मध्य-अक्षांशीय पर्णपाती वनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. मध्य-अक्षांशीय पर्णपाती वनों में मुख्यतः ऐसे वृक्ष होते हैं जो ग्रीष्म ऋतु में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं। 2. मध्य-अक्षांशीय पर्णपाती वन पूर्वी उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के मूल वन हैं। 3. एशिया में मध्य-अक्षांशीय पर्णपाती वन उत्तर में बोरियल वन और दक्षिण में स्टेपी भूमि के बीच एक पट्टी के रूप में मिलते हैं। 4. बीच, हिकॉरी और अखरोट मध्य-अक्षांशीय पर्णपाती वनों में पाए जाने वाले वृक्षों के सामान्य उदाहरण हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.1, 2 और 4
- C.1, 3 और 4
- D.2, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 2, 3 और 4। केवल कथन 1 गलत है: ये वृक्ष ग्रीष्म में नहीं, बल्कि शीत ऋतु में पत्तियाँ गिराते हैं।
मध्य-अक्षांशीय (शीतोष्ण) पर्णपाती वन वहाँ उगते हैं जहाँ गर्मियाँ गर्म और नम तथा सर्दियाँ ठंडी होती हैं। पानी बचाने और जमी हुई सर्दी झेलने के लिए वृक्ष पतझड़ में अपनी चौड़ी पत्तियाँ गिरा देते हैं और वसंत में नई पत्तियाँ उगाते हैं। ये वन पूर्वी उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के मूल वन हैं। एशिया में ये एक पट्टी बनाते हैं, जिसके उत्तर में बोरियल (टैगा) वन और दक्षिण में शुष्क स्टेपी घास के मैदान हैं; यह पट्टी उत्तर-पूर्वी चीन, कोरिया और जापान तक जाती है। ओक, बीच, मेपल, हिकॉरी, अखरोट, चेस्टनट और एल्म यहाँ के विशिष्ट वृक्ष हैं, इसलिए ये क्षेत्र कठोर लकड़ी के लिए प्रसिद्ध हैं।
A गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 है और कथन 4 छूट गया है। B गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 है और कथन 3 छूट गया है। C गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 है और कथन 2 छूट गया है।
परीक्षा टिप: शीतोष्ण पर्णपाती वृक्ष सर्दी में पत्तियाँ गिराते हैं; उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वृक्ष शुष्क गर्मी में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस वलन में अक्षीय तल लगभग क्षैतिज पाया जाता है?
- A.समनत (आइसोक्लाइनल)
- B.अपनति (एंटीक्लाइनल)
- C.शयान (रिकम्बेंट)
- D.एकनत (मोनोक्लाइनल)
उत्तर देखें
शयान वलन में चट्टानी परतें इतनी अधिक झुक जाती हैं कि वलन करवट लेकर लेट जाता है और उसका अक्षीय तल लगभग क्षैतिज हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफ) में P तरंगें S तरंगों से पहले दर्ज होती हैं।
II. P तरंगों में कण तरंग के संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
P तरंगें सबसे तेज़ भूकंपीय तरंगें हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं; वे अनुदैर्ध्य हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के शीतोष्ण वन क्या कहलाते हैं?
- A.मिरिस्टिका
- B.कार वन
- C.देवराकाडु
- D.शोला
उत्तर देखें
पश्चिमी घाट की नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों की ऊँची घाटियों में मिलने वाले सदाबहार शीतोष्ण वनों के टुकड़े शोला कहलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्र की सतह पर किसी दिए गए स्थान पर दो क्रमिक ज्वारों के आने के बीच समय का अंतर कितना होता है?
- A.12 घंटे
- B.12 घंटे 26 मिनट
- C.24 घंटे
- D.24 घंटे 52 मिनट
उत्तर देखें
अधिकांश स्थानों पर दिन में दो उच्च ज्वार आते हैं, और चंद्रमा हर दिन लगभग 52 मिनट देर से उगता है, इसलिए हर उच्च ज्वार पिछले के लगभग 12 घंटे 26 मिनट बाद आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, अक्षर कूट Cfa किसे दर्शाता है?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- B.आर्द्र उपोष्ण जलवायु
- C.टुंड्रा जलवायु
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
कोपेन के कूट में C का अर्थ गर्म शीतोष्ण जलवायु, f का अर्थ बिना शुष्क ऋतु के सभी ऋतुओं में वर्षा, और a का अर्थ गर्म ग्रीष्म है।
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