मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
करेंट अफेयर्स क्विज

CDS करेंट अफेयर्स क्विज: 27 सितंबर 2026

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
इनके लिए उपयोगी:CDS
क्विज शुरू करेंRead in English

इस क्विज के बारे में

CDS के लिए यह करेंट अफेयर्स क्विज़ 27 सितंबर 2026 को प्रकाशित 3 समाचारों पर आधारित 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो CDS के सामान्य जागरूकता खंड के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रश्न वही सत्यापित MCQ हैं जो GK24 के लेखों के साथ प्रकाशित होते हैं, और यहां CDS से उनकी प्रासंगिकता के आधार पर चुने गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है। निर्धारित समय में प्रश्न हल करें, अंत में व्याख्याएं पढ़ें, और जिन समाचारों से प्रश्न बने हैं उन्हें संबंधित लेख या उस दिन के संस्करण पृष्ठ पर पढ़ें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इस क्विज़ को बुकमार्क करें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.रक्षाआसान

वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात कितने मूल्य का रहा?

  1. A.21,083 करोड़ रुपये
  2. B.30,000 करोड़ रुपये
  3. C.38,424 करोड़ रुपये
  4. D.50,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 38,424 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 38,424 करोड़ रुपये है, जो 2025-26 में भारतीय रक्षा निर्यात का रिकॉर्ड आंकड़ा है और 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बहुत बड़ी छलांग है। आपूर्ति 100 से अधिक देशों तक गई, इसीलिए रक्षा मंत्री ने कहा कि देश आयातक से भरोसेमंद वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन रहा है। विकल्प B यानी 30,000 करोड़ रुपये पिछले वर्ष तय और हासिल किया गया निर्यात लक्ष्य है, इसलिए यह असली आंकड़ा तो है पर 2025-26 का वास्तविक निर्यात मूल्य नहीं। विकल्प D यानी 50,000 करोड़ रुपये 2029 के लिए रखा गया नया लक्ष्य है, जो भविष्य की बात है। विकल्प A यानी 21,083 करोड़ रुपये गढ़ा हुआ आंकड़ा है। तीनों अंक एक साथ याद रखें, पूरा हुआ लक्ष्य, रिकॉर्ड मूल्य और अगला लक्ष्य।

Q2.रक्षाआसान

तरंग शक्ति 2026 अभ्यास की थीम क्या है?

  1. A.शक्ति थ्रू द स्काईज
  2. B.पावर इन पार्टनरशिप
  3. C.पार्टनर्स इन फ्लाइट
  4. D.स्ट्रेंथ इन यूनिटी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पावर इन पार्टनरशिप

व्याख्या

सही उत्तर पावर इन पार्टनरशिप है। यही इस बहुपक्षीय हवाई अभ्यास के दूसरे संस्करण की घोषित थीम है, जिसे भारतीय वायु सेना 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक वायु सेना स्टेशन जोधपुर में आयोजित कर रही है। इस थीम का अर्थ है कि साथ मिलकर प्रशिक्षण लेने, विशेषज्ञता साझा करने और एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने से ही वायु सेनाओं की असली ताकत बढ़ती है। विकल्प A यानी शक्ति थ्रू द स्काईज अभ्यास के नाम से मिलता-जुलता जरूर लगता है, पर यह कभी थीम नहीं रही। विकल्प C यानी पार्टनर्स इन फ्लाइट असली थीम के बहुत करीब सुनाई देता है और इसी तरह के विकल्प परीक्षा में भ्रम पैदा करने के लिए रखे जाते हैं, लेकिन वायु सेना ने यह शब्द जारी नहीं किए। विकल्प D यानी स्ट्रेंथ इन यूनिटी एक सामान्य नारा है और किसी संस्करण की थीम नहीं है। परीक्षार्थी थीम को स्थान और तिथि के साथ जोड़कर याद रखें।

Q3.रक्षामध्यम

सुबिक खाड़ी में हुई 23वीं एडीएमएम-प्लस समुद्री सुरक्षा गतिविधि में भारतीय नौसेना के कौन से दो जहाज शामिल हुए?

