किस तकनीक से पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन पर स्वयं डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकता है?
- A.आइरिस स्कैन
- B.चेहरे से पहचान
- C.आवाज की पहचान
- D.डिजिटल हस्ताक्षर टोकन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर चेहरे से पहचान है। विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि तकनीकी प्रगति और विशेष रूप से चेहरे से पहचान की सुविधा ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी है, क्योंकि पेंशनभोगी अब बैंक या किसी अन्य कार्यालय जाए बिना अपने स्मार्टफोन से स्वयं प्रमाण पत्र बना सकता है। उन्होंने इसे पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन सुगम बनाने की सरकार की व्यापक प्रतिबद्धता से जोड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि शिविर में आइरिस स्कैन का उल्लेख नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि बताई गई प्रक्रिया में आवाज की पहचान शामिल नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि किसी हस्ताक्षर टोकन की आवश्यकता नहीं है; इस सुविधा की पूरी खूबी यही है कि वरिष्ठ पेंशनभोगी को स्मार्टफोन के अलावा कुछ नहीं चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: डीएलसी अभियान-5 में दो करोड़ से अधिक प्रमाणपत्र का लक्ष्य
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5 में कितने प्रमाण पत्रों का लक्ष्य रखा गया है?
- A.50 लाख से अधिक
- B.एक करोड़ से अधिक
- C.दो करोड़ से अधिक
- D.पांच करोड़ से अधिक
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पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने अपने राष्ट्रव्यापी अभियान के पांचवें चरण के लिए यही लक्ष्य तय किया है, और भारतीय स्टेट बैंक के साथ नई दिल्ली के एनडीसीसी सम्मेलन केंद्र में लगाया गया विशाल शिविर इसी का हिस्सा था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नई दिल्ली के विशाल शिविर में पेंशन विभाग का साझेदार कौन-सा बैंक था?
- A.पंजाब नेशनल बैंक
- B.भारतीय स्टेट बैंक
- C.बैंक ऑफ बड़ौदा
- D.भारतीय रिजर्व बैंक
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विभाग ने पांचवें राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत इसी बैंक के सहयोग से नई दिल्ली के एनडीसीसी सम्मेलन केंद्र में विशाल शिविर आयोजित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा के लिए हर टेलीकॉम सेवा प्रदाता को अब कौन-सी समिति बनानी होगी?
- A.उपभोक्ता शिकायत निवारण निगरानी समिति
- B.दूरसंचार विवाद समाधान अधिकरण
- C.उपभोक्ता सलाहकार समिति
- D.ग्राहक कल्याण बोर्ड
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हर सेवा प्रदाता को यह समिति बनानी होगी, जो उसकी शिकायत निवारण व्यवस्था के कामकाज की निगरानी और समय-समय पर समीक्षा करेगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित विनियम के अनुसार टेलीकॉम शिकायत केंद्र उपभोक्ताओं के लिए कितने समय तक उपलब्ध रहना चाहिए?
- A.कार्य दिवसों में आठ घंटे
- B.कार्य दिवसों में सोलह घंटे
- C.सप्ताह के हर दिन चौबीसों घंटे
- D.सप्ताह के हर दिन बारह घंटे
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संशोधन ने सोलह घंटे की पुरानी व्यवस्था की जगह हर दिन के हर घंटे सहायता देना अनिवार्य किया है और सेवा प्रदाता को छूट दी है कि वह केंद्र मानव प्रतिनिधियों, स्वचालित प्रणालियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एजेंट, अन्य उपभोक्ता-केंद्रित तकनीक या इनके मिश्रण से चला सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई के नए विनियम के अनुसार शिकायत निपटने के बाद उपभोक्ता को कितने दिनों में अपील दाखिल करनी होगी?
- A.7 दिन
- B.15 दिन
- C.30 दिन
- D.45 दिन
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टेलीकॉम उपभोक्ता शिकायत निवारण (चौथा संशोधन) विनियम, 2026 में शिकायत बंद होने के बाद अपील दाखिल करने की अवधि घटा दी गई है, क्योंकि नियामक का मानना है कि उपभोक्ता सामान्यतः जल्द ही अपील करना चाहता है और लंबी अवधि से अनुपालन का बोझ बढ़ता है।
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