगी, जिससे योग्य निजी कंपनियां उनका निर्माण कर सकें। इसका दोहरा उद्देश्य है, सशस्त्र बलों को मिसाइलें समय पर मिलें और डीआरडीओ शोध एवं विकास पर ध्यान केंद्रित कर सके, जबकि उत्पादन का भार उद्योग उठाए। विकल्प B मंशा को उलट देता है, क्योंकि इस कदम से उत्पादन सरकारी प्रतिष्ठानों में सिमटने के बजाय उद्योग की ओर जाता है। विकल्प C पूरे संबोधन की दिशा के विपरीत है, जिसका जोर आत्मनिर्भरता और आयातक से निर्यातक बनने पर था। विकल्प D घोषणा का उल्टा है, क्योंकि निजी भागीदारी बढ़ाई जा रही है, घटाई नहीं जा रही, और इस तंत्र में स्टार्टअप तथा 16,000 से अधिक एमएसएमई पहले से शामिल हैं।

पूरा लेख पढ़ें: रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंचा: राजनाथ सिंह

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Q1.रक्षाआसान

वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात कितने मूल्य का रहा?

  1. A.21,083 करोड़ रुपये
  2. B.30,000 करोड़ रुपये
  3. C.38,424 करोड़ रुपये
  4. D.50,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 38,424 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 38,424 करोड़ रुपये है, जो 2025-26 में भारतीय रक्षा निर्यात का रिकॉर्ड आंकड़ा है और 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बहुत बड़ी छलांग है। आपूर्ति 100 से अधिक देशों तक गई, इसीलिए रक्षा मंत्री ने कहा कि देश आयातक से भरोसेमंद वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन रहा है। विकल्प B यानी 30,000 करोड़ रुपये पिछले वर्ष तय और हासिल किया गया निर्यात लक्ष्य है, इसलिए यह असली आंकड़ा तो है पर 2025-26 का वास्तविक निर्यात मूल्य नहीं। विकल्प D यानी 50,000 करोड़ रुपये 2029 के लिए रखा गया नया लक्ष्य है, जो भविष्य की बात है। विकल्प A यानी 21,083 करोड़ रुपये गढ़ा हुआ आंकड़ा है। तीनों अंक एक साथ याद रखें, पूरा हुआ लक्ष्य, रिकॉर्ड मूल्य और अगला लक्ष्य।

Q2.रक्षामध्यम

भारत ने 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा है?

  1. A.2027
  2. B.2029
  3. C.2030
  4. D.2035
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2029

व्याख्या

सही उत्तर 2029 है। सालाना रक्षा निर्यात का 30,000 करोड़ रुपये का पिछला लक्ष्य बीते वर्ष पूरा हो जाने के बाद सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये का ऊंचा लक्ष्य तय किया, जिसे 2029 तक हासिल करना है। बाकी विकल्प ऐसे वर्ष हैं जो सुनने में सही लगते हैं पर उनसे कोई ऐसी प्रतिबद्धता नहीं जुड़ी। विकल्प A यानी 2027 वह वित्त वर्ष है जिसमें 7.85 लाख करोड़ रुपये का रक्षा आवंटन रखा गया है, इसलिए इसे निर्यात की समय सीमा समझ लेने की भूल आसानी से हो जाती है। विकल्प C और विकल्प D यानी 2030 और 2035 अक्सर अन्य राष्ट्रीय मिशनों से जुड़े गोल वर्ष हैं और यहां गलत हैं। यह लक्ष्य पहुंच में माना जा रहा है क्योंकि भारतीय मिसाइलों, रडार, गोला-बारूद और प्लेटफॉर्म की विदेशी मांग बढ़ रही है।

Q3.रक्षामध्यम

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत का रक्षा आवंटन कितना है?

