क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. संविधान सभा में प्रांतीय विधानसभाओं और देशी रियासतों, दोनों द्वारा नामित सदस्य होंगे। 2. कोई भी प्रांत, जो नया संविधान स्वीकार करने को तैयार न हो, अपनी भावी स्थिति के बारे में ब्रिटेन के साथ अलग समझौता करने का अधिकारी होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। क्रिप्स प्रस्तावों में कोई भी प्रांत नए संघ से बाहर रहकर ब्रिटेन से अलग समझौता कर सकता था, पर संविधान सभा के प्रांतीय सदस्य नामित नहीं, निर्वाचित होने थे।
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मार्च 1942 में सर स्टैफ़र्ड क्रिप्स भारतीयों का समर्थन पाने भारत आए। उन्होंने युद्ध के बाद डोमिनियन दर्जा और एक संविधान निर्मात्री निकाय का प्रस्ताव रखा। इसके ब्रिटिश भारत वाले सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाने थे, जबकि देशी रियासतें अपने सदस्य नामित करतीं। नया संविधान न मानने वाला प्रांत ब्रिटेन से अलग समझौता कर सकता था; आलोचकों ने इसे विभाजन का रास्ता खोलने वाला माना। गांधीजी ने इसे "आगे की तारीख का चेक" कहा और कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया।
A गलत है क्योंकि कथन 1 प्रांतीय सदस्यों को नामित बताता है, जो सही नहीं है। C इसी कारण गलत है। D गलत है क्योंकि कथन 2 सही है।
Exam tip: क्रिप्स 1942: प्रांत चुनेंगे, रियासतें नामित करेंगी, प्रांत अलग हो सकेंगे।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1824 का बैरकपुर विद्रोह इसलिए भड़का कि 47वीं देशी पैदल सेना के सिपाहियों ने किस बात से इनकार कर दिया?
- A.पगड़ी पर चमड़े की कलगी पहनने से
- B.नए एनफ़ील्ड कारतूस के उपयोग से
- C.समुद्र पार कर बर्मा कूच करने से
- D.भारतीय अधिकारियों के अधीन सेवा से
उत्तर देखें
प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध के समय बैरकपुर में तैनात 47वीं देशी पैदल सेना को बर्मा जाने का आदेश मिला। सिपाहियों ने आपत्ति की, क्योंकि समुद्र पार करने का अर्थ जाति भ्रष्ट होना था और सेवा परंपरा के अनुसार सामान की ढुलाई के लिए कोई भत्ता नहीं दिया गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचालनकुरिची के वीरपांड्य कट्टबोम्मन, जिन्हें कंपनी ने 1799 में फांसी दी, किस विद्रोह श्रृंखला से जुड़े हैं?
- A.पालीगार विद्रोह
- B.रामोसी विद्रोह
- C.गडकरी विद्रोह
- D.चुआर विद्रोह
उत्तर देखें
पालीगार तिरुनेलवेली और मदुरै क्षेत्र के सैन्य सरदार थे, जो सैनिक रखने के बदले भूमि रखते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में वहाबी आंदोलन को मुख्य रूप से किसने रूप दिया?
- A.सैयद अहमद बरेलवी
- B.सर सैयद अहमद ख़ान
- C.दूदू मियां
- D.तीतू मीर
उत्तर देखें
B ग़लत है, क्योंकि सर सैयद अहमद ख़ान बहुत बाद की पीढ़ी के थे और उनका कार्य भिन्न प्रकार का था, अर्थात 1857 के बाद शुरू हुआ अलीगढ़ का शिक्षा सुधार आंदोलन।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पूर्वी बंगाल के किसानों के बीच फ़रायजी आंदोलन की स्थापना किसने की?
- A.दूदू मियां
- B.हाजी शरीयतुल्लाह
- C.करम शाह
- D.शाह वलीउल्लाह
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यह आंदोलन मुसलमानों से उन प्रथाओं को छोड़ने का आह्वान करता था जिन्हें वह ग़ैर-इस्लामी मानता था, और शीघ्र ही यह हिंदू ज़मींदारों के अवैध करों तथा नील बागान मालिकों के विरुद्ध मुस्लिम किसानों का संगठित प्रतिरोध बन गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1829-33 का खासी विद्रोह यू तिरोत सिंह ने किस ब्रिटिश परियोजना के विरुद्ध चलाया?
- A.कलकत्ता से ढाका तक रेल लाइन
- B.ब्रह्मपुत्र घाटी से सिलहट तक सड़क
- C.खासी पहाड़ियों से होकर नहर
- D.कछार में चाय बागान
उत्तर देखें
कंपनी ब्रह्मपुत्र घाटी को खासी क्षेत्र से होकर सिलहट से जोड़ने वाली सड़क चाहती थी और उसे बनाने के लिए बाहरी मज़दूर तथा सैनिक ले आई।
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