केंद्रीय बजट 2026-27 में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब के लिए कितनी राशि रखी गई है?
- A.150 करोड़ रुपये
- B.250 करोड़ रुपये
- C.500 करोड़ रुपये
- D.1,000 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 250 करोड़ रुपये है। यह राशि देश के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 महाविद्यालयों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स कंटेंट क्रिएटर लैब बनाने के लिए रखी गई है, और मुंबई का भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान नोडल एजेंसी के रूप में इसका नियोजन, समन्वय तथा कार्यान्वयन करेगा। इन लैब का उद्देश्य विद्यार्थियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और डिजिटल सामग्री निर्माण के उद्योग-स्तरीय साधनों का व्यावहारिक अभ्यास देना है। विकल्प A आँकड़े को कम कर देता है। विकल्प C महाविद्यालयों की संख्या 500 को ही करोड़ रुपये में दोहरा देता है, और जल्दबाजी में पढ़ने वाला परीक्षार्थी ठीक इसी जाल में फँसता है। विकल्प D एक गोल आँकड़ा है, जो इस मद में बजट ने नहीं दिया। राशि को 15,000 विद्यालय और 500 महाविद्यालय के साथ जोड़कर याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: एवीजीसी क्रिएटर लैब के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान
अभ्यास प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन विस्तारित वास्तविकता (एक्सआर) के तीन रूपों में शामिल नहीं है?
- A.वर्चुअल रिएलिटी
- B.ऑगमेंटेड रिएलिटी
- C.हैप्टिक रिएलिटी
- D.मिक्स्ड रिएलिटी
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विस्तारित वास्तविकता उन तकनीकों का समूहवाचक नाम है, जो कंप्यूटर प्रणालियों तथा पहनने योग्य उपकरणों के जरिये वास्तविक और डिजिटल परिवेश को जोड़ती हैं, और इसके तीन सदस्य हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एवीजीसी प्रोत्साहन कार्यबल का गठन अप्रैल 2022 में किस मंत्रालय ने किया था?
- A.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- B.सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
- C.संचार मंत्रालय
- D.संस्कृति मंत्रालय
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इसी मंत्रालय ने अप्रैल 2022 में एवीजीसी प्रोत्साहन कार्यबल गठित किया, जिसमें उद्योग, शिक्षा जगत तथा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं, और जिसके तीन सिद्धांत हैं: सार्वजनिक-निजी सहयोग, अंतर-मंत्रालयी अभिसरण तथा क्षेत्र के विकास का समग्र दृष्टिकोण।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यह परियोजना प्रणोदन तकनीक को किस प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर तक पहुंचाना चाहती है?
- A.स्तर छह
- B.स्तर सात
- C.स्तर आठ
- D.स्तर नौ
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इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रणोदन तकनीक को प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर छह से, जहां कोई प्रणाली किसी प्रासंगिक परिवेश में सिद्ध हो चुकी होती है, स्तर नौ तक ले जाना है, जहां वह उड़ान में परखी जा चुकी होती है और व्यापक उपयोग के लिए तैयार मानी जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मनस्तु स्पेस की ग्रीन प्रोपल्शन प्रणाली किस प्रणोदक पर आधारित है?
- A.हाइड्राजीन
- B.द्रव हाइड्रोजन
- C.योजकों के साथ हाइड्रोजन पेरोक्साइड
- D.केरोसिन और द्रव ऑक्सीजन
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इस प्रणाली को हरित प्रणोदन समाधान बताया गया है, जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड पर आधारित प्रणोदक का उपयोग करता है और उसमें कुछ योजक मिलाए जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने आरडीआई कोष के तहत मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज को कितनी सहायता मंजूर की है?
- A.96 करोड़ रुपये
- B.116 करोड़ रुपये
- C.277.63 करोड़ रुपये
- D.350 करोड़ रुपये
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने नवी मुंबई की मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुसंधान विकास एवं नवाचार कोष से 116 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का समझौता किया है और यह राशि वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण के रूप में…
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