किस यूरोपीय शासक ने कहा था, "याद रखो कि भारत का व्यापार ही विश्व का व्यापार है ... जो इस पर एकाधिकार कर लेगा, वही यूरोप का अधिनायक होगा"?
- A.महारानी विक्टोरिया
- B.रूस का पीटर महान
- C.नेपोलियन बोनापार्ट
- D.गुस्ताव द्वितीय एडोल्फ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, रूस का पीटर महान। यह कथन कि भारत का व्यापार ही विश्व का व्यापार है और जो इस पर अकेले अधिकार करेगा वही यूरोप का अधिनायक होगा, रूस के ज़ार पीटर महान (शासन 1682–1725) से जोड़ा जाता है। पीटर रूस का आधुनिकीकरण करना और उसे व्यापार के लिए खोलना चाहता था; उसने पश्चिम की खिड़की के रूप में सेंट पीटर्सबर्ग बसाया और मध्य एशिया तथा कैस्पियन की ओर अभियान भेजे, ताकि थल मार्ग से भारत की समृद्धि तक पहुंचा जा सके। इस कथन का प्रयोग अक्सर यह समझाने में होता है कि पुर्तगाली, डच, अंग्रेज़ और फ्रांसीसी हिंद महासागर के मसालों, वस्त्रों और नील के व्यापार के लिए आपस में इतना क्यों लड़े। विकल्प A गलत है, क्योंकि महारानी विक्टोरिया के समय भारत पहले से ब्रिटेन के अधीन था और 1877 में वे भारत की साम्राज्ञी बनीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नेपोलियन ने मिस्र के रास्ते ब्रिटिश भारत पर प्रहार का सपना देखा, पर यह कथन उसका नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्वीडन का गुस्ताव द्वितीय एडोल्फ तीस वर्षीय युद्ध के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: पीटर महान = सेंट पीटर्सबर्ग और रूस की आधुनिक नौसेना का संस्थापक; भारत पर उसकी नज़र बाद के 'ग्रेट गेम' की झलक थी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. गीतांजलि श्री द्वारा लिखित 'टूम ऑफ सैंड' किसी भी भारतीय भाषा में मूल रूप से लिखी गई पहली पुस्तक है जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला।
2. 'टूम ऑफ सैंड' हिंदी से अनूदित पहला उपन्यास है जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार दिया गया।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
'टूम ऑफ सैंड' को 2022 में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला, और यह जीत दोनों ही मायनों में पहली थी। यह उपन्यास गीतांजलि श्री ने हिंदी में 'रेत समाधि' (2018) नाम से लिखा और अमेरिकी अनुवादक डेज़ी रॉकवेल ने इसका अंग्रेजी अनुवाद किया, जिन्होंने पुरस्कार राशि उनके साथ बांटी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी अश्वघोष की रचना नहीं है?
- A.शारिपुत्रप्रकरण
- B.बुद्धचरित
- C.सौंदरनंद
- D.मंजुश्रीमूलकल्प
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यह कर्मकांड और भविष्यवाणी से जुड़ा बाद का महायान बौद्ध ग्रंथ है, अश्वघोष की रचना नहीं। अश्वघोष पहली-दूसरी शताब्दी ईस्वी के बौद्ध कवि, नाटककार और दार्शनिक थे, जिन्हें परंपरा कुषाण राजा कनिष्क के दरबार से जोड़ती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अरबी भाषा में लिखी गई, भारत के बारे में अत्यंत समृद्ध और रोचक विवरण देने वाली रिहला नामक यात्रा-पुस्तक के लेखक कौन थे?
- A.अल-बिरूनी
- B.इब्न बतूता
- C.फ्रांस्वा बर्नियर
- D.निज़ामुद्दीन अहमद
उत्तर देखें
रिहला, जिसका अर्थ है यात्रा, टैंजियर (मोरक्को) के यात्री इब्न बतूता की अरबी यात्रा-पुस्तक है, जो 1333 में भारत पहुंचे थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर भारत के ब्रज क्षेत्र पर केंद्रित सोलहवीं शताब्दी के संस्कृत ग्रंथ "व्रज भक्ति विलास" के लेखक कौन हैं?
- A.टोडरमल
- B.नारायण भट्ट
- C.चैतन्य
- D.रूप गोस्वामी
उत्तर देखें
सोलहवीं शताब्दी के वैष्णव विद्वान नारायण भट्ट ने 1552 में संस्कृत ग्रंथ "व्रज भक्ति विलास" लिखा, जिसमें मथुरा और वृंदावन के आसपास के ब्रज क्षेत्र के पवित्र स्थलों का वर्णन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित अग्रणी बंगाली महिलाओं में से किसने 1910 और 1913 के बीच अपनी आत्मकथा "आमार कथा" धारावाहिक रूप में प्रकाशित की?
- A.बिनोदिनी दासी
- B.राससुंदरी देवी
- C.बेगम रुकैया सख़ावत हुसैन
- D.कैलाशबासिनी देवी
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बांग्ला रंगमंच की प्रमुख अभिनेत्री बिनोदिनी दासी ने "आमार कथा" (मेरी कहानी) लिखी, जो 1910 से 1913 के बीच किस्तों में छपी और 1913 में पुस्तक के रूप में आई।
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