मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

करेला झील से 4600 वर्षों के मानसून और पर्यावरणीय इतिहास का पुनर्निर्माण किस संस्थान ने किया?

  1. A.वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान
  2. B.बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान
  3. C.राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान
  4. D.भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान

सही उत्तर

B. बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान

व्याख्या

सही उत्तर बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान है, जो लखनऊ में स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान है। इसके वैज्ञानिकों ने करेला झील पर स्थिर समस्थानिकों, वनस्पति परिवर्तनों तथा पुरातात्विक और अवसादी अभिलेखों की मदद से पुरा-पर्यावरणीय स्थितियों का पता लगाया और हजारों वर्ष पुराना अभिलेख तैयार किया। विकल्प A वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान मुख्य रूप से हिमालय के भूविज्ञान पर काम करता है। विकल्प C राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान भारत के आसपास के समुद्रों का अध्ययन करता है। विकल्प D भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान वर्तमान मानसून व्यवहार का मॉडल बनाता है, प्राचीन जलवायु का पुनर्निर्माण नहीं करता। बीरबल साहनी संस्थान को पुराविज्ञान, परागकण अध्ययन और प्राचीन जलवायु से जोड़कर याद रखें। यह अध्ययन जर्नल ऑफ एशियन अर्थ साइंसेज में प्रकाशित हुआ और इसमें मध्य गंगा मैदान की छोटी झीलों को संवेदनशील प्राकृतिक अभिलेखागार बताया गया।

पूरा लेख पढ़ें: बीएसआईपी ने 4600 वर्षों के मानसून इतिहास का पुनर्निर्माण किया

Read in English
Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अध्ययन का स्थल करेला झील किस शहर के पास स्थित है?

  1. A.पटना
  2. B.प्रयागराज
  3. C.लखनऊ
  4. D.कानपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लखनऊ

करेला झील उत्तर प्रदेश में लखनऊ के निकट मोहनलाल गंज के हुलास खेड़ा में स्थित एक गोखुर झील है और मध्य गंगा मैदान में आती है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

अध्ययन में पहचाने गए चार चरणों में निम्नलिखित में से कौन-सी जलवायु घटना शामिल थी?

  1. A.लघु हिमयुग
  2. B.कार्बनी हिमनदन
  3. C.क्रिटेशस तापीय चरम
  4. D.पर्मियन विलुप्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लघु हिमयुग

शोधकर्ताओं ने झील के अभिलेख में चार प्रमुख पर्यावरणीय चरण पहचाने, जो प्रमुख जलवायु घटनाओं से जुड़े हैं और जिनमें लगभग चार दशमलव दो हजार वर्ष पहले की शुष्क घटना, रोमन गर्म अवधि तथा लघु हिमयुग शामिल हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

इस अध्ययन में जिप्सम वाला कौन सा मंगल सदृश रेगिस्तान भारत से बाहर है?

  1. A.अटाकामा रेगिस्तान, चिली
  2. B.सहारा रेगिस्तान, अफ्रीका
  3. C.गोबी रेगिस्तान, मंगोलिया
  4. D.कालाहारी रेगिस्तान, बोत्सवाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अटाकामा रेगिस्तान, चिली

वहां और तमिलनाडु के अर्ध-शुष्क भूवैज्ञानिक एवं पुराजलवायु क्षेत्र तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स में जिप्सम की पहचान हुई, इसलिए दोनों स्थान अतीत की जल गतिविधि के अध्ययन के लिए मंगल सदृश स्थल माने गए हैं।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

लेजर रामन स्पेक्ट्रोमीटर से मंगल सदृश स्थलों की पहचान किस संस्थान के दल ने की?

  1. A.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
  2. B.केरल विश्वविद्यालय, भूविज्ञान विभाग
  3. C.भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु
  4. D.राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केंद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केरल विश्वविद्यालय, भूविज्ञान विभाग

इस शोध में प्रयुक्त लेजर रामन स्पेक्ट्रोमीटर इसी विभाग में डीएसटी-फिस्ट कार्यक्रम के तहत उपलब्ध है, और शोध दल का नेतृत्व डीएसटी-फिस्ट के परियोजना समन्वयक डॉ. सजिन कुमार के. एस. ने किया।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

तमिलनाडु के नेवेली को मंगल सदृश स्थल सिद्ध करने में किस खनिज की पहचान सहायक रही?

  1. A.मेलेंटेराइट
  2. B.जिप्सम
  3. C.हेमेटाइट
  4. D.ओलिवीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेलेंटेराइट

नेवेली में यह खनिज लिग्नाइट की परत में मौजूद मार्कासाइट से सल्फाइड ऑक्सीकरण के जरिये बनता है और अल्पकालिक आर्द्र, अम्लीय तथा ऑक्सीकारक परिस्थितियों को दर्ज करता है।