कशेरुकियों में किस अंग की कोशिकाओं की चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका विषैले यौगिकों के विषहरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
- A.प्लीहा
- B.आँत
- C.वृक्क
- D.यकृत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, यकृत। यकृत की कोशिकाओं (हेपैटोसाइट) में चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका प्रचुर होती है, जिसके एंज़ाइम दवाओं, ऐल्कोहॉल और विषों को हानिरहित रूपों में तोड़ते हैं।
अंतःप्रद्रव्यी जालिका (ER) कोशिकाद्रव्य में झिल्लियों का जाल है। खुरदरी ER पर राइबोसोम लगे रहते हैं और वह प्रोटीन बनाती है, जबकि चिकनी ER पर राइबोसोम नहीं होते; वह लिपिड और स्टेरॉयड बनाती है और विषहरण करती है। यकृत की चिकनी ER में साइटोक्रोम P450 जैसे एंज़ाइम होते हैं, जो वसा में घुलने वाले विषों को जल में घुलनशील पदार्थों में बदलते हैं, जिन्हें वृक्क मूत्र के साथ बाहर निकाल देते हैं। ऐल्कोहॉल या कुछ दवाओं के नियमित सेवन से यकृत कोशिकाओं की चिकनी ER बढ़ जाती है।
A गलत है: प्लीहा रक्त को छानती है और पुरानी लाल रक्त कोशिकाएँ हटाती है; यह मुख्य विषहरण अंग नहीं है।
B गलत है: आँत भोजन का पाचन और अवशोषण करती है।
C गलत है: वृक्क पहले से जल में घुलनशील अपशिष्ट निकालते हैं, इस तरह रासायनिक विषहरण नहीं करते।
परीक्षा टिप: खुरदरी ER = प्रोटीन संश्लेषण; चिकनी ER = लिपिड और विषहरण, जो यकृत कोशिकाओं में सबसे विकसित है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपवन की गति किससे मापी जाती है?
- A.पवन दिग्दर्शक (विंड वेन)
- B.पवन आरेख (विंड रोज़)
- C.बैरोमीटर
- D.एनीमोमीटर
उत्तर देखें
एनीमोमीटर (पवनवेगमापी) से पता चलता है कि हवा कितनी तेज चल रही है; इसका नाम यूनानी शब्द 'एनेमोस' से बना है, जिसका अर्थ है हवा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीरे की चमक किसके कारण होती है?
- A.प्रकाश का व्यतिकरण
- B.प्रकाश का विवर्तन
- C.प्रकाश का ध्रुवण
- D.प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन
उत्तर देखें
तराशे हुए हीरे में प्रवेश करने वाला प्रकाश बाहर निकलने से पहले उसके भीतर बार-बार परावर्तित होता है, जिससे पत्थर चमकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युतचुंबकीय तरंग नहीं है?
- A.प्रकाश तरंग
- B.रेडियो तरंग
- C.ध्वनि तरंग
- D.सूक्ष्म तरंग (माइक्रोवेव)
उत्तर देखें
ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे चलने के लिए माध्यम चाहिए, जबकि बाकी तीनों विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं। ध्वनि वायु, जल या ठोस में संपीडन और विरलन वाली अनुदैर्ध्य तरंग के रूप में चलती है, इसीलिए यह निर्वात में नहीं जा सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विद्युतचुंबकीय तरंग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.विद्युतचुंबकीय तरंग ऊर्जा और संवेग का परिवहन करती है
- B.विद्युतचुंबकीय तरंग ध्रुवित और परावर्तित हो सकती है
- C.विद्युतचुंबकीय तरंग अनुदैर्ध्य होती है
- D.विद्युतचुंबकीय तरंग का संचरण परिवर्ती विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा वर्णित होता है
उत्तर देखें
विद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यह कथन असत्य है। विद्युतचुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत दोलन करते हैं और दोनों तरंग के चलने की दिशा के भी लंबवत होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
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