  1. A.2.53 लाख करोड़ रुपये
  2. B.5.94 लाख करोड़ रुपये
  3. C.6.81 लाख करोड़ रुपये
  4. D.7.85 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 7.85 लाख करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 7.85 लाख करोड़ रुपये है, जो 2026-27 का रक्षा आवंटन है। रक्षा मंत्री ने जो तुलना रखी, वही याद रखने लायक है, क्योंकि यही आवंटन 2013-14 में करीब 2.53 लाख करोड़ रुपये था। इससे विकल्प A असली आंकड़ा तो बनता है पर गलत वर्ष का, और इसीलिए वह सबसे आकर्षक भ्रम है। विकल्प B और विकल्प C में दिए 5.94 लाख करोड़ रुपये और 6.81 लाख करोड़ रुपये गढ़े हुए अंक हैं। इस उत्तर के साथ एक और आंकड़ा जुड़ा है। पूंजीगत खरीद बजट का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा, जो 1.39 लाख करोड़ रुपये बैठता है, भारतीय रक्षा उद्योग से खरीद के लिए रखा गया है, जिससे यह खर्च विदेश जाने के बजाय घरेलू निर्माण और उससे जुड़ी एमएसएमई आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करता है।

Q4.रक्षामध्यम

तंगधार के मेगा नेत्र शिविर में सर्जनों की टीम की अगुवाई किसने की?

  1. A.एयर मार्शल संदीप थरेजा
  2. B.जनरल धीरज सेठ
  3. C.ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा
  4. D.मनोज सिन्हा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा

व्याख्या

सही उत्तर ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा हैं, जो दिल्ली कैंटोनमेंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में नेत्र रोग विभाग के प्रमुख हैं और जिनकी टीम फैकोइमल्सीफिकेशन, विट्रियोरेटिनल तथा ग्लूकोमा के उन्नत उपकरण पहाड़ी रास्तों से तंगधार तक ले गई। विकल्प A गलत है क्योंकि एयर मार्शल संदीप थरेजा सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक हैं; उन्होंने शिविर का दौरा जरूर किया और टीम की सराहना की, लेकिन अगुवाई नहीं की। विकल्प B गलत है क्योंकि जनरल धीरज सेठ थल सेनाध्यक्ष हैं, जिन्होंने शिविर में मरीजों से बातचीत की और दवाइयां व उपहार बांटे। विकल्प D गलत है क्योंकि मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल हैं, जो अगले शिविर के समापन समारोह में शामिल होंगे। इन चारों भूमिकाओं का अंतर समझना ही इस प्रश्न का मकसद है।

Q5.रक्षामध्यम

ऑपरेशन दृष्टि के तहत तंगधार का यह मेगा नेत्र शिविर जम्मू-कश्मीर के किस जिले में लगाया गया?

  1. A.बारामूला
  2. B.कुपवाड़ा
  3. C.पुंछ
  4. D.राजौरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुपवाड़ा

व्याख्या

सही उत्तर कुपवाड़ा है। तंगधार जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास स्थित है और यहां गोलाबारी की आशंका बनी रहती है, इसी वजह से शिविर को भूमिगत ऑपरेशन थियेटर में चलाना पड़ा। विकल्प A, C और D इस केंद्र शासित प्रदेश के उन दूसरे जिलों के नाम हैं जो नियंत्रण रेखा के आस-पास पड़ते हैं, इसीलिए वे विकल्पों में भ्रम पैदा करने के लिए रखे गए हैं, लेकिन यह शिविर उनमें से किसी जिले में नहीं लगा। खावरपोरा, तंगदार, टड, बागबेला, यांगदार और आस-पास के गांवों के मरीज जांच के बाद तथा रेडियो रूह-ए-करनाह पर प्रसारण सुनकर यहां पहुंचे और भारतीय सेना ने हर कदम पर उनकी मदद की। परीक्षा की दृष्टि से यह भी याद रखें कि यह शिविर इस श्रृंखला का दसवां संस्करण था और इसके बाद ग्यारहवां शिविर श्रीनगर में लगाया जाना है, इसलिए स्थान से जुड़े दोनों तथ्य अलग-अलग ध्यान में रखने चाहिए।