नई भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर नहीं गुजरेगी?
- A.राजस्थान
- B.उत्तर प्रदेश
- C.महाराष्ट्र
- D.बिहार
सही उत्तर
C. महाराष्ट्र
व्याख्या
सही उत्तर महाराष्ट्र है। यह नई सेवा गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ती है और महाराष्ट्र इसके मार्ग में आता ही नहीं। गाड़ी गुजरात के कच्छ क्षेत्र में भुज से चलती है, समाखियाली और अहमदाबाद होते हुए रतलाम पहुंचती है, फिर कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर पर राजस्थान से गुजरती है, मथुरा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है और हाथरस, बरेली, इज्जतनगर, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा तथा गोरखपुर होते हुए सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर पर बिहार पहुंचकर बरौनी तक जाती है। इस तरह राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार तीनों मार्ग में हैं, इसलिए विकल्प ए, बी और डी गलत हैं। नई रेल सेवा पर पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए दोनों छोर और चार राज्य याद रखना पर्याप्त है।
पूरा लेख पढ़ें: भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस चलेगी, दूरी 2,532 किलोमीटर
अभ्यास प्रश्न
भुज और बरौनी के बीच चलने वाली नई अमृत भारत एक्सप्रेस कितनी दूरी तय करेगी?
- A.1,532 किलोमीटर
- B.2,532 किलोमीटर
- C.3,252 किलोमीटर
- D.2,352 किलोमीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2,532 किलोमीटर
व्याख्या
सही उत्तर 2,532 किलोमीटर है। भारतीय रेल की मंजूर की गई यह नई सेवा गुजरात के भुज को बिहार के बरौनी से जोड़ती है और गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा बिहार से होकर इतनी दूरी तय करती है, जिससे यह अमृत भारत श्रेणी के लंबे मार्गों में गिनी जाएगी। यह गाड़ी भुज से रेलगाड़ी संख्या 19427 के रूप में 17:30 बजे चलती है और बरौनी 04:05 बजे पहुंचती है, जबकि वापसी में रेलगाड़ी संख्या 19428 बरौनी से 23:55 बजे चलकर भुज 13:15 बजे पहुंचती है। बाकी तीनों विकल्पों में वही अंक आगे-पीछे करके रखे गए हैं, ताकि आधा याद रखने वाला उम्मीदवार चूक जाए। यह भी ध्यान रखें कि यह गाड़ी रोज नहीं, सप्ताह में तीन दिन चलती है, यानी भुज से सोमवार, बुधवार और शनिवार को तथा बरौनी से मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को, और यह चार राज्यों गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा बिहार से होकर गुजरती है।
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस को किस स्टेशन तक बढ़ाया गया है?
- A.ग्वालियर
- B.मथुरा
- C.भरतपुर
- D.हाथरस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मथुरा
व्याख्या
सही उत्तर मथुरा है। भारतीय रेल ने रेलगाड़ी संख्या 11901 और 11902 को मथुरा स्टेशन तक बढ़ाने की मंजूरी दी, जिससे इस सेवा की दूरी 217 किलोमीटर से बढ़कर 270 किलोमीटर हो जाती है और झांसी, आगरा तथा मथुरा एक ही गाड़ी पर आ जाते हैं। नए जुड़े हिस्से में राजा की मंडी, रुनकुटा, दीन दयाल धाम और बाद पर वाणिज्यिक ठहराव दिए गए हैं, इसलिए इन चार स्टेशनों के यात्रियों को वह सुविधा मिलेगी, जो पहले नहीं थी। ग्वालियर झांसी की दूसरी ओर दिल्ली-भोपाल मार्ग पर पड़ता है और इस विस्तार का हिस्सा नहीं, इसलिए विकल्प ए गलत है। भरतपुर और हाथरस नई भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस के मार्ग के स्टेशन हैं और अलग घोषणा से जुड़े हैं, इसलिए विकल्प सी तथा डी भी गलत हैं।
विशेष अभियान 5.0 के दौरान विभाग और उसके संगठनों ने कितना राजस्व अर्जित किया था?
