मिथिला का कीर्तनिया रंगमंच किस कवि के पदों से विकसित हुआ?
- A.कबीर
- B.विद्यापति
- C.जायसी
- D.सूरदास
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, विद्यापति है। चौदहवीं-पंद्रहवीं शताब्दी के मैथिली कवि विद्यापति, जिन्हें मैथिल कवि कोकिल कहा गया, ने राधा-कृष्ण पर पद लिखे जो मंच पर गाए जाते थे, और इसी गायन से मिथिला के कीर्तनिया नाटक विकसित हुए, जो बिदापत नाच के रूप में भी खेले जाते हैं। इस विधा में सूत्रधार, गेय संवाद और छोटा समूह गान रहता है।
विकल्प A, कबीर, काशी के निर्गुण कवि हैं; बिहार में उनकी वाणी मृत्यु के अवसर पर निर्गुण के रूप में गाई जाती है, परंतु उससे कोई नाट्य विधा नहीं बनी। विकल्प C, मलिक मुहम्मद जायसी, ने उत्तर प्रदेश में अवधी की पद्मावत लिखी। विकल्प D, सूरदास, अष्टछाप के ब्रज कवि हैं। नाम के साथ विधा के दो नाम भी याद रखें: कीर्तनिया और बिदापत नाच एक ही मिथिला परंपरा है।
पूरा लेख पढ़ें: बिहार का लोक संगीत, नृत्य और नाट्य: विधाएँ और क्षेत्र
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभोजपुरी का शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर किस लोक नाट्य विधा के रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं?
- A.कीर्तनिया
- B.बिदेसिया
- C.नौटंकी
- D.रेशमा-चुहरमल
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सारण जिले के कुतुबपुर दियारा में 1887 में जन्मे भिखारी ठाकुर ने बिदेसिया नाटक लिखा, जिसमें उस स्त्री की व्यथा है जिसका पति रोज़गार के लिए कलकत्ता चला जाता है; आगे यही नाम उनकी पूरी भोजपुरी नाच शैली के लिए प्रयुक्त हुआ, जिसमें अपने गीत और लौंडा नर्तक होते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →झिझिया नृत्य, जिसमें स्त्रियाँ छिद्रों वाले घड़े में दीप रखकर उसे सिर पर संभालती हैं, बिहार के किस क्षेत्र का है?
- A.मिथिला
- B.मगध
- C.शाहाबाद
- D.छोटानागपुर
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झिझिया मिथिला क्षेत्र की स्त्रियाँ नवरात्र में करती हैं; प्रत्येक स्त्री सिर पर अनेक छिद्रों वाला मिट्टी का घड़ा रखती है जिसमें जलता दीप होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर बिहार का कौन सा लोक नृत्य युगल द्वारा वर्षा ऋतु में कलह, अकाल और पलायन के विषय पर किया जाता है?
- A.डोमकच
- B.जट-जटिन
- C.झुमरी
- D.झरनी
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जट-जटिन उत्तर बिहार के मिथिला तथा कोशी क्षेत्र में किया जाता है, प्राय: एक युगल द्वारा, जिसमें एक पति जट और दूसरी पत्नी जटिन बनती है; गीत उनके कलह, वर्षा के न होने और रोज़गार की खोज में पति के गाँव छोड़ने तक पहुँचता है, इसलिए यह उत्तर बिहार से…
पूरी व्याख्या पढ़ें →शहनाई को एकल मंचीय वाद्य बनाने वाले उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ का जन्म बिहार के किस स्थान पर हुआ था?
- A.बक्सर का डुमराँव
- B.पश्चिम चंपारण का बेतिया
- C.सारण का मिसरौलिया
- D.सारण का कुतुबपुर
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बिस्मिल्लाह खाँ का जन्म 1916 में वर्तमान बक्सर जिले के डुमराँव में शहनाई वादकों के परिवार में हुआ और आगे वे वाराणसी में बस गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ध्रुपद गायन का कौन सा घराना बिहार का है?
- A.ग्वालियर
- B.किराना
- C.दरभंगा
- D.जयपुर-अतरौली
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दरभंगा राज के आश्रय में मल्लिक परिवार द्वारा संभाला गया दरभंगा घराना ध्रुपद के बचे हुए घरानों में एक है, और ध्रुपद हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन की सबसे प्राचीन शैली है; पंडित राम चतुर मल्लिक तथा पंडित सियाराम तिवारी इसी घराने के हैं।
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