लेज़र क्रिया के लिए अनिवार्य शर्त क्या है?
- A.जनसंख्या प्रतिलोमन
- B.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
- C.तापायनिक उत्सर्जन
- D.नाभिकीय विखंडन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, जनसंख्या प्रतिलोमन है। साधारण पदार्थ में अधिकांश परमाणु नीचे के ऊर्जा स्तर पर रहते हैं, इसलिए उससे गुजरता प्रकाश प्रवर्धित होने की तुलना में अधिक अवशोषित होता है। लेज़र क्रिया के लिए उलटी स्थिति चाहिए, अर्थात ऊँचे स्तर पर नीचे वाले स्तर से अधिक परमाणु, जिसे जनसंख्या प्रतिलोमन कहते हैं और जो पंपन तथा उस मेटास्टेबल स्तर की सहायता से प्राप्त होता है जहाँ परमाणु रुक सकते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि पूर्ण आंतरिक परावर्तन प्रकाश को प्रकाशित तंतु में मार्गदर्शित करता है, उसे उत्पन्न या प्रवर्धित नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि तापायनिक उत्सर्जन गर्म तंतु से इलेक्ट्रॉनों का निकलना है, जो निर्वात नलिकाओं में प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि नाभिकीय विखंडन भारी नाभिकों का टूटना है और उसका कलासंबद्ध प्रकाश बनाने से कोई संबंध नहीं है।
पूरा लेख पढ़ें: प्रकाश-विद्युत प्रभाव, लेज़र और अतिचालकता नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश-विद्युत प्रभाव का प्रथम प्रेक्षण किस वैज्ञानिक ने किया?
- A.अल्बर्ट आइंस्टाइन
- B.हेनरिक हर्ट्ज
- C.मैक्स प्लांक
- D.रॉबर्ट मिलिकन
उत्तर देखें
1887 में दो इलेक्ट्रोडों के बीच उत्पन्न स्फुलिंगों का अध्ययन करते समय हर्ट्ज ने देखा कि जब इलेक्ट्रोडों पर पराबैंगनी प्रकाश पड़ता है तो स्फुलिंग अधिक सरलता से कूदती है, और यही प्रकाश-विद्युत प्रभाव का पहला प्रेक्षण था; इसके बाद हालवाक्स तथा लेनार्ड ने इसका क्रमबद्ध अध्ययन किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अल्बर्ट आइंस्टाइन को 1921 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मुख्यतः किस कार्य के लिए दिया गया?
- A.विशिष्ट आपेक्षिकता सिद्धांत
- B.सामान्य आपेक्षिकता सिद्धांत
- C.प्रकाश-विद्युत प्रभाव की व्याख्या
- D.फोटॉन के विराम द्रव्यमान की खोज
उत्तर देखें
पुरस्कार की प्रशस्ति सैद्धांतिक भौतिकी में उनकी सेवाओं और विशेष रूप से प्रकाश-विद्युत प्रभाव के नियम की खोज का उल्लेख करती है, अर्थात उस समीकरण की, जिसमें फोटॉन की ऊर्जा कार्यफलन और उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा के योग के बराबर होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी धातु की सतह से निकले प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा किस पर निर्भर करती है?
- A.आपतित प्रकाश की तीव्रता
- B.आपतित प्रकाश की आवृत्ति
- C.प्रकाशित सतह के क्षेत्रफल
- D.प्रकाश पड़ने के समय
उत्तर देखें
आइंस्टाइन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार फोटॉन प्लांक नियतांक और आवृत्ति के गुणनफल के बराबर ऊर्जा देता है, जिसका एक भाग कार्यफलन में व्यय होता है, इसलिए इलेक्ट्रॉन के पास बची अधिकतम गतिज ऊर्जा आवृत्ति के साथ बढ़ती है और प्रकाश की चमक पर निर्भर नहीं करती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन बाहर निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.कार्यफलन
- B.निरोधी विभव
- C.आयनन ऊर्जा
- D.बंधन ऊर्जा
उत्तर देखें
किसी धातु का कार्यफलन वह न्यूनतम ऊर्जा है जो उसकी सतह से एक इलेक्ट्रॉन को मुक्त करने के लिए चाहिए, और यह उस धातु की देहली आवृत्ति तथा प्लांक नियतांक के गुणनफल के बराबर होती है; सीजियम और पोटैशियम का कार्यफलन कम है, इसी कारण वे दृश्य प्रकाश पर भी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →लेज़र शब्द किसका संक्षिप्त रूप है?
- A.स्वतःस्फूर्त उत्सर्जन द्वारा प्रकाश का अवशोषण
- B.उत्तेजित उत्सर्जन द्वारा प्रकाश का प्रवर्धन
- C.विकिरण द्वारा संचित ऊर्जा का रैखिक प्रवर्धन
- D.सांख्यिकीय उत्सर्जन द्वारा किरणों का संरेखण
उत्तर देखें
यह युक्ति उत्तेजित उत्सर्जन से कार्य करती है, जिसमें किसी उत्तेजित परमाणु के पास से गुजरता फोटॉन उसे नीचे के स्तर पर गिराकर एक दूसरा फोटॉन उत्सर्जित कराता है, जो आवृत्ति, कला और दिशा में पहले के समान होता है, इसलिए एक फोटॉन से दो बनते हैं और प्रकाश प्रवर्धित…
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