  1. A.आईएनएस शिवालिक और आईएनएस कदमत्त
  2. B.आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश
  3. C.आईएनएस दिल्ली और आईएनएस सतपुड़ा
  4. D.आईएनएस तलवार और आईएनएस त्रिकंद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश

व्याख्या

सही उत्तर आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश है। आईएनएस सह्याद्रि अग्रिम पंक्ति का स्टील्थ युद्धपोत है और आईएनएस कुलिश मिसाइल कार्वेट है। ये दोनों फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुंचे थे, जहां समुद्री सुरक्षा पर विशेषज्ञ कार्य समूह की गतिविधि का समापन समारोह 25 सितंबर 2026 को हुआ। विकल्प A में आईएनएस शिवालिक और आईएनएस कदमत्त हैं, जो इसी नौसेना के जहाज हैं और दूसरे विदेशी अभ्यासों में जा चुके हैं, पर इस बार सुबिक नहीं भेजे गए। विकल्प C में एक विध्वंसक और एक युद्धपोत का नाम है, जो इस तैनाती का हिस्सा नहीं थे। विकल्प D के दोनों जहाज तलवार श्रेणी के हैं और पश्चिमी तट पर तैनात रहते हैं। परीक्षा के लिए जहाज का नाम उसकी श्रेणी के साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर स्टील्थ युद्धपोत या कार्वेट पूछकर बनाया जाता है।

Q4.रक्षामध्यम

भारत ने 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा है?

  1. A.2027
  2. B.2029
  3. C.2030
  4. D.2035
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2029

व्याख्या

सही उत्तर 2029 है। सालाना रक्षा निर्यात का 30,000 करोड़ रुपये का पिछला लक्ष्य बीते वर्ष पूरा हो जाने के बाद सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये का ऊंचा लक्ष्य तय किया, जिसे 2029 तक हासिल करना है। बाकी विकल्प ऐसे वर्ष हैं जो सुनने में सही लगते हैं पर उनसे कोई ऐसी प्रतिबद्धता नहीं जुड़ी। विकल्प A यानी 2027 वह वित्त वर्ष है जिसमें 7.85 लाख करोड़ रुपये का रक्षा आवंटन रखा गया है, इसलिए इसे निर्यात की समय सीमा समझ लेने की भूल आसानी से हो जाती है। विकल्प C और विकल्प D यानी 2030 और 2035 अक्सर अन्य राष्ट्रीय मिशनों से जुड़े गोल वर्ष हैं और यहां गलत हैं। यह लक्ष्य पहुंच में माना जा रहा है क्योंकि भारतीय मिसाइलों, रडार, गोला-बारूद और प्लेटफॉर्म की विदेशी मांग बढ़ रही है।

Q5.रक्षामध्यम

तरंग शक्ति 2026 का उड़ान चरण किस वायु सेना स्टेशन पर शुरू हुआ है?

  1. A.ग्वालियर
  2. B.जामनगर
  3. C.जोधपुर
  4. D.सुलूर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जोधपुर

व्याख्या

सही उत्तर जोधपुर है। उद्घाटन समारोह के अगले दिन वायु सेना स्टेशन जोधपुर पर तरंग शक्ति 2026 का कार्यकारी उड़ान चरण शुरू हुआ और विदेशी दल वहीं से उड़ान भर रहे हैं। पूरा अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक इसी ठिकाने पर केंद्रित है। विकल्प A यानी ग्वालियर भारतीय वायु सेना का जाना-माना लड़ाकू ठिकाना है, लेकिन इस अभ्यास के लिए उसका नाम नहीं आया। विकल्प B यानी जामनगर पश्चिमी क्षेत्र का अग्रिम ठिकाना है, फिर भी यह घोषित स्थान नहीं है। विकल्प D यानी सुलूर दक्षिण भारत में है और वहां दूसरे बेड़े तैनात रहते हैं। परीक्षा में अक्सर अभ्यास के साथ ठिकाने का नाम पूछा जाता है, इसलिए तरंग शक्ति के साथ जोधपुर को जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा।

Q6.रक्षामध्यम

इस एडीएमएम-प्लस समुद्री सुरक्षा गतिविधि की मेजबानी किसने की और सह-अध्यक्ष कौन था?

