मराठा राज्य में वंशानुगत पेशवा परंपरा का पहला पेशवा कौन था?
- A.बाजीराव प्रथम
- B.बालाजी विश्वनाथ
- C.माधवराव प्रथम
- D.नाना फडणवीस
सही उत्तर
B. बालाजी विश्वनाथ
व्याख्या
सही उत्तर B, बालाजी विश्वनाथ है। 1713 में शाहू ने उन्हें पेशवा नियुक्त किया और उन्होंने मुगल दरबार से दक्कन में चौथ तथा सरदेशमुखी वसूलने का अधिकार प्राप्त किया; इसके बाद यह पद उनके परिवार में वंशानुगत हो गया और पूना से पेशवा शासन चलाने लगे, जबकि सतारा के छत्रपति नाममात्र के शासक रह गए। विकल्प A गलत है क्योंकि मालवा और गुजरात तक मराठा शक्ति फैलाने वाले बाजीराव प्रथम उनके पुत्र और इस परंपरा के दूसरे पेशवा थे। विकल्प C गलत है क्योंकि पानीपत के बाद मराठा शक्ति को संभालने वाले माधवराव प्रथम बहुत बाद में आए और 1772 में उनका निधन हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि नाना फडणवीस कभी पेशवा नहीं बने; वे माधवराव द्वितीय के अल्पवयस्क काल में पूना दरबार संभालने वाले प्रमुख मंत्री और संघ के बड़े राजनयिक थे।
पूरा लेख पढ़ें: मराठा और सिख: शिवाजी, पेशवा, गुरु और परीक्षा प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1818 में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप अंग्रेजों और होल्कर शासक के बीच कौन-सी संधि हुई?
- A.पुरंदर की संधि
- B.ग्वालियर की संधि
- C.सूरत की संधि
- D.मंदसौर की संधि
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मंदसौर की संधि
व्याख्या
सही उत्तर D, मंदसौर की संधि है। 1817 से 1818 के तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध का निपटारा अलग-अलग मराठा घरानों से अलग-अलग संधियों द्वारा हुआ और इंदौर के होल्कर शासक से जनवरी 1818 में मंदसौर (मंदेश्वर) में संधि हुई। इससे होल्कर राज्य कंपनी के अधीन आ गया और उसकी स्वतंत्रता समाप्त हो गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1665 की पुरंदर संधि शिवाजी और मिर्जा राजा जय सिंह के बीच हुई थी, जब दक्कन में कंपनी का कोई महत्व नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1817 की ग्वालियर संधि दौलतराव सिंधिया से हुई थी, होल्कर से नहीं, और विद्यार्थी अक्सर इन दोनों घरानों को आपस में बदल देते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1775 की सूरत संधि रघुनाथ राव से हुई थी और उसी से प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध आरंभ हुआ था।
मुगल सेना के विरुद्ध सिंहगढ़ किले की सफल रक्षा में कौन-सा मराठा योद्धा वीरगति को प्राप्त हुआ?
- A.चिमाजी अप्पा
- B.बाजी प्रभु देशपांडे
- C.तानाजी मालुसरे
- D.बाजी पासलकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तानाजी मालुसरे
व्याख्या
सही उत्तर C, तानाजी मालुसरे है। तानाजी ने 1670 में रात के आक्रमण से कोंडाना किला मुगल सैन्य टुकड़ी से छीना और इसी लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हुए। कहा जाता है कि शिवाजी ने कहा कि गढ़ आया पर सिंह गया, और इसके बाद किले का नाम सिंहगढ़ पड़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि चिमाजी अप्पा पेशवा बाजीराव प्रथम के भाई थे और 1739 में पुर्तगालियों से वसई जीतने के लिए याद किए जाते हैं, जो लगभग सत्तर वर्ष बाद की घटना है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाजी प्रभु देशपांडे 1660 में पावन खिंड को रोककर शहीद हुए थे ताकि शिवाजी सुरक्षित विशालगढ़ पहुंच सकें; यह अलग प्रसंग है जिसे प्रश्नपत्र जानबूझकर विकल्पों में रखते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बाजी पासलकर पुणे क्षेत्र के आरंभिक साथी थे और कोंडाना से उनका संबंध नहीं है।
छत्रपति शिवाजी के अष्टप्रधान में वित्त मंत्री को क्या कहा जाता था?
