"मितव्ययिता का विरोधाभास" (Paradox of Thrift) की अवधारणा किसने दी?
- A.एडम स्मिथ
- B.अल्फ्रेड मार्शल
- C.जॉन मेनार्ड कीन्स
- D.पॉल ए. सैमुएलसन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, जॉन मेनार्ड कीन्स। कीन्स ने 1930 के दशक में मितव्ययिता के विरोधाभास को अपने अर्थशास्त्र का एक मुख्य विचार बनाया।
इस विरोधाभास का अर्थ है कि जो बात एक परिवार के लिए समझदारी है, वह पूरी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा सकती है। अगर सभी लोग एक साथ अधिक बचत करने लगें तो कुल खर्च घटता है, कंपनियों की बिक्री कम होती है, वे उत्पादन घटाती हैं और लोगों की नौकरियाँ जाती हैं। फिर आय गिरती है और अंत में कुल बचत बढ़ती नहीं, बल्कि घट भी सकती है। कीन्स ने इससे यह तर्क दिया कि मंदी में असली समस्या माँग की कमी है, जिसे सरकारी खर्च से पूरा किया जा सकता है। यह विचार उनकी पुस्तक जनरल थ्योरी (1936) से जुड़ा है।
A गलत है: एडम स्मिथ ने बचत को पूंजी और विकास का आधार मानकर उसकी प्रशंसा की थी।
B गलत है: अल्फ्रेड मार्शल माँग-आपूर्ति विश्लेषण, लोच और उपभोक्ता अधिशेष के लिए जाने जाते हैं।
D गलत है: सैमुएलसन ने अपनी पाठ्यपुस्तक में इस विचार को लोकप्रिय बनाया, पर इसे गढ़ा नहीं।
Exam tip: मितव्ययिता का विरोधाभास, प्रभावी माँग और गुणक, तीनों कीन्स और उनकी जनरल थ्योरी (1936) से जुड़े हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
संगठन : केंद्रीय मंत्रालय
I. राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
II. कॉयर बोर्ड : भारी उद्योग मंत्रालय
III. राष्ट्रीय व्यापार सूचना केंद्र : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.तीनों
- D.कोई भी नहीं
उत्तर देखें
हर संगठन के साथ गलत मंत्रालय जोड़ा गया है। राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है; यह परीक्षण और प्रमाणन कार्य से वाहन क्षेत्र की सहायता करता है और उद्योग की योजनाएँ चलाने में मदद करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यदि RBI विस्तारवादी मौद्रिक नीति अपनाने का निर्णय लेता है, तो वह निम्नलिखित में से क्या नहीं करेगा?
1. सांविधिक तरलता अनुपात में कटौती कर उसे इष्टतम बनाना
2. सीमांत स्थायी सुविधा दर बढ़ाना
3. बैंक दर और रेपो दर में कटौती करना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
विस्तारवादी नीति का उद्देश्य पैसा सस्ता और अधिक उपलब्ध कराना है, इसलिए RBI सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर नहीं बढ़ाएगा, क्योंकि इससे उधार महँगा होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत सरकार की "डिजिटल इंडिया" योजना का/के उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन-सा/से है/हैं?
1. चीन की तरह भारत की अपनी इंटरनेट कंपनियों का गठन।
2. बड़े आँकड़े (बिग डेटा) एकत्र करने वाले विदेशी बहुराष्ट्रीय निगमों को हमारी राष्ट्रीय भौगोलिक सीमाओं के भीतर अपने बड़े डेटा केंद्र बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नीतिगत ढाँचा बनाना।
3. हमारे अनेक गाँवों को इंटरनेट से जोड़ना और हमारे अनेक विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों में वाई-फ़ाई उपलब्ध कराना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
गाँवों को इंटरनेट से जोड़ना और विद्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर वाई-फ़ाई देना डिजिटल इंडिया का हिस्सा है; बाकी दो इसके घोषित उद्देश्य नहीं हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किसे इसकी प्रमुख विशेषता माना जाता है?
- A.यह मुख्यतः किसी सूचीबद्ध कंपनी में पूँजी लिखतों के माध्यम से किया गया निवेश है।
- B.यह मुख्यतः ऋण-सृजन न करने वाला पूँजी प्रवाह है।
- C.यह ऐसा निवेश है जिसमें ऋण-शोधन शामिल होता है।
- D.यह विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में किया गया निवेश है।
उत्तर देखें
FDI इक्विटी स्वामित्व के रूप में आता है, इसलिए भारत को इसे ब्याज सहित लौटाना नहीं पड़ता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पहल (PAHAL), लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे सब्सिडी भेजने की एक पहल, किससे संबंधित है?
- A.एलपीजी उपभोक्ता
- B.इंटरनेट उपभोक्ता
- C.उर्वरक के लिए किसान
- D.चिकित्सा उपचार के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारी
उत्तर देखें
पहल रसोई गैस (एलपीजी) की सब्सिडी के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना है। पहल का पूरा नाम प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ है।
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