  1. A.इंडोनेशियाई नौसेना, सह-अध्यक्ष ऑस्ट्रेलिया
  2. B.फिलीपीन नौसेना, सह-अध्यक्ष जापान
  3. C.वियतनाम नौसेना, सह-अध्यक्ष भारत
  4. D.रॉयल थाई नौसेना, सह-अध्यक्ष दक्षिण कोरिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फिलीपीन नौसेना, सह-अध्यक्ष जापान

व्याख्या

सही उत्तर फिलीपीन नौसेना, सह-अध्यक्ष जापान है। यह गतिविधि 21 सितंबर 2026 को नौसैनिक परिचालन अड्डा सुबिक में शुरू हुई, जहां फिलीपीन नौसेना मेजबान थी और समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के इस सत्र की सह-अध्यक्षता जापान ने की। विकल्प A में इंडोनेशिया को मेजबान और ऑस्ट्रेलिया को सह-अध्यक्ष बताया गया है, दोनों देश एडीएमएम-प्लस में सक्रिय रहते हैं, इसलिए यह विकल्प भ्रम पैदा करता है, पर इस बार ये भूमिकाएं उनकी नहीं थीं। विकल्प C में भारत को सह-अध्यक्ष बताया गया है, जबकि भारत ने दो युद्धपोतों के साथ केवल भागीदार के रूप में हिस्सा लिया। विकल्प D में थाईलैंड और दक्षिण कोरिया हैं, जिनकी कोई भूमिका इस आयोजन में नहीं रही। ध्यान रखें कि एडीएमएम-प्लस के कार्य समूह हमेशा दो देश मिलकर चलाते हैं।

Q7.रक्षामध्यम

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत का रक्षा आवंटन कितना है?

  1. A.2.53 लाख करोड़ रुपये
  2. B.5.94 लाख करोड़ रुपये
  3. C.6.81 लाख करोड़ रुपये
  4. D.7.85 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 7.85 लाख करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 7.85 लाख करोड़ रुपये है, जो 2026-27 का रक्षा आवंटन है। रक्षा मंत्री ने जो तुलना रखी, वही याद रखने लायक है, क्योंकि यही आवंटन 2013-14 में करीब 2.53 लाख करोड़ रुपये था। इससे विकल्प A असली आंकड़ा तो बनता है पर गलत वर्ष का, और इसीलिए वह सबसे आकर्षक भ्रम है। विकल्प B और विकल्प C में दिए 5.94 लाख करोड़ रुपये और 6.81 लाख करोड़ रुपये गढ़े हुए अंक हैं। इस उत्तर के साथ एक और आंकड़ा जुड़ा है। पूंजीगत खरीद बजट का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा, जो 1.39 लाख करोड़ रुपये बैठता है, भारतीय रक्षा उद्योग से खरीद के लिए रखा गया है, जिससे यह खर्च विदेश जाने के बजाय घरेलू निर्माण और उससे जुड़ी एमएसएमई आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करता है।

Q8.रक्षामध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा देश तरंग शक्ति 2026 में अपनी टुकड़ी के साथ भाग नहीं ले रहा है?

  1. A.ऑस्ट्रेलिया
  2. B.जापान
  3. C.श्रीलंका
  4. D.बांग्लादेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जापान

व्याख्या

सही उत्तर जापान है। तरंग शक्ति 2026 में सात मित्र देशों की वायु सेनाएं अपनी टुकड़ियों और विमानों के साथ उड़ान भर रही हैं और यह सूची है — ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश। जापान इस सूची में नहीं है, इसलिए वही सही उत्तर बनता है। विकल्प A यानी ऑस्ट्रेलिया सूची में शामिल है और उसने जोधपुर में विमान भेजे हैं। विकल्प C यानी श्रीलंका भी सूची में है और उसकी मौजूदगी बताती है कि अभ्यास की पहुंच पड़ोस तक है। विकल्प D यानी बांग्लादेश भी इन्हीं सात देशों में गिना जाता है। ध्यान रखें कि कई अन्य देश केवल पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद हैं और पर्यवेक्षक तथा भाग लेने वाले देश दो अलग श्रेणियां हैं, परीक्षा में यही अंतर पूछा जाता है।

