मेलेनिन एक प्राकृतिक वर्णक है जो मानव त्वचा, बालों और आंख की पुतली (आइरिस) को रंग देता है। यह किससे सुरक्षा प्रदान करता है?
- A.पराबैंगनी विकिरण
- B.अवरक्त विकिरण
- C.एक्स-रे विकिरण
- D.लघु तरंग रेडियो विकिरण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, पराबैंगनी विकिरण। मेलेनिन सूर्य के प्रकाश की पराबैंगनी किरणों को सोखकर त्वचा की कोशिकाओं के DNA को क्षति से बचाता है।
मेलेनिन बाह्यत्वचा की निचली परत में मेलानोसाइट नामक कोशिकाओं में बनता है। धूप पड़ने पर मेलानोसाइट अधिक मेलेनिन बनाते हैं, इसी से त्वचा सांवली पड़ जाती है। यह वर्णक UV-A और UV-B को सोखकर उनकी अधिकांश ऊर्जा को हानिरहित ऊष्मा में बदल देता है, जिससे धूप से झुलसने और त्वचा कैंसर का खतरा घटता है। अधिक मेलेनिन वाले लोगों की त्वचा गहरी और प्राकृतिक सुरक्षा बेहतर होती है, जबकि ऐल्बिनिज्म यानी मेलेनिन न बन पाने पर त्वचा धूप के प्रति बहुत संवेदनशील हो जाती है।
B गलत है, क्योंकि अवरक्त किरणें ऊष्मा के रूप में महसूस होती हैं और मेलेनिन इनसे बचाव नहीं करता।
C गलत है, क्योंकि एक्स-रे कोमल ऊतकों से पार हो जाती हैं और सीसे जैसे घने पदार्थों से रुकती हैं, त्वचा वर्णक से नहीं।
D गलत है, क्योंकि रेडियो तरंगों में त्वचा कोशिकाओं को हानि पहुंचाने जितनी ऊर्जा नहीं होती।
Exam tip: मेलानोसाइट से बना मेलेनिन UV से बचाता है; इसकी कमी से ऐल्बिनिज्म होता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
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