- A.पेशवा
- B.सुरनवीस
- C.सुमंत
- D.अमात्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अमात्य
व्याख्या
सही उत्तर D, अमात्य है। अमात्य, जिसे मजूमदार भी कहा जाता था, राज्य के लेखे रखता था और हर परगने की आय-व्यय की जांच करता था, इसलिए वही आठ मंत्रियों में वित्त का अधिकारी माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पेशवा मुख्य प्रधान था जो सामान्य प्रशासन देखता और शासक की अनुपस्थिति में उसका प्रतिनिधित्व करता था; बाद के काल में यह पद सर्वोपरि हो गया, पर वह वित्त विभाग कभी नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि सचिव, जिसे सुरनवीस भी कहते थे, राजकीय पत्राचार देखता और पत्रों तथा सनदों की भाषा जांचता था। विकल्प C गलत है क्योंकि सुमंत, जिसे डबीर कहा जाता था, विदेश विभाग का मंत्री था और दूसरे राज्यों के दूतों से व्यवहार करता था। याद रखने का सरल तरीका है तीन जोड़ियां: अमात्य से धन, सचिव से पत्र और सुमंत से विदेश।
मराठों और अफगानिस्तान के शासक अहमद शाह दुर्रानी के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध किस वर्ष लड़ा गया?
- A.1781
- B.1851
- C.1761
- D.1831
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1761
व्याख्या
सही उत्तर C, 1761 है। पानीपत का तीसरा युद्ध 14 जनवरी 1761 को सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व वाली मराठा सेना, जिसमें पेशवा पुत्र विश्वासराव भी थे, और रोहिलों तथा अवध के नवाब की सहायता प्राप्त अहमद शाह अब्दाली (दुर्रानी) के बीच लड़ा गया। मराठों की भारी क्षति हुई और कुछ ही महीनों में पेशवा बालाजी बाजीराव का निधन हो गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1781 प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध का वर्ष है, जो 1782 की सालबाई संधि पर समाप्त हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 1851 तक मराठा संघ 1818 में समाप्त हो चुका था और पंजाब का विलय भी हो चुका था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1831 कंपनी के प्रभुत्व का काल है और उस समय पानीपत में कोई युद्ध नहीं हुआ। पानीपत के तीन युद्ध 1526, 1556 और 1761 में हुए।
छत्रपति शिवाजी के प्रशासन में पंडितराव का कार्य क्या था?
- A.विदेश विभाग
- B.दान और धार्मिक कार्य
- C.महालेखाकार
- D.न्याय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दान और धार्मिक कार्य
व्याख्या
सही उत्तर B, दान और धार्मिक कार्य है। पंडितराव अष्टप्रधान में धार्मिक विभाग का प्रमुख था, जो धार्मिक अनुष्ठानों की तिथियां तय करता, मंदिरों तथा विद्वानों को दिए जाने वाले अनुदान की देखरेख करता और धार्मिक आचरण से जुड़े अपराधों पर दंड देता था। विकल्प A गलत है क्योंकि विदेश विभाग सुमंत या डबीर के पास था, जो दूतों का आदान-प्रदान करता था। विकल्प C गलत है क्योंकि लेखा और वित्त अमात्य या मजूमदार का काम था, जो परगनों की आय-व्यय की जांच करता था। विकल्प D गलत है क्योंकि न्याय का काम न्यायाधीश करता था, जो प्रथा और प्राचीन धर्मशास्त्रों के आधार पर दीवानी तथा फौजदारी मामले तय करता था। यह भी याद रखें कि शेष छह मंत्रियों के विपरीत पंडितराव और न्यायाधीश को सैनिक दायित्व नहीं दिया जाता था।