मध्य प्रदेश के राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून के अनुसार राज्य का राजकोषीय घाटा सामान्यतः सकल राज्य घरेलू उत्पाद के कितने भाग तक रखा जाना चाहिए?
- A.एक प्रतिशत
- B.तीन प्रतिशत
- C.छह प्रतिशत
- D.दस प्रतिशत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, तीन प्रतिशत है। मध्य प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, जो 2003 के केंद्रीय अधिनियम तथा बारहवें वित्त आयोग की सलाह के बाद 2000 के दशक के मध्य में बना, राज्य से अपेक्षा करता है कि राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत के भीतर रहे, राजस्व घाटा समाप्त हो और ऋण का निर्धारित मार्ग अपनाया जाए, तथा अतिरिक्त उधार केवल उन्हीं परिस्थितियों में संभव है जिन्हें कानून और केंद्र मिलकर स्वीकार करें।
विकल्प A, एक प्रतिशत, राजस्व घाटे के लिए अपेक्षित सीमा के निकट है, राजकोषीय घाटे के लिए नहीं, इसलिए इसे जानबूझकर निकट का उत्तर बनाया गया है। विकल्प C, छह प्रतिशत, और विकल्प D, दस प्रतिशत, किसी भी वैधानिक सीमा से बहुत अधिक हैं, यद्यपि जिन वर्षों में केंद्र ने अतिरिक्त उधार की छूट दी, वास्तविक घाटा सामान्य सीमा से ऊपर गया। तीन प्रतिशत के साथ यह भी याद रखें कि ऐसे कानून में बजट के साथ मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण तथा राजकोषीय नीति रणनीति विवरण विधान सभा के समक्ष रखना आवश्यक होता है।
पूरा लेख पढ़ें: मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था और राज्य बजट: तथ्य और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन विधानमंडल का कार्य नहीं है?
- A.कानून बनाना
- B.बजट तैयार करना
- C.बजट पारित करना
- D.कार्यपालिका पर नियंत्रण
उत्तर देखें
बजट तैयार करना, अर्थात प्रत्येक विभाग की प्राप्तियों और व्यय का अनुमान लगाकर उन्हें एक साथ जोड़ना, कार्यपालिका का कार्य है, और मध्य प्रदेश में वित्त विभाग इसे तैयार करता है तथा वित्त मंत्री इसे प्रस्तुत करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्य प्रदेश का विधानमंडल, जिसके समक्ष राज्य का बजट रखा जाता है, किससे बना है?
- A.केवल विधान सभा, राज्यपाल के साथ
- B.विधान सभा और विधान परिषद
- C.केवल विधान परिषद
- D.विधान सभा और जिलों की संयुक्त परिषद
उत्तर देखें
मध्य प्रदेश का विधानमंडल एकसदनीय है, अर्थात राज्यपाल और एक सदन, विधान सभा, जिसकी सदस्य संख्या 230 है। इसलिए अनुच्छेद 202 के अंतर्गत वार्षिक वित्तीय विवरण उसी एक सदन के समक्ष रखा जाता है, जो अनुदान मांगों पर मतदान करता है और विनियोग विधेयक पारित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्य प्रदेश भारत में किस खनिज का एकमात्र उत्पादक राज्य है?
- A.हीरा
- B.सोना
- C.पेट्रोलियम
- D.यूरेनियम
उत्तर देखें
पन्ना के निकट मझगवां की किंबरलाइट पाइप देश की एकमात्र चालू हीरा खदान है, इसी कारण मध्य प्रदेश भारत का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है और हीरे की बिक्री पन्ना स्थित सरकारी हीरा कार्यालय से होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्य प्रदेश भारत में किस फसल का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसके कारण इसे सोया प्रदेश कहा जाता है?
- A.मूंगफली
- B.सोयाबीन
- C.सरसों
- D.सूरजमुखी
उत्तर देखें
मालवा के पठार और नर्मदा घाटी की काली मिट्टी सोयाबीन के अनुकूल है, और इंदौर, उज्जैन, देवास तथा सीहोर के आसपास के जिलों में इसका इतना उत्पादन होता है कि राज्य को सोया प्रदेश कहा जाता है तथा इंदौर सोयाबीन तेल और खली के व्यापार का केंद्र बन गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्य प्रदेश का मलाजखंड, जहां भारत का सबसे बड़ा तांबा अयस्क भंडार है, किस जिले में स्थित है?
- A.बालाघाट
- B.पन्ना
- C.झाबुआ
- D.शहडोल
उत्तर देखें
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की मलाजखंड तांबा परियोजना राज्य के पूर्वी छोर पर बालाघाट जिले में है और यह देश के सबसे बड़े तांबा अयस्क भंडार पर काम करती है, जिसका सांद्र राज्य के बाहर के स्मेल्टरों को भेजा जाता है।
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