किस अधिनियम ने पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधायी और कार्यपालिका कार्यों को अलग किया?
- A.चार्टर एक्ट, 1793
- B.चार्टर एक्ट, 1813
- C.चार्टर एक्ट, 1833
- D.चार्टर एक्ट, 1853
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर D, 1853 का चार्टर एक्ट है। इसने विधायी प्रयोजनों के लिए गवर्नर-जनरल की परिषद में छह नए सदस्य जोड़े, जिससे विधि निर्माण एक पृथक निकाय करने लगा जो अपनी कार्य-प्रक्रिया के साथ छोटी संसद की तरह व्यवहार करता था; इसी कारण इसे भारतीय विधान परिषद का आरंभ माना जाता है। विकल्प A, 1793 का चार्टर एक्ट, गलत है क्योंकि उसने गवर्नर-जनरल को परिषद के निर्णय रद्द करने की शक्ति दी, परंतु दोनों कार्य एक ही निकाय में रहे। विकल्प B, 1813 का चार्टर एक्ट, गलत है क्योंकि वह व्यापारिक एकाधिकार, मिशनरियों और शिक्षा से संबंधित था। विकल्प C, 1833 का चार्टर एक्ट, गलत है क्योंकि उसने विधि सदस्य और विधि आयोग जोड़े, परंतु विधायी कार्य उसी परिषद के पास रहा; पृथक्करण बीस वर्ष बाद हुआ।
पूरा लेख पढ़ें: कंपनी शासन के अधिनियम 1773 से 1853: प्रावधान और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवॉरेन हेस्टिंग्स बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल किस वर्ष बने?
- A.1772
- B.1778
- C.1775
- D.1773
उत्तर देखें
1773 के रेगुलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर का पदनाम बदलकर बंगाल का गवर्नर-जनरल कर दिया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यों की कार्यकारिणी परिषद बनाई; 1772 से बंगाल के गवर्नर रहे वॉरेन हेस्टिंग्स इस नए पद के पहले अधिकारी बने।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रिटिश संसद के किस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया?
- A.रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
- B.पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
- C.चार्टर एक्ट, 1813
- D.चार्टर एक्ट, 1833
उत्तर देखें
यह ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियंत्रित करने का ब्रिटिश संसद का पहला प्रयास था: इसने बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर-जनरल बनाया, उसे चार सदस्यीय परिषद दी, बॉम्बे और मद्रास को उसके अधीन किया तथा कलकत्ता में उच्चतम न्यायालय की व्यवस्था की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कंपनी के भारतीय क्षेत्रों के असैनिक, सैनिक और राजस्व मामलों की देखरेख करने वाला बोर्ड ऑफ कंट्रोल किस अधिनियम से बना?
- A.रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
- B.संशोधन अधिनियम, 1781
- C.पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
- D.चार्टर एक्ट, 1793
उत्तर देखें
इस अधिनियम ने ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक और राजनीतिक कार्यों को अलग किया: व्यापार कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स के पास रहा और असैनिक, सैनिक तथा राजस्व प्रशासन संसद के प्रति उत्तरदायी नवगठित बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अधीन आया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस अधिनियम ने भारत के व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार समाप्त कर दिया, जिसमें केवल चाय का व्यापार और चीन के साथ व्यापार उसके पास रहा?
- A.चार्टर एक्ट, 1793
- B.चार्टर एक्ट, 1813
- C.चार्टर एक्ट, 1833
- D.चार्टर एक्ट, 1853
उत्तर देखें
भारत में मुक्त बाजार चाहने वाले ब्रिटिश उद्योगपतियों के दबाव में संसद ने भारत का व्यापार सभी ब्रिटिश नागरिकों के लिए खोल दिया और कंपनी के पास केवल चाय का व्यापार तथा चीन के साथ व्यापार रहने दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल किस अधिनियम ने बनाया?
- A.रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
- B.चार्टर एक्ट, 1813
- C.चार्टर एक्ट, 1833
- D.चार्टर एक्ट, 1853
उत्तर देखें
यह अधिनियम भारत में ब्रिटिश प्रशासन के केंद्रीकरण का अंतिम चरण था: इसने समस्त असैनिक और सैनिक शक्तियाँ भारत के गवर्नर-जनरल में निहित कीं, बॉम्बे और मद्रास सरकारों की विधायी शक्ति छीन ली, तथा ईस्ट इंडिया कंपनी को ताज के न्यास में क्षेत्र रखने वाली केवल प्रशासनिक एजेंसी बना दिया।
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