Q9.रक्षाकठिन

महासागर दृष्टिकोण, जिसके तहत भारत ने इस तैनाती को रखा, का पूरा अर्थ क्या है?

  1. A.क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए समुद्री राजमार्ग
  2. B.क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति
  3. C.एशियाई क्षेत्रों में सद्भाव, सुरक्षा और विकास के लिए समुद्री गठबंधन
  4. D.बंदरगाहों, नौवहन और विकास की उन्नति का मिशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति

व्याख्या

सही उत्तर क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति है। रक्षा मंत्रालय ने सुबिक खाड़ी में आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की भागीदारी को एक्ट ईस्ट नीति तथा महासागर दृष्टिकोण से जोड़ा, जो बताता है कि भारत अपने विस्तृत समुद्री पड़ोस में सुरक्षा और विकास को साथ-साथ आगे बढ़ाना चाहता है। विकल्प A में अंत का हिस्सा तो सही है पर शुरुआत बदल दी गई है, और आधी याद रखी गई परिभाषा पर यही विकल्प भारी पड़ता है। विकल्प C इसे एक गठबंधन बता देता है, जबकि भारत इसे गठबंधन नहीं बल्कि एक दृष्टिकोण कहता है। विकल्प D इसे बंदरगाह और नौवहन का मिशन बना देता है, जो पूरी तरह अलग विषय है। संक्षिप्त नामों के प्रश्न शब्दशः पूछे जाते हैं, इसलिए पूरा अर्थ जस का तस याद रखें।

Q10.रक्षामध्यम

नई दिल्ली के रक्षा कॉन्क्लेव में मिसाइल प्रणालियों के बारे में क्या घोषणा हुई?

  1. A.डीआरडीओ विकसित पारंपरिक मिसाइल तकनीकें उत्पादन के लिए पात्र भारतीय उद्योगों को दी जाएंगी
  2. B.सारा मिसाइल उत्पादन डीआरडीओ के अधीन आयुध कारखानों में ले जाया जाएगा
  3. C.घरेलू क्षमता बनने तक पारंपरिक मिसाइलें आयात की जाएंगी
  4. D.सुरक्षा कारणों से निजी कंपनियों को मिसाइल निर्माण से रोका जाएगा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डीआरडीओ विकसित पारंपरिक मिसाइल तकनीकें उत्पादन के लिए पात्र भारतीय उद्योगों को दी जाएंगी

व्याख्या

सही उत्तर विकल्प A है। घोषणा यह थी कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीकें पात्र भारतीय उद्योगों को सौंपी जाएंगी, जिससे योग्य निजी कंपनियां उनका निर्माण कर सकें। इसका दोहरा उद्देश्य है, सशस्त्र बलों को मिसाइलें समय पर मिलें और डीआरडीओ शोध एवं विकास पर ध्यान केंद्रित कर सके, जबकि उत्पादन का भार उद्योग उठाए। विकल्प B मंशा को उलट देता है, क्योंकि इस कदम से उत्पादन सरकारी प्रतिष्ठानों में सिमटने के बजाय उद्योग की ओर जाता है। विकल्प C पूरे संबोधन की दिशा के विपरीत है, जिसका जोर आत्मनिर्भरता और आयातक से निर्यातक बनने पर था। विकल्प D घोषणा का उल्टा है, क्योंकि निजी भागीदारी बढ़ाई जा रही है, घटाई नहीं जा रही, और इस तंत्र में स्टार्टअप तथा 16,000 से अधिक एमएसएमई पहले से शामिल हैं।

सभी क्विज देखें