- A.11,972 रुपये
- B.15,588 रुपये
- C.14,47,619 रुपये
- D.64,00,000 रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 14,47,619 रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 14,47,619 रुपये है। यह राशि 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक चले महीने भर के अभियान में फाइलों, पुरानी सामग्री और कबाड़ के निपटान से मिली थी। बाकी विकल्प उसी अभियान के दूसरे आंकड़ों को गलत जगह रखकर बनाए गए हैं और परीक्षा में प्रश्न प्रायः इसी तरह गढ़े जाते हैं। विकल्प A उन भौतिक फाइलों और दस्तावेजों की संख्या है, जिनका डिजिटलीकरण किया गया और जिन्हें हटाया गया। विकल्प B वह कार्यालय स्थान है, जिसे वर्ग फुट में मापकर खाली कराया गया। विकल्प D स्वच्छता अभियानों की संख्या 64 को बढ़ाकर उसे रुपये की राशि बना देता है। इसलिए उम्मीदवार को विशेष अभियान 5.0 के चारों नतीजे उनकी इकाई के साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि परीक्षक इकाई को ही परखता है।
विशेष अभियान 6.0 के कार्यान्वयन चरण की अवधि क्या है?
- A.16 से 30 सितंबर 2026
- B.2 से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 से 30 नवंबर 2026
- D.2 से 31 अक्टूबर 2025
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2 से 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 से 31 अक्टूबर 2026 है। यह अभियान दो स्पष्ट रूप से अलग चरणों में चलता है और इस तरह के प्रश्न प्रायः इन्हीं दोनों में अंतर करने पर टिके होते हैं। विकल्प A तैयारी चरण की तिथियां देता है, यानी वह अवधि जिसमें कार्यालय उन फाइलों, संदर्भों और शिकायतों की पहचान करते हैं जिन्हें निपटाना है, लक्ष्य तय करते हैं और संस्थागत व्यवस्था खड़ी करते हैं। इसके बाद आने वाला कार्यान्वयन चरण वह महीना है जिसमें चिह्नित लंबित मामलों का वास्तविक निपटान होता है, जगह खाली कराई जाती है और ई-कचरे का संग्रह, पृथक्करण तथा निपटान किया जाता है। विकल्प C में दिया महीना अभियान के किसी चरण में नहीं आता। विकल्प D पिछले संस्करण यानी विशेष अभियान 5.0 की तिथियां दोहराता है, जो एक वर्ष पहले चला था और जिसके नतीजे इस बार के अभियान का आधार हैं।
स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान का विशेष अभियान 6.0 किस विभाग ने शुरू किया है?
- A.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- B.दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
- C.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
- D.व्यय विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग है, जिसे संक्षेप में डीएआरपीजी कहा जाता है। यही विभाग पूरे सरकार में यह अभियान चलाता है, वे मापदंड तय करता है जिनके आधार पर हर कार्यालय अपने लंबित मामलों की पहचान करता है, दिशानिर्देश जारी करता है और पोर्टल पर उपलब्धियों की रिपोर्टिंग कराता है। विकल्प B उस विभाग का नाम है जो इस मामले में अभियान को लागू कर रहा है, और यही प्रश्न का असली जाल है: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भागीदार विभाग है, अभियान शुरू करने वाला नहीं। विकल्प C सरकार के कार्मिक और सेवा मामलों को देखता है, इस अभियान का नोडल विभाग नहीं है। विकल्प D सार्वजनिक वित्त और व्यय नियंत्रण से जुड़ा है और इस अभियान के संचालन में उसकी कोई भूमिका नहीं है। याद रखें कि नोडल विभाग डीएआरपीजी है और हर भागीदार विभाग अपना नोडल अधिकारी अलग से नामित करता है।