कोई वस्तु एकसमान चाल से वृत्ताकार पथ पर गति करती है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.वस्तु का अभिकेंद्र त्वरण हल्के मोड़ (अर्थात् अधिक त्रिज्या वाले मोड़) पर तीखे मोड़ (अर्थात् कम त्रिज्या वाले मोड़) की तुलना में कम होता है।
- B.अभिकेंद्र त्वरण हल्के मोड़ पर तीखे मोड़ की तुलना में अधिक होता है।
- C.अभिकेंद्र त्वरण हल्के और तीखे, दोनों मोड़ों पर समान होता है।
- D.अभिकेंद्र त्वरण के कारण वस्तु धीमी हो जाती है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A: हल्के मोड़ पर अभिकेंद्र त्वरण तीखे मोड़ की तुलना में कम होता है। स्थिर चाल v पर अभिकेंद्र त्वरण v²/r होता है, इसलिए अधिक त्रिज्या पर त्वरण कम होता है।
एकसमान चाल से वृत्त में चलती वस्तु भी त्वरित होती है, क्योंकि उसकी दिशा लगातार बदलती रहती है। यह त्वरण हमेशा वृत्त के केंद्र की ओर होता है और इसका मान v²/r होता है। चाल वही रहे तो त्रिज्या दोगुनी करने पर त्वरण आधा हो जाता है, और त्रिज्या आधी करने पर दोगुना। इसीलिए कोई कार जिस चाल से हल्का मोड़ सुरक्षित पार कर लेती है, उसी चाल पर तीखे मोड़ पर फिसल सकती है, क्योंकि वहाँ घर्षण से कहीं अधिक अंदर की ओर बल चाहिए।
B गलत है, क्योंकि यह संबंध को उलट देता है; अधिक त्रिज्या पर त्वरण कम होता है, अधिक नहीं।
C गलत है, क्योंकि त्वरण त्रिज्या पर निर्भर करता है, इसलिए दोनों मोड़ों पर समान नहीं हो सकता।
D गलत है, क्योंकि अभिकेंद्र त्वरण गति की दिशा के लंबवत होता है; यह केवल दिशा बदलता है, चाल नहीं।
Exam tip: अभिकेंद्र त्वरण = v²/r, केंद्र की ओर; यह दिशा बदलता है, चाल कभी नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक कप में स्थिर पड़े तरल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. तरल के सभी बिंदुओं पर दाब समान होता है 2. दीवारों पर दाब लगता है। 3. तरल में हर जगह दाब होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
स्थिर तरल दीवारों पर दाब डालता है और उसके हर बिंदु पर दाब होता है, पर यह दाब सभी गहराइयों पर बराबर नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परम शून्य ताप 0 केल्विन है। °C मात्रक में निम्नलिखित में से कौन-सा परम शून्य ताप है?
- A.0 °C
- B.-100 °C
- C.-273.15 °C
- D.-173.15 °C
उत्तर देखें
केल्विन पैमाने का शून्य जल के हिमांक से 273.15 डिग्री नीचे होता है। केल्विन और सेल्सियस पैमानों में एक डिग्री का मान बराबर होता है, इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डाइनाइट्रोजन (N₂) और डाइऑक्सीजन (O₂) वायु के मुख्य घटक हैं, फिर भी वे आपस में अभिक्रिया करके नाइट्रोजन के ऑक्साइड नहीं बनाते, क्योंकि
- A.अभिक्रिया को आरंभ करने के लिए उत्प्रेरक चाहिए
- B.नाइट्रोजन के ऑक्साइड अस्थायी होते हैं
- C.अभिक्रिया ऊष्माशोषी है और इसके लिए बहुत ऊंचा ताप चाहिए
- D.वायु में N₂ और O₂ का स्टॉइकियोमीट्री अनुपात इस अभिक्रिया के लिए आदर्श नहीं है
उत्तर देखें
नाइट्रोजन और ऑक्सीजन तभी मिलते हैं जब बहुत अधिक ऊर्जा दी जाए। नाइट्रोजन अणु बहुत मजबूत त्रिबंध से बंधा होता है, इसलिए उसे तोड़ने में बहुत ऊर्जा लगती है, और अभिक्रिया N₂ + O₂ → 2NO ऊष्मा अवशोषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किसका उदाहरण है?
- A.प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
- B.विलोपन अभिक्रिया।
- C.योगात्मक अभिक्रिया।
- D.मुक्त-मूलक बहुलकीकरण।
उत्तर देखें
तेल के कार्बन–कार्बन द्विबंधों पर हाइड्रोजन जुड़ जाती है। वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं: उनकी वसीय अम्ल श्रृंखलाओं में C=C द्विबंध होते हैं, जिनके कारण वे द्रव रहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक धनात्मक आवेश ऐसे स्थान में दक्षिण की ओर गतिमान है जहां चुंबकीय क्षेत्र उत्तर दिशा की ओर है। गतिमान आवेश अनुभव करेगा :
- A.उत्तर दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- B.पूर्व दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- C.पश्चिम दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- D.कोई विक्षेपक बल नहीं।
उत्तर देखें
आवेश ठीक क्षेत्र की उल्टी दिशा में चल रहा है, और चुंबकीय क्षेत्र अपनी रेखा पर चलते आवेश पर कोई बल नहीं लगाता।
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